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Women's U19 WC: 11 साल की उम्र में पकड़ा बैट, तीन साल लड़कों के साथ खेली, विश्व कप में कमाल करेगी कोहली की फैन
Mon, 05 Dec 2022 04:54 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 05 Dec 2022 04:54 PM IST
सार
सौम्या ने तीन साल तक लड़कों के साथ प्रैक्टिस की। इसके बाद उन्हें मध्यप्रदेश की महिला टीम में जगह मिली। यहां से उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया और कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
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सौम्या तिवारी (बाएं) और उनकी साथी खिलाड़ी हर्ले गाला (दाएं)
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अंडर-19 महिला टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का एलान हो चुका है। शेफाली वर्मा को टीम के कमान सौंपी गई है। इस टीम में मध्यप्रदेश की सौम्या तिवारी भी शामिल हैं। मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने वाली सौम्या तिवारी विराट कोहली की बहुत बड़ी फैन हैं। वह भारत के पूर्व कप्तान की इतनी प्रशंसा करती हैं कि उनके टीम की साथी अक्सर उन्हें 'अपनी विराट' कहते हैं।
सौम्या के साथी भले ही उन्हें मजाक में विराट कहते हों, लेकिन सौम्या को यह सुनकर बहुत अच्छा लगता है। वह कोहली की तरह 18 नंबर की जर्सी पहनती हैं और उन्हीं की तरह बल्लेबाजी करने की कोशिश करती हैं। भोपाल की इस युवा क्रिकेटर का कहना है कि वह दबाव भरे हालातों में विराट की पारियां याद करती हैं और सोचती हैं कि विराट इस स्थिति में कैसे खेलते। इसी सोच के साथ खेलते हुए वह घरेलू क्रिकेट में कई बार लक्ष्य का पीछा करते हुए कमाल कर चुकी हैं।
सौम्या का कहना है कि वह जब भी विराट को बल्लेबाजी करते देखती हैं तो उन्हें एक या दो नई चीजें पता चल जाती हैं। एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बातचीत में सौम्या ने बताया कि एक घरेलू मैच में उनकी टीम ने 192 रन का पीछा करते हुए 35 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद भी उनकी टीम लक्ष्य का पीछा करने में सफल रही। इस मैच के दौरान वह यही सोच रहीं थीं कि इस स्थिति में विराट कैसे खेलेंगे। इससे उन्हें लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली।
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सौम्या के साथी भले ही उन्हें मजाक में विराट कहते हों, लेकिन सौम्या को यह सुनकर बहुत अच्छा लगता है। वह कोहली की तरह 18 नंबर की जर्सी पहनती हैं और उन्हीं की तरह बल्लेबाजी करने की कोशिश करती हैं। भोपाल की इस युवा क्रिकेटर का कहना है कि वह दबाव भरे हालातों में विराट की पारियां याद करती हैं और सोचती हैं कि विराट इस स्थिति में कैसे खेलते। इसी सोच के साथ खेलते हुए वह घरेलू क्रिकेट में कई बार लक्ष्य का पीछा करते हुए कमाल कर चुकी हैं।
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सौम्या का कहना है कि वह जब भी विराट को बल्लेबाजी करते देखती हैं तो उन्हें एक या दो नई चीजें पता चल जाती हैं। एक स्पोर्ट्स वेबसाइट से बातचीत में सौम्या ने बताया कि एक घरेलू मैच में उनकी टीम ने 192 रन का पीछा करते हुए 35 रन के स्कोर पर पांच विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद भी उनकी टीम लक्ष्य का पीछा करने में सफल रही। इस मैच के दौरान वह यही सोच रहीं थीं कि इस स्थिति में विराट कैसे खेलेंगे। इससे उन्हें लक्ष्य का पीछा करने में काफी मदद मिली।
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2016 में की शुरुआत
सौम्या ने 2016 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। हालांकि, तब उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने के बारे में नहीं सोचा था। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान उनकी बड़ी बहन साक्षी उन्हें एक प्रसिद्ध स्थानीय कोच सुरेश चेनानी के पास ले गईं। लेकिन उस समय, चेनानी की अकादमी में महिला क्रिकेटरों के लिए सुविधाएं नहीं थीं। इस वजह से सौम्या को कई बार कोच चेनानी से मिलना पड़ा। इसके बाद चेनानी को लगा कि सौम्या के अंदर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की क्षमता है।
11 साल की सौम्या को कोच ने 14 साल के लड़कों के साथ अभ्यास करने का मौका दिया और सौम्या राजी हो गईं। तीन साल तक लड़कों के साथ प्रैक्टिस करने के बाद राज्य के चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी और 13 साल की उम्र में सौम्या को मध्यप्रदेश की अंडर -23 टीम में जगह मिल गई।
सौम्या ने 2016 में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। हालांकि, तब उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने के बारे में नहीं सोचा था। गर्मियों की छुट्टियों के दौरान उनकी बड़ी बहन साक्षी उन्हें एक प्रसिद्ध स्थानीय कोच सुरेश चेनानी के पास ले गईं। लेकिन उस समय, चेनानी की अकादमी में महिला क्रिकेटरों के लिए सुविधाएं नहीं थीं। इस वजह से सौम्या को कई बार कोच चेनानी से मिलना पड़ा। इसके बाद चेनानी को लगा कि सौम्या के अंदर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने की क्षमता है।
11 साल की सौम्या को कोच ने 14 साल के लड़कों के साथ अभ्यास करने का मौका दिया और सौम्या राजी हो गईं। तीन साल तक लड़कों के साथ प्रैक्टिस करने के बाद राज्य के चयनकर्ताओं की नजर उन पर पड़ी और 13 साल की उम्र में सौम्या को मध्यप्रदेश की अंडर -23 टीम में जगह मिल गई।
सौम्या के पिता भी स्थानीय डिवीजन क्रिकेट खेल चुके हैं और उन्होंने बेटी को इस खेल में करियर बनाने के लिए काफी प्रेरित किया। सौम्या का कहना है कि उनका परिवार हमेशा उनके सपने को पूरा करने में मददगार रहा है।
इस साल अप्रैल में सौम्या ने मध्य प्रदेश की सीनियर महिला टीम में पदार्पण किया और भारत की अंडर-19 महिला टीम का एक अभिन्न हिस्सा रही हैं। अब वह जनवरी में पहले महिला अंडर-19 विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीका जाएंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाने की कोशिश करेंगी।
सौम्या भविष्य को लेकर ज्यादा नहीं सोचती हैं। वह कोहली से प्रेरणा लेकर बल्लेबाजी करना चाहती हैं और जिस भी टीम के लिए खेलें, उसे जीत दिलाना चाहती हैं।
इस साल अप्रैल में सौम्या ने मध्य प्रदेश की सीनियर महिला टीम में पदार्पण किया और भारत की अंडर-19 महिला टीम का एक अभिन्न हिस्सा रही हैं। अब वह जनवरी में पहले महिला अंडर-19 विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीका जाएंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम बनाने की कोशिश करेंगी।
सौम्या भविष्य को लेकर ज्यादा नहीं सोचती हैं। वह कोहली से प्रेरणा लेकर बल्लेबाजी करना चाहती हैं और जिस भी टीम के लिए खेलें, उसे जीत दिलाना चाहती हैं।