कोहली, शास्त्री ने क्यूरेटर दलजीत सिंह को सम्मानित किया, 22 साल की सेवा के बाद हुए रिटायर
कप्तान विराट कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री ने हाल ही में रिटायर हुए क्यूरेटर दलजीत सिंह को बुधवार को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच दूसरे टी20 क्रिकेट मैच से पहले सम्मानित किया। 77 बरस के दलजीत इसी महीने बीसीसीआई के मुख्य क्यूरेटर के पद से रिटायर हुए हैं। उन्होंने भारतीय क्रिकेट को 22 साल अपनी सेवायें दी।
#TeamIndia Captain @imVkohli & Head Coach @RaviShastriOfc felicitate BCCI Chief Curator Daljit Singh for his unparalleled services to Indian Cricket. pic.twitter.com/H28lxdsnuF
— BCCI (@BCCI) September 18, 2019विज्ञापन
कोहली और शास्त्री ने उन्हें एक स्मृति चिन्ह प्रदान किया। दलजीत ने पंजाब के लिए 87 प्रथम श्रेणी मैच भी खेले हैं।
व्यवस्था में बदलाव से खुश
रिटायरमेंट के बाद दलजीत सिंह ने व्यवस्था में आए बदलाव पर खुशी जताई, जिसमें उन्हें महज 'माली' के तौर पर नहीं देखा जाता बल्कि पूरा सम्मान दिया जाता है। पूर्व प्रथम श्रेणी क्रिकेटर दलजीत भले ही अब बीसीसीआई की पिच समिति में शामिल नहीं हों लेकिन फिर भी उन्हें 22 गज की पिच से दूर रखना मुश्किल है।
गर्म मौसम या धूप से नहीं तकलीफ
वह पंजाब क्रिकेट संघ (PCA) की पिच समिति के प्रमुख के तौर पर बने हुए हैं और बुधवार को यहां भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की तैयारियों को देख रहे थे। खिलाड़ियों के लिए भले ही मौसम गर्म और उमस भरा हो लेकिन दलजीत को इससे कोई परेशानी नहीं दिखती। उन्होंने कहा, 'मैं अब भी व्यायाम करता हूं। मुझे अगर धूप में खड़ा होना है तो मुझे ऐसा करना ही पड़ेगा।'
'माली' के तौर पर देखा जाता था
पीसीए और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष आई एसबिंद्रा ने 1993 में मोहाली में भारत की सबसे तेज पिच तैयार करने के लिए उन्हें चुना था और अगले चार वर्षों में दलजीत 1997 में बीसीसीआई की पहली पिच समिति का हिस्सा बन गए।
दलजीत ने कहा, 'यह कहने में कोई गुरेज नहीं कि भारतीय क्रिकेट ने लंबा सफर तय किया है, जिसमें क्यूरेटर का काम भी शामिल है। पहले मैदानकर्मियों को सिर्फ 'माली' के तौर पर देखा जाता था, जिन्हें वेतन भी नहीं दिया जाता था लेकिन अब हमारे पास एक प्रणाली है, जिससे अब (2012 के बाद से) प्रमाणित क्यूरेटर ही होते हैं।'
उन्होंने बीसीसीआई के चार स्तरीय प्रमाण कोर्स का जिक्र किया जिसमें मैदानकर्मी को क्यूरेटर बनने से पहले इसमें पास होना होता है। उन्होंने कहा, 'अंपायरों की तरह अब क्यूरेटरों को भी कोर्स के जरिए रखा जाता है।' अभी बीसीसीआई से प्रमाणित करीब 100 क्यूरेटर देश में काम कर रहे हैं।