बचपन के दोस्त सचिन तेंदुलकर के लिए कांबली का बड़ा बयान, इस कारण के लिए बताया जिम्मेदार
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टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज विनोद कांबली ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने कोचिंग की जिम्मेदारी अपने दोस्त और टीम के साथी रहे सचिन तेंदुलकर के कहने पर संभाली। तेंदुलकर और कांबली कोच रमाकांत आचरेकर के शिष्य हैं और दोनों ने आगे चलकर टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया। तेंदुलकर-कांबली काफी करीबी दोस्त हैं और इससे लोग अच्छी तरह वाकिफ हैं।
कांबली ने तेंदुलकर को क्रिकेट फील्ड पर लौटने का श्रेय दिया। उन्होंने बतौर खिलाड़ी नहीं बल्कि कोच के रूप में क्रिकेट फील्ड पर वापसी की। कांबली ने कहा, 'जब मैंने क्रिकेट से संन्यास लिया, तब मुझे लगा कि कमेंट्री में करियर बनाऊंगा या फर टीवी एक्सपर्ट बनूंगा, लेकिन मेरा प्यार हमेशा से क्रिकेट रहा है और इसलिए फील्ड पर लौटना चाहता था।'
पूर्व बाएं हाथ के बल्लेबाज ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपनी क्रिकेट एकेडमी की लॉन्चिंग के मौके पर कहा, 'सचिन तेंदुलकर को पता है कि मुझे क्रिकेट से कितना प्यार है। इसलिए उन्होंने मुझसे कहा कि कोचिंग क्यों नहीं शुरू करते। मुझे उन्होंने रास्ता दिखाया और मैंने शुरुआत की।'
टेस्ट में एक के बाद दो दोहरे शतक जमाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज कांबली ने कहा, 'तेंदुलकर का मेरी क्रिकेट में वापसी में बड़ा हाथ रहा है। हमने जो भी आचरेकर सर से सीखा है, मेरे ख्याल से समय आ गया है जब वही पाठ युवाओं को देना है। अगर युवा इसका फायदा उठा सके तो अच्छा रहेगा।'
बकौल कांबली, 'आचरेकर सर ने जो सीखाया, वो युवाओं को सिखाना चाहता हूं ताकि आगे चलकर वह लोग भी देश का प्रतिनिधित्व करें। एक कहावत है कि प्रैक्टिस व्यक्ति को परफेक्ट बनाती है, लेकिन आचरेकर सर कहते थे परफेक्ट प्रैक्टिस ही व्यक्ति को परफेक्ट बनाती है। सफलता का यही मंत्र मैं युवाओं को देना चाहूंगा। मैंने और सचिन ने भी इस पर विश्वास किया और सफलता हासिल की।'