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Ranji Trophy: विदर्भ ने रणजी इतिहास का सबसे छोटा लक्ष्य बचाया, गुजरात को 54 रन पर समेट मैच जीता
Thu, 19 Jan 2023 04:10 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 19 Jan 2023 04:10 PM IST
सार
विदर्भ से पहले बिहार ने 1948-49 में दिल्ली के खिलाफ 78 रन का स्कोर बचाया था। अब विदर्भ ने 73 रन का बचाव कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
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विदर्भ रणजी टीम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रणजी ट्रॉफी में विदर्भ की टीम ने 73 रन के स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव कर नया रिकॉर्ड बनाया है। विदर्भ अब रणजी ट्रॉफी में सबसे छोटे स्कोर का बचाव करने वाली टीम बन गई है। विदर्भ ने गुजरात के खिलाफ मैच में 18 रन से जीत हासिल की और छह अंक के साथ अंक तालिका में दूसरे स्थान पर जगह बनाई।
इसी मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला होना है और रणजी ट्रॉफ्री का एक मुकाबला यहां तीन दिन में ही खत्म हो गया। इस मैच में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज आदित्य सरवटे 11 विकेट अपने नाम किए। विदर्भ ने इस मैच में भारत में प्रथम श्रेणी इतिहास में सबसे छोटे स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया। विदर्भ के 73 रन बचाने के से पहले यह रिकॉर्ड बिहार के नाम था। बिहार ने 1948-49 सीजन में जमशेदपुर में दिल्ली के खिलाफ 78 रन का सफलतापूर्वक बचाव किया था।
नागपुर के मैदान में पहले दिन 15 और दूसरे दिन 16 विकेट गिरे। इसके बाद तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले ही मैच खत्म हो गया। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला भी लो स्कोरिंग होने की उम्मीद है।
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इसी मैदान पर भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला होना है और रणजी ट्रॉफ्री का एक मुकाबला यहां तीन दिन में ही खत्म हो गया। इस मैच में बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज आदित्य सरवटे 11 विकेट अपने नाम किए। विदर्भ ने इस मैच में भारत में प्रथम श्रेणी इतिहास में सबसे छोटे स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया। विदर्भ के 73 रन बचाने के से पहले यह रिकॉर्ड बिहार के नाम था। बिहार ने 1948-49 सीजन में जमशेदपुर में दिल्ली के खिलाफ 78 रन का सफलतापूर्वक बचाव किया था।
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नागपुर के मैदान में पहले दिन 15 और दूसरे दिन 16 विकेट गिरे। इसके बाद तीसरे दिन का खेल खत्म होने से पहले ही मैच खत्म हो गया। ऐसे में भारत और ऑस्ट्रेलिया का मुकाबला भी लो स्कोरिंग होने की उम्मीद है।
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73 रन का पीछा नहीं कर पाई गुजरात की टीम
73 रनों का पीछा करते हुए, गुजरात ने तीसरे दिन की सुबह 31 ओवर के अंदर 54 रन बनाकर छह विकेट गंवा दिए। पहली पारी में 64 रन देकर पांच विकेट लेने वाले सरवटे ने दूसरी पारी में 17 रन देकर छह विकेट लिए। उन्होंने मैच में 81 रन देकर 11 विकेट लिए, जो उनके करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। उनके अलावा हर्ष दुबे ने भी 11 रन देकर तीन विकेट लिए।
सिद्धार्थ देसाई ने 18 रन की पारी खेली और वह दोहरे अंक तक पहुंचने वाले गुजरात के एकमात्र बल्लेबाज थे। वह रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ ने अपनी पहली पारी 30.3 ओवरों में 74 रन बनाए थे। पहले दिन लंच के समय गुजरात के तेज गेंदबाज चिंतन गाजा और तेजस पटेल ने पांच-पांच विकेट लिए। इसके जवाब में गुजरात ने अपनी पहली पारी में 256 रन बनाए और 182 रन की बढ़त ली। विदर्भ ने अपनी दूसरी पारी में 254 रन बनाए। विदर्भ के लिए जितेश शर्मा ने 53 गेंदों में 69 रन की पारी खेली, जबकि नंबर नौ के बल्लेबाज नचिकेत भूटे ने भी 66 गेंदों में 42 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गुजरात के सिद्धार्थ देसाई ने 74 रन देकर छह विकेट अपने नाम किए। इसके बाद गुजराती की जीत एक औपचारिकता लग रही थी, लेकिन विदर्भ के स्पिन गेंदबाजों ने कमाल किया और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
73 रनों का पीछा करते हुए, गुजरात ने तीसरे दिन की सुबह 31 ओवर के अंदर 54 रन बनाकर छह विकेट गंवा दिए। पहली पारी में 64 रन देकर पांच विकेट लेने वाले सरवटे ने दूसरी पारी में 17 रन देकर छह विकेट लिए। उन्होंने मैच में 81 रन देकर 11 विकेट लिए, जो उनके करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन है। उनके अलावा हर्ष दुबे ने भी 11 रन देकर तीन विकेट लिए।
सिद्धार्थ देसाई ने 18 रन की पारी खेली और वह दोहरे अंक तक पहुंचने वाले गुजरात के एकमात्र बल्लेबाज थे। वह रन आउट होकर पवेलियन लौटे।
पहले बल्लेबाजी करते हुए विदर्भ ने अपनी पहली पारी 30.3 ओवरों में 74 रन बनाए थे। पहले दिन लंच के समय गुजरात के तेज गेंदबाज चिंतन गाजा और तेजस पटेल ने पांच-पांच विकेट लिए। इसके जवाब में गुजरात ने अपनी पहली पारी में 256 रन बनाए और 182 रन की बढ़त ली। विदर्भ ने अपनी दूसरी पारी में 254 रन बनाए। विदर्भ के लिए जितेश शर्मा ने 53 गेंदों में 69 रन की पारी खेली, जबकि नंबर नौ के बल्लेबाज नचिकेत भूटे ने भी 66 गेंदों में 42 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गुजरात के सिद्धार्थ देसाई ने 74 रन देकर छह विकेट अपने नाम किए। इसके बाद गुजराती की जीत एक औपचारिकता लग रही थी, लेकिन विदर्भ के स्पिन गेंदबाजों ने कमाल किया और अपनी टीम को ऐतिहासिक जीत दिलाई।