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Samvad: कपिल देव से जवागल श्रीनाथ और उनसे वेंकटेश, पीढ़ी दर पीढ़ी सीखते गए तेज गेंदबाज फिर पूरा हुआ सपना
Mon, 07 Aug 2023 07:58 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 07 Aug 2023 07:58 PM IST
सार
वेंकटेश प्रसाद ने बताया है कि वह 13 साल के थे, जब भारतीय टीम विश्व कप जीती थी। उन्होंने यह मैच नहीं देखा था, लेकिन समाचार सुनकर ही काफी उत्साहित हुए थे और बाद में कपिल के साथ खेलने का मौका भी मिला।
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वेंकटेश प्रसाद जवागल श्रीनाथ
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अमर उजाला संवाद में पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने अपने करियर से जुड़ी कई यादें साझा कीं। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मैच में आमिर सोहेल को आउट करने की घटना बताई फिर कपिल देव से प्रेरणा लेने की बात भी याद की। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे कपिल देव ने जवागल श्रीनाथ को तेज गेंदबाजी का बारीकियां सिखाईं और बाद में श्रीनाथ ने यही बारीकियां उन्हें सिखाईं। हालांकि, लगातार चोटिल होने वाले युवा खिलाड़ियों को लेकर प्रसाद ने कहा कि अनुशासन की कमी के चलते खिलाड़ी ज्यादा चोटिल होते हैं।
वेंकटेश प्रसाद और जवागल श्रीनाथ की जोड़ी क्रिकेट जगत की यागदार जोड़ियों में शामिल है। इन दोनों ने मिलकर लंबे समय तक विपक्षी बल्लेबाजों की नाक में दम कर रखा था। ये गेंदबाज हमेशा हावी रहते थे और कभी भी बल्लेबाजों को खुद पर दबाव नहीं बनाने देते थे। इस पर बात करते हुए वेंकटेश प्रसाद ने बताया "कपिल देव सिर्फ मेरे या जवागल श्रीनाथ के लिए नहीं, वे पूरी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। 1983 की जीत ने सबको प्रेरित किया। उस वक्त टीवी नहीं होते थे। मैं महज 13 साल का था। तब खबरों में हम जो सुन रहे थे, वह हमें हौसला दे रही थीं। कपिल देव मेरे रोल मॉडल थे। तब हर कोई कपिल देव बनना चाहता था। फिटनेस, अनुशासन के मामले में भी वे आगे थे। जब मैंने उनके साथ खेला तो सपना पूरे होने जैसा था। 1994 में जब उनके साथ गेंदबाजी की तो सपना सच हो गया।"
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प्रसाद ने आगे कहा "जहां तक श्रीनाथ की बात है तो वह मुझसे पहले खेल चुके थे। मैंने 1994 में डेब्यू किया था। वह 1991 में पहली बार खेले थे। मैंने जवागल से काफी कुछ सीखा। वह कपिल देव से सीखते थे। जब मैंने कपिल देव और श्रीनाथ के साथ खेला तो काफी कुछ सीखा। भारत में अब तक जितने तेज गेंदबाज हुए, उनमें श्रीनाथ सबसे तेज थे।"
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वेंकटेश प्रसाद और जवागल श्रीनाथ की जोड़ी क्रिकेट जगत की यागदार जोड़ियों में शामिल है। इन दोनों ने मिलकर लंबे समय तक विपक्षी बल्लेबाजों की नाक में दम कर रखा था। ये गेंदबाज हमेशा हावी रहते थे और कभी भी बल्लेबाजों को खुद पर दबाव नहीं बनाने देते थे। इस पर बात करते हुए वेंकटेश प्रसाद ने बताया "कपिल देव सिर्फ मेरे या जवागल श्रीनाथ के लिए नहीं, वे पूरी पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत रहे हैं। 1983 की जीत ने सबको प्रेरित किया। उस वक्त टीवी नहीं होते थे। मैं महज 13 साल का था। तब खबरों में हम जो सुन रहे थे, वह हमें हौसला दे रही थीं। कपिल देव मेरे रोल मॉडल थे। तब हर कोई कपिल देव बनना चाहता था। फिटनेस, अनुशासन के मामले में भी वे आगे थे। जब मैंने उनके साथ खेला तो सपना पूरे होने जैसा था। 1994 में जब उनके साथ गेंदबाजी की तो सपना सच हो गया।"
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प्रसाद ने आगे कहा "जहां तक श्रीनाथ की बात है तो वह मुझसे पहले खेल चुके थे। मैंने 1994 में डेब्यू किया था। वह 1991 में पहली बार खेले थे। मैंने जवागल से काफी कुछ सीखा। वह कपिल देव से सीखते थे। जब मैंने कपिल देव और श्रीनाथ के साथ खेला तो काफी कुछ सीखा। भारत में अब तक जितने तेज गेंदबाज हुए, उनमें श्रीनाथ सबसे तेज थे।"