डॉन से भी आगे निकले स्मिथ, उमेश के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड
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सिडनी टेस्ट मैच के पहले साढ़े तीन दिनों में ऑस्ट्रेलिया और भारत ने शानदार बल्लेबाजी का नजारा पेश करते हुए 1047 रन बना डाले। यह सीरीज दोनों टीमों के बल्लेबाजों के लिए बेहद खास रहा है और इन दोनों टीमों ने रिकॉर्ड 8 बार जारी सीरीज में 400 से ज्यादा का स्कोर किया है।
हालांकि भारत शुरुआती दोनों टेस्ट मैच गंवाकर सीरीज से पहले ही हाथ धो बैठा है लेकिन मेलबर्न के बाद अगर वह सिडनी टेस्ट भी ड्रॉ करा लेता है तो उसकी हार का अंतर कम हो जाएगा। सीरीज का चौथा मैच बेहद निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है खेल के चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने आतिशी बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया पर 348 रनों की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है।
ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी के आधार पर 97 रनों की बढ़त मिली थी लेकिन दूसरी पारी में उसके बल्लेबाजों ने अप्रत्याशित रूप से आतिशी पारी खेलते हुए महज 40 ओवर में 251 रन बना लिए हैं। हालांकि इस दौरान मेजबान बल्लेबाजों ने उमेश यादव की इस कदर धुनाई कर दी कि उनके नाम एक शर्मनाक रिकॉर्ड ही दर्ज हो गया।
उमेश के लिए अच्छा नहीं रहा चौथा दिन
चौथे दिन के खेल के दूसरे सत्र तक मैच में सब कुछ सामान्य था लेकिन टी-ब्रेक के बाद नजारा बदला हुआ नजर आया। कंगारू बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों पर जमकर प्रहार कर रहे थे। हालांकि अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी के दूसरे ओवर में विकेट झटककर जोरदार शुरुआत कराई थी।
कप्तान विराट कोहली ने आज 5 गेंदबाजों को गेंदबाजी का मौका दिया, लेकिन उनमें से भुवनेश्वर कुमार, आर अश्विन और मोहम्मद शमी ने 5 रन प्रति ओवर के हिसाब से रन लुटाए। सबसे खराब हालत तो रही तेज गेंदबाज उमेश यादव की जिन्होंने 3 ओवर डाले और 45 रन खर्च कर दिए। उनके डाले 18 गेंदों में से 10 गेंद को तो बल्लेबाजों ने सीमारेखा के पार पहुंचाया।
उनकी पहली ही गेंद पर विपक्षी कप्तान स्टीवन स्मिथ ने चौका लगाकर उमेश की शुरुआत खराब की, इसके बाद उन्होंने इस ओवर में 3 और चौके लगाए। पहले ओवर में 17 रन देने के बाद कप्तान ने उन्हें कुछ देर तक गेंदबाजी से दूर रखा और जब वह दूसरा ओवर डालने आए तो उन्होंने 2 चौके समेत 10 रन खर्च कर डाले। इसके बाद उनके तीसरे ओवर में जोए बर्न्स ने लगातार 4 चौके ठोंक दिए। उमेश ने इस ओवर में 18 रन लुटाए।
टेस्ट इतिहास में किसी पारी के शुरुआती 3 ओवर में किसी भी गेंदबाज का यह सबसे खराब प्रदर्शन है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज माइकल कास्प्रोविच के नाम यह अनचाहा रिकॉर्ड दर्ज था, उन्होंने 27 नवंबर, 2007 को न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 ओवर में 33 रन लुटाए थे। दक्षिण अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ ने 2007 मे कराची में पाकिस्तान के खिलाफ जब गेंदबाजी करने उतरे तो उन्होंने भी शुरू के 3 ओवर में 33 दे डाले।
गेंदबाजों के लिए रही सबसे बुरी टेस्ट सीरीज
सिर्फ भारतीय गेंदबाजों के लिए ही यह सीरीज खराब नहीं रही है। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज इस बार भारतीय बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में नाकाम रहे हैं। रनों के लिहाज से यह सीरीज अब तक की सबसे महंगी सीरीज साबित हो रही है। सिडनी टेस्ट में ही अब तक 7 गेंदबाज (5 बार भारतीय गेंदबाज) एक पारी में सौ रन से ज्यादा रन लुटा चुके हैं।
भारतीय फिरकी गेंदबाज आर अश्विन तो दोनों ही पारियों में सौ से ज्यादा रन दिए हैं। उन्होंने पहली पारी में 142 और दूसरी पारी में 105 रन लुटाए।
चार मैचों की इस टेस्ट सीरीज में अब तक 24 बार गेंदबाजों ने 100 से ज्यादा रन दिए हैं। इससे पहले 1924-25 में खेली गई 5 मैचों की एशेज सीरीज में 23 का रिकॉर्ड बना था।
ऑस्ट्रेलिया ने चौथे दिन के अंतिम सत्र में 34 ओवर में ही 213 रन जोड़ लिए, जिससे उसकी भारत पर कुल 348 रनों की बढ़त हो चुकी है।
डॉन ब्रेडमैन से भी आगे निकल गए स्मिथ
दूसरी ओर, यह सीरीज कप्तानों की शानदार पारियों के लिए याद की जाएगी। चौथे दिन भारतीय कप्तान विराट कोहली 147 रन बनाकर आउट हुए। तो इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई पारी के दौरान जब उसके कप्तान स्टीवन स्मिथ आए तो सभी की निगाह इस पर थी कि सीरीज की अंतिम पारी में वह क्या कर पाते हैं।
उन्होंने अपने प्रशंसकों को निराश तो नहीं किया लेकिन भारतीय गेंदबाजों के लिए एक बार फिर वह बेहद खतरनाक साबित हुए। उन्होंने महज 44 गेंदों में अर्धशतक ठोक दिया। कप्तान ने टीम के लिए तेजी से रन बनाना शुरू किया हालांकि वह 71 रन के निजी स्कोर पर मोहम्मद शमी की गेंद पर पगबाधा हो गए।
आउट होने से उन्होंने पहले कुछ और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया। उन्होंने इस सीरीज में कुल 769 रन बनाए, जो चार मैचों या उससे कम की टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है।
बतौर गेंदबाज अपना करियर शुरू करने वाले इस युवा कप्तान के नाम एक और दिलचस्प रिकॉर्ड जुड़ गया। अपनी 71 रनों की अर्धशतकीय पारी के दौरान उन्होंने महान बल्लेबाज डॉन ब्रेडमैन को भी पीछे छोड़ दिया। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड ब्रेडमैन (715) के नाम दर्ज था। हालांकि उन्होंने यह रिकॉर्ड 1947 में 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के दौरान बनाई थी। तब डॉन ने 4 शतक और एक अर्धशतक ठोंके थे।