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सचिन और आप भी याद करना चाहेंगे आज का वो दिन
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 14 Aug 2013 04:13 PM IST
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आज का दिन क्रिकेट जगत के सबसे महान दिनों में एक है। 23 साल पहले आज ही के दिन एक ऐसे युग की शुरुआत हुई जिसने सफलता की नई इबारत लिखी।
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मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने 15 नवंबर 1989 को 16 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। लेकिन उनके बल्ले से पहला शतक कॅरियर की शुरुआत करने के नौ महीने बाद आया।
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आज 14 अगस्त है और आज ही के दिन तेंदुलकर के बल्ले से पहला शतक निकला था। तेंदुलकर ने 1990 में इंग्लैंड दौरे के दौरान तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे टेस्ट में शतक जमाया था।
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मैनचेस्टर में खेले गए सीरीज के दूसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन भारत की दूसरी पारी के दौरान उन्होंने उस समय शतक लगाया जब टीम संकट में थी। उन्हीं की शतक की बदौलत भारत यह मैच आराम से ड्रॉ करा पाने में सफल रहा।
महज 17 साल की उम्र में तेंदुलकर ने टेस्ट क्रिकेट में अपना पहला शतक लगाया। इस शतक के बाद तेंदुलकर ने दो दशक से भी ज्यादा के अपने बेमिसाल कॅरियर में सौ शतकों का 'एवरेस्ट' भी खड़ा किया।
टेस्ट क्रिकेट में 198 मैच खेल चुके तेंदुलकर अब तक 51 शतक के साथ-साथ 67 अर्द्धशतक भी लगा चुके हैं। टेस्ट के अलावा वनडे में भी उन्होंने 463 मैचों में रिकॉर्ड 49 शतक लगाए। शतकों के मामले में तेंदुलकर के नाम विश्व रिकॉर्ड दर्ज है।
मैनचेस्टर में लगा पहला शतक
नौ अगस्त से शुरू हुए इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट की पहली पारी में भी उन्होंने टीम के लिए उपयोगी योगदान दिया और 68 रन बनाए थे। इंग्लैंड ने इस मैच में टीम इंडिया के सामने जीत के लिए 408 रनों का विशाल लक्ष्य रखा।
जवाब में भारत की शुरुआत खराब रही। लेकिन इसके बाद तेंदुलकर ने एक छोर संभालते हुए टीम को आराम से मैच में बराबरी पर ला दिया।
मैच के पांचवें दिन 14 अगस्त को ही तेंदुलकर ने शानदार शतक लगाया। मैच खत्म होने के समय तेंदुलकर 189 गेंदों में 119 रन बनाकर मनोज प्रभाकर (67) के साथ अविजित लौटे।
भारत के छह विकेट 183 रन पर गिर गए थे उस समय तेंदुलकर ने प्रभाकर के साथ सातवें विकेट के लिए अविजित 160 रनों की साझेदारी की।
इसी टेस्ट मैच से महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। तेंदुलकर को चौथी पारी में लगाए शानदार शतक के लिए मैन ऑफ द मैच अवार्ड से नवाजा भी गया।