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INDvWI: भारतीय क्रिकेट में बड़ा बदलाव, अब थर्ड अंपायर देंगे पैर की नो बॉल का फैसला
Thu, 05 Dec 2019 03:53 PM IST
अंशुल तलमले
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 05 Dec 2019 03:53 PM IST
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नो बॉल पर ऐतिहासिक फैसला
- फोटो : ट्विटर
भारत-वेस्टइंडीज के बीच कल से शुरू होने जा रही टी-20 सीरीज ऐतिहासिक बदलाव के साथ खेली जाएगी। अब गेंदबाज द्वारा फेंकी जाने वाली फ्रंट फुट नो बॉल का निर्णय मैदानी अंपायर की बजाय थर्ड अंपायर करेंगे। आईसीसी ने गुरुवार को इस क्रांतिकारी फैसले की घोषणा की। यह व्यवस्था टी-20 सीरीज के बाद वन-डे श्रृंखला में भी अमल में आएगी। आईसीसी ने कहा कि करीबी मामले में संदेह का लाभ गेंदबाज के पास होगा।
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फिलहाल इस नियम को ट्रायल के तौर पर लागू किया जा रहा है। अगर यह नया नियम सफल रहता है तो फिर मैदानी अंपायर से आगे के पैर की नो बॉल देने का अधिकार छीन जाएगा। अक्सर देखा जाता है कि मैदानी अंपायर कई बार नो बॉल को नहीं देख पाते हैं और खिलाड़ियों को आउट दे दिया जाता है।
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कई बार इसका असर मैच की आखिरी गेंद पर भी पड़ा है, जब गेंद नो होनी चाहिए थी, लेकिन बल्लेबाज को आउट दे दिया जाता है। इसके अलावा जो गेंद फ्री हिट होनी थी, उस पर विकेट मिल जाता है क्योंकि उसके पिछली गेंद अंपायर ने नहीं देखी थी कि वो गेंद नो थी।
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आईसीसी ने एक बयान में कहा, 'पूरे परीक्षण के दौरान, थर्ड अंपायर गेंदबाज की हर गेंद की निगरानी करने और यह पहचानने के लिए जिम्मेदार होगा कि क्या कोई फ्रंट फुट उल्लंघन हुआ है। अगर सामने के पैर में कोई उल्लंघन हुआ है, तो थर्ड अंपायर ऑन-फील्ड अंपायर से बातचीत करेगा, जिसे बाद में नो बॉल करार कर दिया जाएगा।
भारत-वेस्टइंडीज के बीच तीन टी-20 अंतरराष्ट्रीय और तीन एकदिवसीय मुकाबलों की शुरुआत शुक्रवार को हैदराबाद से हो रही है। इसके बाद रविवार 8 दिसंबर, बुधवार 11 दिसंबर को मैच खेले जाएंगे।