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Ashes: सिडनी में दो साल, दो टेस्ट और दोनों बार धड़कनें बढ़ीं, भारत के बाद अब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को थाम लिया
Sun, 09 Jan 2022 05:18 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिडनी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सिडनी
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 09 Jan 2022 05:18 PM IST
सार
2021 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में नए साल पर खेला गया टेस्ट भी इसी तरह रोमांचक रहा था। दरअसल हुआ यूं कि ऑस्ट्रेलिया ने 2021 सिडनी टेस्ट में भारत के सामने 400 रन का लक्ष्य रखा था। टीम इंडिया ने 131 ओवर बल्लेबाजी कर मैच बचा लिया था।
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सिडनी के मैदान पर दो हाईवोल्टेज मुकाबले
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच सिडनी में खेला गया टेस्ट ड्रॉ पर समाप्त हुआ। 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इस टेस्ट की चौथी पारी में इंग्लिश टीम को ड्रॉ कराने के लिए पूरा एक दिन खेलना था। संघर्ष करते ही सही लेकिन इंग्लैंड टीम ने ऐसा कर दिखाया और नौ विकेट गंवाकर 102 ओवर खेल गए। सिडनी में पिछले दो साल में ऐसे दो टेस्ट हुए, जो खत्म होते-होते फैंस की धड़कनें बढ़ा गईं।
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मैच ड्रॉ कराने के बाद पवेलियन लौटते हनुमा विहारी और अश्विन
- फोटो : सोशल मीडिया
2021 में सिडनी टेस्ट में क्या हुआ था?
2021 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में नए साल पर खेला गया टेस्ट भी इसी तरह रोमांचक रहा था। दरअसल हुआ यूं कि ऑस्ट्रेलिया ने 2021 सिडनी टेस्ट में भारत के सामने 400 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में भारत ने चौथे दिन शुभमन गिल और रोहित शर्मा के विकेट गंवा दिए थे। टीम का स्कोर 92 पर दो विकेट था। इसके बाद पांचवें दिन कप्तान अंजिक्य रहाणे (चार) का विकेट सुबह दिन के दूसरे ओवर में ही गंवा दिया था। बावजूद इसके टीम इंडिया ने जीत की रणनीति अपनाई।
ऋषभ पंत ने कुछ आक्रामक शॉट्स लगाए। उन्होंने 118 गेंदों पर 12 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 97 रन बनाए। वहीं, पुजारा ने अपनी 205 गेंदों की पारी में 12 चौके से 77 रन लगाए। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 148 रन जोड़े। पुजारा जब आउट हुए उस वक्त टीम इंडिया का स्कोर 272/5 था और ऐसा लग रहा था टीम मैच जीत जाएगी। हालांकि इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने बाउंसर का इस्तेमाल किया और उस वक्त बल्लेबाजी कर रहे हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन को चोटें भी आईं, लेकिन दोनों डटे रहे।
विहारी ने अश्विन के साथ मिलकर 250 गेंदों का सामना किया। हनुमा-अश्विन ने लगभग 42 ओवरों का सामना करके छठे विकेट के लिए 62 रन जोड़े। ने लगभग चार घंटे क्रीज पर बिताकर अपने नाबाद 23 रन के लिए 161 गेंदें खेली जबकि अश्विन ने 128 गेंदों पर नाबाद 38 रन बनाए। विहारी ने हैम्सट्रिंग में खिंचाव के बावजूद अश्विन के साथ अंतिम सत्र में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की हर रणनीति को नाकाम करके उसकी जीत की उम्मीदों पर पानी फेरा।
2021 में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में नए साल पर खेला गया टेस्ट भी इसी तरह रोमांचक रहा था। दरअसल हुआ यूं कि ऑस्ट्रेलिया ने 2021 सिडनी टेस्ट में भारत के सामने 400 रन का लक्ष्य रखा था। जवाब में भारत ने चौथे दिन शुभमन गिल और रोहित शर्मा के विकेट गंवा दिए थे। टीम का स्कोर 92 पर दो विकेट था। इसके बाद पांचवें दिन कप्तान अंजिक्य रहाणे (चार) का विकेट सुबह दिन के दूसरे ओवर में ही गंवा दिया था। बावजूद इसके टीम इंडिया ने जीत की रणनीति अपनाई।
ऋषभ पंत ने कुछ आक्रामक शॉट्स लगाए। उन्होंने 118 गेंदों पर 12 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 97 रन बनाए। वहीं, पुजारा ने अपनी 205 गेंदों की पारी में 12 चौके से 77 रन लगाए। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 148 रन जोड़े। पुजारा जब आउट हुए उस वक्त टीम इंडिया का स्कोर 272/5 था और ऐसा लग रहा था टीम मैच जीत जाएगी। हालांकि इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने बाउंसर का इस्तेमाल किया और उस वक्त बल्लेबाजी कर रहे हनुमा विहारी और रविचंद्रन अश्विन को चोटें भी आईं, लेकिन दोनों डटे रहे।
विहारी ने अश्विन के साथ मिलकर 250 गेंदों का सामना किया। हनुमा-अश्विन ने लगभग 42 ओवरों का सामना करके छठे विकेट के लिए 62 रन जोड़े। ने लगभग चार घंटे क्रीज पर बिताकर अपने नाबाद 23 रन के लिए 161 गेंदें खेली जबकि अश्विन ने 128 गेंदों पर नाबाद 38 रन बनाए। विहारी ने हैम्सट्रिंग में खिंचाव के बावजूद अश्विन के साथ अंतिम सत्र में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की हर रणनीति को नाकाम करके उसकी जीत की उम्मीदों पर पानी फेरा।
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मैच ड्रॉ कराने के बाद वापस लौटते एंडरसन और ब्रॉड
- फोटो : सोशल मीडिया
2022 में सिडनी टेस्ट में क्या हुआ?
ठीक उसी तरह चौथे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भी किया। टीम ने कुल मिलाकर चौथी पारी में 102 ओवर बल्लेबाजी की और मैच बचाया। 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लिश टीम ने 74 रन पर हसीब हमीद और डेविड मलान का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद जैक क्राउली ने 100 गेंदों पर 77 रन बनाए। कप्तान जो रूट ने 24 रन के लिए 85 गेंदें खेलीं। वहीं, बेन स्टोक्स ने 123 गेंदों पर 60 रन बनाए।
इसके बाद जोस बटलर 38 गेंदों पर 11 रन बना सके। मार्क वुड के रूप में टीम को सातवां झटका लगा। तब इंग्लैंड की टीम को पांचवें दिन 12 ओवर और खेलने थे। इसके बाद जॉनी बेयरस्टो ने 105 गेंदें खेलीं और 41 शानदार रन बनाए। लगातार तीन टेस्ट हार चुकी इंग्लैंड की टीम के लिए स्टोक्स और बेयरस्टो की पारी ने जान फूंक दिया। इसके बाद जैक लीच ने स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। लीच 34 गेंदों पर 26 रन बनाकर नौवें विकेट के रूप आउट हुए। हालांकि, उन्होंने ब्रॉड के साथ मिलकर तब तक आठ ओवर निकाल दिए थे।
रही सही कसर ब्रॉड और एंडरसन ने पूरी की। 101वां ओवर नाथन लायन ने फेंका और ब्रॉड पूरी तरह डिफेंसिव मोड में नजर आए। आखिरी ओवर में एंडरसन स्ट्राइक पर थे और गेंदबाजी स्टीव स्मिथ कर रहे थे। ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया विकेट निकाल ले जाएगी, लेकिन एंडरसन ने डिफेंस का शानदार नजारा पेश किया और छह गेंदें खेलकर इंग्लैंड के लिए मैच बचाया।
ठीक उसी तरह चौथे एशेज टेस्ट में इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने भी किया। टीम ने कुल मिलाकर चौथी पारी में 102 ओवर बल्लेबाजी की और मैच बचाया। 388 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लिश टीम ने 74 रन पर हसीब हमीद और डेविड मलान का विकेट गंवा दिया था। इसके बाद जैक क्राउली ने 100 गेंदों पर 77 रन बनाए। कप्तान जो रूट ने 24 रन के लिए 85 गेंदें खेलीं। वहीं, बेन स्टोक्स ने 123 गेंदों पर 60 रन बनाए।
इसके बाद जोस बटलर 38 गेंदों पर 11 रन बना सके। मार्क वुड के रूप में टीम को सातवां झटका लगा। तब इंग्लैंड की टीम को पांचवें दिन 12 ओवर और खेलने थे। इसके बाद जॉनी बेयरस्टो ने 105 गेंदें खेलीं और 41 शानदार रन बनाए। लगातार तीन टेस्ट हार चुकी इंग्लैंड की टीम के लिए स्टोक्स और बेयरस्टो की पारी ने जान फूंक दिया। इसके बाद जैक लीच ने स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ मिलकर मोर्चा संभाला। लीच 34 गेंदों पर 26 रन बनाकर नौवें विकेट के रूप आउट हुए। हालांकि, उन्होंने ब्रॉड के साथ मिलकर तब तक आठ ओवर निकाल दिए थे।
रही सही कसर ब्रॉड और एंडरसन ने पूरी की। 101वां ओवर नाथन लायन ने फेंका और ब्रॉड पूरी तरह डिफेंसिव मोड में नजर आए। आखिरी ओवर में एंडरसन स्ट्राइक पर थे और गेंदबाजी स्टीव स्मिथ कर रहे थे। ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया विकेट निकाल ले जाएगी, लेकिन एंडरसन ने डिफेंस का शानदार नजारा पेश किया और छह गेंदें खेलकर इंग्लैंड के लिए मैच बचाया।