ENGvIND: 3 साल में टीम इंडिया की 4 करीबी हार, जब हाथ से फिसल गई जीत
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टीम इंडिया ने रविवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टेस्ट 60 रन से गंवाया और इसके साथ ही उसके हाथ से पांच मैचों की सीरीज भी फिसल गई है। टीम इंडिया को रोस बॉल में जीत के लिए 245 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन विराट सेना 184 रन बनाकर आउट हो गई।
टीम इंडिया के लिए एक समय कप्तान विराट कोहली (58) और अजिंक्य रहाणे (51) ने जीत की आस जगाई थी। मगर कोहली के आउट होते ही टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और पूरी टीम 184 रन पर सिमट गई।
यह पहला मौका नहीं है जब टीम इंडिया जीत के करीब होकर भी बाजी गंवा बैठी। विश्व की नंबर-1 टेस्ट टीम ने पिछले तीन सालों में कुछ ऐसे मुकाबले गंवाए, जिसमें उसे जीत दर्ज करना ही चाहिए थी। वह लक्ष्य के करीब पहुंचने के बावजूद मुकाबला जीत नहीं सकी और मामूली अंतर उसके लिए भारी पड़ गया।
चलिए ध्यान देते हैं कि पिछले तीन सालों में ऐसे कौन-से मौके हैं जब टीम इंडिया टेस्ट मैच हारी जबकि उसे हर हाल में जीत दर्ज करना चाहिए थी:
भारत बनाम श्रीलंका, गॉल, हार का अंतर - 63 रन
12-15 अगस्त 2015 के दौरान खेले गए इस टेस्ट में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। उसका यह फैसला भारतीय गेंदबाजों ने गलत साबित किया और पहली पारी में केवल 183 रन पर ऑलआउट कर दिया।
जवाब में टीम इंडिया ने पहली पारी में 375 रन बनाए और 192 रन की विशाल बढ़त हासिल की। यह टेस्ट टीम इंडिया की पकड़ में दिख रहा था। मगर श्रीलंकाई बल्लेबाज दिनेश चंडीमल ने बेहतरीन शतक लगाकर टीम इंडिया के सामने 176 रन का लक्ष्य रखा।
चंडीमल ने 247 गेंदों में 19 चौके और 4 छक्कों की मदद से नाबाद 162 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया रंगना हेराथ की फिरकी में उलझी और केवल 112 रन पर ऑलआउट हो गई। हेराथ ने 7 विकेट झटके जबकि तीन विकेट थरिंडू कौशल को मिले। टीम इंडिया की तरफ से दूसरी पारी में अजिंक्य रहाणे ने सर्वाधिक 36 रन बनाए थे।
भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका, केपटाउन, हार का अंतर 72 रन
5-8 जनवरी 2018 के बीच खेले गए तीन मैचों की सीरीज के पहले टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। प्रोटियाज की पहली पारी 286 रन पर सिमटी। जवाब में टीम इंडिया की पहली पारी 209 रन पर ऑलआउट हुई। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने कमाल का प्रदर्शन किया और दक्षिण अफ्रीका को दूसरी पारी में सिर्फ 130 रन पर समेट दिया।
टीम इंडिया को 208 रन का लक्ष्य मिला और उसके ओपनर्स ने जिस तरह शुरुआत की उससे लगा कि मेहमान टीम की जीत पक्की है। मगर वर्नोन फिलेंडर की कुछ और ही योजना थी। उन्होंने मोर्ने मोर्केल और कागिसो रबाडा के साथ मिलकर टीम इंडिया के बल्लेबाजी क्रम को उधेड़ दिया और केवल 135 रन पर ढेर करके मुकाबला 72 रन से जीता। टीम इंडिया एक बार फिर लक्ष्य के करीब पहुंचकर भी जीत से वंचित रह गई।
भारत बनाम इंग्लैंड, बर्मिंघम, हार का अंतर 31 रन
मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर पहले टेस्ट में टीम इंडिया को यह हार बहुत चुभी होगी। लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचकर भी उसके बल्लेबाजों ने निराश किया और विराट ब्रिगेड को 31 रन की कराकरी शिकस्त झेलनी पड़ी।
बता दें कि इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी की और उसकी पहली पारी 287 रन पर ऑलआउट हुई। जवाब में टीम इंडिया ने 274 रन बनाए। इसके बाद इंग्लैंड की दूसरी पारी 180 रन पर सिमटी और टीम इंडिया को 194 रन का लक्ष्य मिला।
कप्तान विराट कोहली ने अर्धशतक जमाकर टीम इंडिया के हौसले दिखाए कि वह हर हाल में मैच जीतकर मैदान से बाहर जाएगी। मगर उन्हें अन्य बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला और बेन स्टोक्स को हीरो बनने का मौका मिल गया। स्टोक्स ने चार विकेट झटके और टीम इंडिया 162 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह टीम इंडिया लक्ष्य के बेहद करीब पहुंचकर भी जीत से वंचित रह गई।
भारत बनाम इंग्लैंड, साउथ हैम्पटन, हार का अंतर 60 रन
मौजूदा इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया की एक और करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। टीम इंडिया इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज भी हार गई। वह फिलहाल पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-3 से पिछड़ रही है।
सीरीज का पांचवां व अंतिम टेस्ट 7 सितंबर से खेला जाएगा, जो महज औपचारिकता भर रह गया है। बता दें कि टॉस जीतकर इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी की और 246 रन पर ऑलआउट हुई। जवाब में टीम इंडिया की पहली पारी 273 रन पर आउट हुई, लेकिन विराट सेना 27 रन की बढ़त हासिल करने में कामयाब हुई।
दूसरी पारी में मेजबान टीम ने 271 रन बनाकर भारत के सामने 245 रन का लक्ष्य रखा। एक समय ऐसा लग रहा था कि कप्तान विराट कोहली (58) और अजिंक्य रहाणे (51) साथ में टीम को जीत दिलाएंगे। मगर कोहली के आउट होते ही टीम इंडिया का बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और पूरी टीम 184 रन पर सिमट गई।