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'अच्छी तैयारी वाले चर्चा में रहेंगे': सूर्यकुमार पर बोले मुंबई के कप्तान, यशस्वी क्यों सीख रहे विकेटकीपिंग?
Thu, 08 Oct 2026 08:49 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 08 Oct 2026 08:49 PM IST
सार
मुंबई के कप्तान सिद्धेश लाड ने रणजी ट्रॉफी के पहले मुकाबले से सूर्यकुमार यादव को बाहर रखने के चयनकर्ताओं के फैसले का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी अच्छी तैयारी कर रहे हैं, वे चयन की चर्चा में बने रहेंगे। वहीं, लाड ने बताया कि यशस्वी जायसवाल बल्लेबाजी के अलावा अपने खेल में एक और कौशल जोड़ने के लिए विकेटकीपिंग का अभ्यास कर रहे हैं।
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यशस्वी-सूर्यकुमार
- फोटो : ANI
विस्तार
रणजी ट्रॉफी के नए सत्र से पहले मुंबई क्रिकेट टीम में कई चर्चाएं तेज हैं। टीम के कप्तान सिद्धेश लाड ने सूर्यकुमार यादव को चंडीगढ़ के खिलाफ होने वाले शुरुआती मुकाबले के लिए नहीं चुने जाने के फैसले का सम्मान किया है। वहीं, उन्होंने बताया कि भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल बल्लेबाजी के साथ-साथ विकेटकीपिंग को भी अपनी अतिरिक्त क्षमता के तौर पर विकसित करने पर काम कर रहे हैं। मुंबई की टीम अपने रणजी ट्रॉफी अभियान की शुरुआत रविवार को वानखेड़े स्टेडियम में चंडीगढ़ के खिलाफ करेगी।
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सूर्यकुमार यादव
- फोटो : ANI
सूर्यकुमार के चयन पर क्या बोले कप्तान?
36 वर्षीय सूर्यकुमार यादव ने रणजी सत्र से पहले मुंबई टीम के साथ अभ्यास नहीं किया था। चयन से करीब 10 दिन पहले उन्होंने चयनकर्ताओं के फोन का भी जवाब नहीं दिया था। हालांकि, चयन बैठक के करीब उन्होंने खुद को उपलब्ध बताया, लेकिन राजेश पवार की अगुवाई वाली चयन समिति ने लाल गेंद की पर्याप्त तैयारी नहीं होने के कारण उन्हें टीम में शामिल नहीं किया। मुंबई के नए कप्तान सिद्धेश लाड ने कहा कि सूर्यकुमार ने मुंबई क्रिकेट और भारतीय टीम के लिए काफी योगदान दिया है और टीम के भीतर उनका बहुत सम्मान है।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने इस समय जो फैसला उचित समझा है, एक कप्तान के तौर पर वह उसका सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी अच्छी तरह तैयारी कर रहे हैं और चयन के दायरे में हैं, वे निश्चित रूप से चर्चा में रहेंगे। लाड ने साफ किया कि चयन से जुड़े मामलों में वह चयनकर्ताओं से आगे नहीं जाना चाहते और उनका ध्यान उपलब्ध 15 सदस्यीय टीम के साथ काम करने पर है।
36 वर्षीय सूर्यकुमार यादव ने रणजी सत्र से पहले मुंबई टीम के साथ अभ्यास नहीं किया था। चयन से करीब 10 दिन पहले उन्होंने चयनकर्ताओं के फोन का भी जवाब नहीं दिया था। हालांकि, चयन बैठक के करीब उन्होंने खुद को उपलब्ध बताया, लेकिन राजेश पवार की अगुवाई वाली चयन समिति ने लाल गेंद की पर्याप्त तैयारी नहीं होने के कारण उन्हें टीम में शामिल नहीं किया। मुंबई के नए कप्तान सिद्धेश लाड ने कहा कि सूर्यकुमार ने मुंबई क्रिकेट और भारतीय टीम के लिए काफी योगदान दिया है और टीम के भीतर उनका बहुत सम्मान है।
उन्होंने कहा कि प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने इस समय जो फैसला उचित समझा है, एक कप्तान के तौर पर वह उसका सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि जो खिलाड़ी अच्छी तरह तैयारी कर रहे हैं और चयन के दायरे में हैं, वे निश्चित रूप से चर्चा में रहेंगे। लाड ने साफ किया कि चयन से जुड़े मामलों में वह चयनकर्ताओं से आगे नहीं जाना चाहते और उनका ध्यान उपलब्ध 15 सदस्यीय टीम के साथ काम करने पर है।
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यशस्वी
- फोटो : ANI
यशस्वी जायसवाल विकेटकीपिंग पर कर रहे काम
- इस बीच, मुंबई के कप्तान ने खुलासा किया कि यशस्वी जायसवाल अपनी बल्लेबाजी के अलावा विकेटकीपिंग को भी अपनी अतिरिक्त क्षमता के तौर पर विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं।
- जायसवाल की विकेटकीपिंग का अभ्यास करते हुए तस्वीरें हाल ही में सामने आई थीं।
- लाड के मुताबिक, भारतीय सलामी बल्लेबाज मुंबई या भारतीय टीम के लिए विकेटकीपिंग करने की दिशा में खुद को तैयार करना चाहते हैं, हालांकि उन्हें इस बारे में अभी पूरी स्पष्टता नहीं है।
- लाड ने बाद में बताया कि जायसवाल अपने खेल में कुछ और जोड़ना चाहते हैं और इसी वजह से विकेटकीपिंग का अभ्यास कर रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि अगर वह लगातार अभ्यास करते रहे तो धीरे-धीरे इस भूमिका के आदी हो जाएंगे।
- जायसवाल ने रणजी ट्रॉफी से पहले मुंबई के एक अभ्यास मैच में करीब 10 ओवर विकेटकीपिंग भी की थी।
- वह चंडीगढ़ के खिलाफ पहले मुकाबले के लिए उपलब्ध रहेंगे, लेकिन इसके बाद राष्ट्रीय टीम की प्रतिबद्धताओं के कारण मुंबई के लिए उपलब्ध नहीं होंगे।
यशस्वी-गिल
- फोटो : ANI
लेग स्पिन भी आजमा चुके हैं जायसवाल
जायसवाल इससे पहले भारतीय टीम के अभ्यास सत्रों में लेग स्पिन गेंदबाजी पर भी काम करते रहे हैं। उन्होंने कुछ मुकाबलों में गेंदबाजी भी की है। ऐसे में विकेटकीपिंग का अभ्यास उनके खेल में एक और अतिरिक्त कौशल जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। लाड ने कहा कि जायसवाल जैसे खिलाड़ी की मौजूदगी सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं होती। शीर्ष स्तर पर खेलने का उनका अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए भी काफी उपयोगी होगा।
जायसवाल इससे पहले भारतीय टीम के अभ्यास सत्रों में लेग स्पिन गेंदबाजी पर भी काम करते रहे हैं। उन्होंने कुछ मुकाबलों में गेंदबाजी भी की है। ऐसे में विकेटकीपिंग का अभ्यास उनके खेल में एक और अतिरिक्त कौशल जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। लाड ने कहा कि जायसवाल जैसे खिलाड़ी की मौजूदगी सिर्फ प्रदर्शन तक सीमित नहीं होती। शीर्ष स्तर पर खेलने का उनका अनुभव टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए भी काफी उपयोगी होगा।
आयुष म्हात्रे
- फोटो : BCCI-X
आयुष म्हात्रे बने उपकप्तान, धोनी से सीख रहे हैं शांत रहना
मुंबई ने इस सत्र के लिए लाड को कप्तान और 19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को उपकप्तान बनाया है। म्हात्रे ने बताया कि चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने का अनुभव उन्हें मैदान पर शांत रहने में मदद कर रहा है। म्हात्रे के अनुसार, धोनी उन्हें मैदान पर फैसले लेते समय शांत रहने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि आक्रामक स्थिति में लिए गए फैसले हमेशा सही नहीं होते, इसलिए मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना जरूरी है। म्हात्रे इस साल भारत की अंडर-19 टीम को विश्व कप जिताने वाली टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने के लिए उन्होंने करीब तीन महीने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बिताए हैं।
मुंबई ने इस सत्र के लिए लाड को कप्तान और 19 वर्षीय सलामी बल्लेबाज आयुष म्हात्रे को उपकप्तान बनाया है। म्हात्रे ने बताया कि चेन्नई सुपर किंग्स में महेंद्र सिंह धोनी के साथ खेलने का अनुभव उन्हें मैदान पर शांत रहने में मदद कर रहा है। म्हात्रे के अनुसार, धोनी उन्हें मैदान पर फैसले लेते समय शांत रहने की सलाह देते हैं। उनका मानना है कि आक्रामक स्थिति में लिए गए फैसले हमेशा सही नहीं होते, इसलिए मुश्किल परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना जरूरी है। म्हात्रे इस साल भारत की अंडर-19 टीम को विश्व कप जिताने वाली टीम का नेतृत्व कर चुके हैं। हैमस्ट्रिंग चोट से उबरने के लिए उन्होंने करीब तीन महीने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बिताए हैं।
42 बार की चैंपियन मुंबई पर दबाव
मुंबई रणजी ट्रॉफी इतिहास की सबसे सफल टीम है और 42 बार खिताब जीत चुकी है। लाड ने माना कि इतनी समृद्ध विरासत के कारण टीम पर हमेशा दबाव रहेगा, लेकिन खिलाड़ी इस दबाव से भागने के बजाय उसे स्वीकार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि टीम अपनी विरासत और संस्कृति से अच्छी तरह वाकिफ है और इसी वजह से दबाव को चुनौती के रूप में लेने की कोशिश करेगी।
मुंबई रणजी ट्रॉफी इतिहास की सबसे सफल टीम है और 42 बार खिताब जीत चुकी है। लाड ने माना कि इतनी समृद्ध विरासत के कारण टीम पर हमेशा दबाव रहेगा, लेकिन खिलाड़ी इस दबाव से भागने के बजाय उसे स्वीकार करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि टीम अपनी विरासत और संस्कृति से अच्छी तरह वाकिफ है और इसी वजह से दबाव को चुनौती के रूप में लेने की कोशिश करेगी।
शार्दुल ठाकुर
- फोटो : Twitter
शार्दुल ठाकुर की कमी खलेगी
मुंबई को शुरुआती मुकाबले में ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की कमी खलेगी। नेट्स में अयुष म्हात्रे के शॉट से हाथ में चोट लगने के बाद शार्दुल करीब एक महीने के लिए बाहर हो गए हैं। लाड ने कहा कि शार्दुल टीम को सही संतुलन देते हैं और पहले मैच में उनकी कमी निश्चित तौर पर महसूस होगी। हालांकि, टीम यह देखने की कोशिश कर रही है कि वह कितनी जल्दी पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौट सकते हैं।
मुंबई को शुरुआती मुकाबले में ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर की कमी खलेगी। नेट्स में अयुष म्हात्रे के शॉट से हाथ में चोट लगने के बाद शार्दुल करीब एक महीने के लिए बाहर हो गए हैं। लाड ने कहा कि शार्दुल टीम को सही संतुलन देते हैं और पहले मैच में उनकी कमी निश्चित तौर पर महसूस होगी। हालांकि, टीम यह देखने की कोशिश कर रही है कि वह कितनी जल्दी पूरी तरह फिट होकर मैदान पर लौट सकते हैं।
फिटनेस और फील्डिंग पर भी जोर
लाड ने बताया कि मुंबई ने ऑफ सीजन कैंप से ही फिटनेस पर काफी काम किया है और खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर में सुधार हुआ है। टीम ने फील्डिंग पर भी विशेष ध्यान दिया है। पिछले सत्र में कुछ आसान मौकों को भुनाने में नाकाम रहने से सबक लेते हुए मुंबई इस बार बेहतर तैयारी और स्पष्ट संवाद पर जोर दे रही है। लाड के मुताबिक, खिलाड़ियों को अपनी भूमिका और टीम में अपनी जगह को लेकर स्पष्टता और जरूरी भरोसा मिलना महत्वपूर्ण है।
लाड ने बताया कि मुंबई ने ऑफ सीजन कैंप से ही फिटनेस पर काफी काम किया है और खिलाड़ियों के फिटनेस स्तर में सुधार हुआ है। टीम ने फील्डिंग पर भी विशेष ध्यान दिया है। पिछले सत्र में कुछ आसान मौकों को भुनाने में नाकाम रहने से सबक लेते हुए मुंबई इस बार बेहतर तैयारी और स्पष्ट संवाद पर जोर दे रही है। लाड के मुताबिक, खिलाड़ियों को अपनी भूमिका और टीम में अपनी जगह को लेकर स्पष्टता और जरूरी भरोसा मिलना महत्वपूर्ण है।