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तिरंगे के अपमान पर सुप्रीम कोर्ट ने बीसीसीआई-केंद्र से मांगा जवाब
अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 10 Sep 2013 12:47 PM IST
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अगर आप तिरंगे के साथ टीम इंडिया का उत्साह बढ़ाने स्टेडियम जाते हैं तो तिरंगे के सम्मान को भी ध्यान में रखना होगा।
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मैचों के दौरान राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की अपमान को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से जवाब मांगा है।
साथ ही देश की इस शीर्ष अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (कैब) और कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को भी इसी मामले में नोटिस जारी किया है क्योंकि जिस मैच को आधार बनाकर जनहित याचिका दायर की गई है वे दोनों ही मैच बंगाल में खेले गए थे।
इसमें एक टेस्ट मैच 5 से 9 दिसंबर 2012 तक इंग्लैंड के खिलाफ जबकि दूसरा मैच वनडे है जो तीन जनवरी को पाकिस्तान के खिलाफ खेला गया था। यह दोनों ही कोलकाता के ईडेन गार्डंस में आयोजित हुए थे।
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मुख्य न्यायाधीश पी सथाशिवम और न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की खंडपीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि हम इस बात से सहमत हैं कि फोटोग्राफर चिंताजनक तस्वीर प्रस्तुत करते हैं।
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बारता न्याय अखबार के संपादक कमल डे द्वारा जारी इस जनहित याचिका पर कोर्ट ने सभी से चार हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है।
याचिका में कलकत्ता हाईकोर्ट के द्वारा पारित आदेश पर भी रोक लगाने की मांग की गई है क्योंकि आदेश में झंडे का जानबूझकर अपमान नहीं करने की बात कही गई थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने जो तस्वीरें पेश की हैं उसमें दर्शक झंडा को या तो कंधे पर रखे हुए हैं या फिर सिर में लपेटे हुए हैं जो कि नेशनल आनर ऐक्ट 1971 और फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 के प्रावधानों का सरासर उल्लंघन है।