भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने अपने नए चयनकर्ता का नाम लगभग तय कर लिया है। एमएसके प्रसाद का कार्यकाल पूरा होने के बाद अब पूर्व भारतीय ऑलराउंडर सुनील जोशी का राष्ट्रीय चयनकर्ता बनना तय हो चुका है। मदन लाल, आरपी सिंह और सुलक्षणा नाइक वाली क्रिकेट सलाहकार समिति ने जोशी का नाम मुख्य चयनकर्ता पद के लिए बीसीसीआई को आगे भेजा है, बुधवार को पांच उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद सीएसी ने यह फैसला किया है।
सुनील जोशी: प्रथम श्रेणी में 5000 रन और 600 से अधिक विकेट, अब बनेंगे BCCI के मुख्य चयनकर्ता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी भी
कर्नाटक में जन्में 49 वर्षीय सुनील जोशी भारतीय टीम के लिए बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी के साथ दाएं हाथ से बल्लेबाजी भी करते थे। उन्होंने अपने करियर में देश के लिए 84 अंतरराष्ट्रीय मैच (15 टेस्ट और 69 वनडे) खेले थे। इस दौरान उन्होंने टेस्ट में 20 की औसत से 352 रन बनाए और 41 विकेट भी झटके। वहीं वनडे में उन्होंने 584 रन के साथ 69 विकेट भी लिए।
प्रथम श्रेणी में 5000 रन और 600 से अधिक विकेट
उनका प्रथम श्रेणी में भी शानदार रिकॉर्ड रहा था, उन्होंने 160 मैचों में 5000 से अधिक रन बनाने के साथ 615 विकेट भी लिए थे, रणजी में शानदार प्रदर्शन के बाद उन्हें भारत की तरफ से इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण करने का मौका मिला था लेकिन टूटी हुई अंगुली की वजह से वे टेस्ट डेब्यू में बिना कोई गेंद फेंके वापस लौट आए थे।
अभ्यास करने घर से 60 किलोमीटर दूर जाते थे
जोशी को उनके क्रिकेट प्रेम और जुनून के लिए अधिक पहचाना जाता है। वे जब युवा थे तब रोजाना 60 किलोमीटर से अधिक का सफर कर अभ्यास के लिए हुबली जाते थे और फिर अपने घर गडग वापस आकर स्कूल भी जाते थे। 1995-96 के दौर में उन्होंने अपनी स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में बल्लेबाजी से छाप छोड़ी थी और टीम को कई मैच भी जिताए थे।
छह रन देकर लिए थे पांच विकेट
जोशी का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे में किया हुआ जादुई स्पेल आज भी याद किया जाता है। उन्होंने साल 1999 में नैरोबी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे वनडे में 10 ओवर की गेंदबाजी में छह मेडेन के साथ छह रन दिए थे और पांच विकेट चटकाए थे।
उस मैच में उन्होंने बोएटा डिप्पेनार, हर्शल गिब्स, हैंसी क्रोनिये, जोंटी रोड्स और शौन पॉलक को आउट कर दक्षिण अफ्रीकी टीम को 117 रन पर ढेर करने में अहम योगदान दिया था। भारत ने इस मैच को आठ विकेट से जीता था और जोशी मैन ऑफ दी मैच चुने गए थे।