फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

हार्दिक पांड्या: उधार लेकर सीखा क्रिकेट तो मैगी खाकर भरा पेट, आज हैं टीम इंडिया के सुपरस्टार

Fri, 11 Oct 2019 05:58 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Fri, 11 Oct 2019 05:58 PM IST
विज्ञापन
Hardik Pandya Birthday: Success story of birthday boy Hardik Pandya

बेहद कम समय में टीम इंडिया के अगले कपिल देव कहलाने वाले हार्दिक पांड्या के लिए आज का दिन बेहद खास है। 11 अक्टूबर 1993 को गुजरात में जन्में पांड्या आज अपना 26वां जन्मदिन मना रहे हैं। वन-डे हो टी-20 या फिर टेस्ट खेल के तीनों ही फॉर्मेट में अपनी उपयोगिता साबित कर चुके हार्दिक बेहद कम समय में टीम इंडिया की जान बन गए।



हाल ही में लंदन में हुई सर्जरी के बाद हॉस्पिटल में आराम कर रहे पांड्या भले ही आज अपने स्टाइल स्टेटमेंट, बिंदास और आलीशान जीवनशैली के लिए मशहूर हैं, लेकिन कभी इस खिलाड़ी ने जीवन में बेहद कठिन दौर भी देखे हैं। यह हार्दिक पांड्या की कड़ी मेहनत और लगन ही तो है कि मैगी खाकर पेट भरने और उधार की कीट से क्रिकेट खेलना शुरू करने वाले इस खिलाड़ी के पास आज लंबी-चौड़ी फैन फॉलोइंग है।

Hardik Pandya Birthday: Success story of birthday boy Hardik Pandya
हार्दिक पांड्या

हार्दिक पांड्या ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करके सफलता का मुकाम हासिल किया है। अगर कोई इस क्रिकेटर की निजी जिंदगी के बारे में जाने तो उसे प्रेरणा जरूर मिलेगी कि अगर आप लक्ष्य बना लें तो कड़ी मेहनत से उसे हासिल किया जा सकता है। हार्दिक की कहानी भी काफी प्रेरणादायी है।

Hardik Pandya Birthday: Success story of birthday boy Hardik Pandya
हार्दिक पांडया - फोटो : BCCI

गुजरात के इस ऑलराउंडर को आईपीएल से पहचान मिली और जैसे ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिला तो उन्होंने इसे दोनों हाथों से लपक लिया। हार्दिक पांड्या अब टीम इंडिया के प्रमुख और विश्व के सक्रिय सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर्स की लिस्ट में शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Hardik Pandya Birthday: Success story of birthday boy Hardik Pandya
हार्दिक पांड्या

वैसे, हार्दिक के मौजूदा सोशल मीडिया पोस्ट देखकर कोई भी यही आकलन करेगा कि वह बेहद आकर्षक जिंदगी जी रहे हैं। हालांकि, पांड्या परिवार का समय हमेशा से ऐसा नहीं रहा। हार्दिक के पिता हिमांशु पांड्या गुजरात के सूरत में फाइनेंस का व्यापार करते थे। उन्हें 1998 में इसे बंद करना पड़ा और पूरा परिवार फिर वडोदरा चला गया। 

विज्ञापन
Hardik Pandya Birthday: Success story of birthday boy Hardik Pandya
क्रुणाल और हार्दिक पांड्या

हार्दिक के पिता हिमांशु पांड्या क्रिकेट के बहुत बड़े दीवाने हैं और वह अपने दोनों बेटों (हार्दिक व क्रुणाल) को मैच दिखाने के लिए ले जाते थे। यहीं से हार्दिक और क्रुणाल को क्रिकेटर बनने की प्रेरणा मिली। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होने के बावजूद भी हिमांशु ने अपने बेटों को वडोदरा में किरण मोरे एकेडमी में भेजा, जहां से हार्दिक के क्रिकेटर बनने की यात्रा शुरू हुई।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed