{"_id":"7775d028-c499-11e2-a4b2-d4ae52bc57c2","slug":"sreesanth-break-down-to-see-mother-in-jail","type":"story","status":"publish","title_hn":"मां को देखते ही रो पड़ा, बोला भगवान से मेरी दुआ करना","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
मां को देखते ही रो पड़ा, बोला भगवान से मेरी दुआ करना
नई दिल्ली/पुरुषोत्तम वर्मा
Updated Sat, 25 May 2013 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईपीएल व अन्य मैचों में मैन ऑफ मैच का पुरस्कार पाकर मां के पैर छूकर आशीर्वाद लेने वाला श्रीसंत अब मां के गले लगकर रोते हुए भगवान से दुआ करने की बात कर रहा है। श्रीसंत करीब 20 मिनट तक मां के गले लगकर रोया।
वह यही कहता रहा कि वह फंस गया है.. मां मेरे लिए भगवान से दुआ करना। दूसरी तरफ स्पॉट फिक्सिंग कर श्रीसंत भले ही बदनामी झेल रहा हो मगर पुलिस अफसरों का दुलारा बना हुआ है। स्पेशल सेल के कार्यालय में पुलिसकर्मी उसे श्री कहकर पुकारते हैं।
श्रीसंत भी इस निक नेम को पाकर बहुत खुश है। जब पुलिसकर्मी उसे श्री कह कर पुकारते हैं तो उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को श्री की मां, बहन और एक रिश्तेदार उससे मिलने स्पेशल सेल के कार्यालय पहुंचे। वह करीब 7.30 बजे सेल कार्यालय पहुंचे और आधे घंटे तक श्रीसंत के साथ रहे।
विज्ञापन
मां को देखते ही श्रीसंत की आंखों में आंसू आ गए और वह तुरंत उनके गले लग गया। श्री की मां पहली बार उससे मिलने आई थी। मां से ये भी कहता रहा कि अब क्या होगा। श्रीसंत बहन के गले लगकर भी रोया। इससे पहले एकाध बार उसका भाई उसे कपड़े देने आया था।
श्री पुलिसकर्मियों से अक्सर कहता रहता है कि उसका अब क्या होगा। उसका तो क्रिकेट कैरियर खत्म हो गया। अब वह कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएगा। वह पुलिसकर्मियों से ये भी पूछता है कि वह बाहर कब जाएगा..वह बच तो जाएगा।
स्पेशल सेल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अजीत चंदीला और अंकित चौहान से पिछले तीन दिन से कोई मिलने नहीं आया है। पुलिस की कस्टडी में अजीत हमेशा हंसता रहता है। गिरफ्तारी से उसकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
'इंटरनेशनल खिलाड़ी जैसा सम्मान नहीं'
श्रीसंत को स्पेशल सेल के कार्यालय में एक ही शिकायत है कि वह इंटरनेशनल खिलाड़ी है और उसके साथ इंटरनेशनल खिलाड़ी जैसा व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इस तरह का व्यवहार नहीं करने पर वह पुलिसकर्मियों से सवाल भी करता है।
पुलिस उसे बचा सकती थी
वह पुलिसकर्मियों से ये भी कहता है कि अगर पुलिस उसे बचाना चाहती तो उसे बचा सकती थी। वह इंटरनेशनल खिलाड़ी है। उससे गलती हुई, मगर उसकी गलती बड़ी नहीं है।
खिलाड़ियों के अपने-अपने नखरे
क्रिकेटर श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में हैं, मगर सभी के अपने-अपने नखरे हैं। कोई खाने में फरमाइश रख देता है तो कोई खाने की बढ़िया क्वालिटी के बारे में कहता है। मगर दिल्ली पुलिस उन्हें हर रोज 30 से 40 रुपये का खाना ही देती है।
1. श्रीसंत ने अंडे की भुजिया खाई :
श्रीसंत बीच-बीच में खाने की फरमाइश कर देता है। बृहस्पतिवार रात में उसने अंडे की भुजिया की फरमाइश रखी। पुलिस अधिकारियों ने उसे अंडे की भुजिया देने की अनुमति दे दी। बाजार से भुजिया मंगवाकर उसे दी गई।
2. चंदीला ने कहा, क्वालिटी बढ़िया हो :
अजीत चंदीला ने खाने में किसी चीज की डिमांड तो नहीं रखी, मगर वह अक्सर पुलिसकर्मियों को यही कहता है कि खाना बढ़िया क्वालिटी का होना चाहिए।
3. अंकित खाने के बारे में कुछ नहीं कहता है:
अंकित चव्हाण को जो खाना पुलिसकर्मी देते हैं वह खाना खा लेता है। वह खाने के बारे में कुछ नहीं कहता। कैसे भी खाना मिल जाए। अंकित चाय भी नहीं पीता है।
विज्ञापन
वह यही कहता रहा कि वह फंस गया है.. मां मेरे लिए भगवान से दुआ करना। दूसरी तरफ स्पॉट फिक्सिंग कर श्रीसंत भले ही बदनामी झेल रहा हो मगर पुलिस अफसरों का दुलारा बना हुआ है। स्पेशल सेल के कार्यालय में पुलिसकर्मी उसे श्री कहकर पुकारते हैं।
विज्ञापन
श्रीसंत भी इस निक नेम को पाकर बहुत खुश है। जब पुलिसकर्मी उसे श्री कह कर पुकारते हैं तो उसके चेहरे पर मुस्कराहट आ जाती है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को श्री की मां, बहन और एक रिश्तेदार उससे मिलने स्पेशल सेल के कार्यालय पहुंचे। वह करीब 7.30 बजे सेल कार्यालय पहुंचे और आधे घंटे तक श्रीसंत के साथ रहे।
विज्ञापन
मां को देखते ही श्रीसंत की आंखों में आंसू आ गए और वह तुरंत उनके गले लग गया। श्री की मां पहली बार उससे मिलने आई थी। मां से ये भी कहता रहा कि अब क्या होगा। श्रीसंत बहन के गले लगकर भी रोया। इससे पहले एकाध बार उसका भाई उसे कपड़े देने आया था।
श्री पुलिसकर्मियों से अक्सर कहता रहता है कि उसका अब क्या होगा। उसका तो क्रिकेट कैरियर खत्म हो गया। अब वह कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएगा। वह पुलिसकर्मियों से ये भी पूछता है कि वह बाहर कब जाएगा..वह बच तो जाएगा।
स्पेशल सेल के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अजीत चंदीला और अंकित चौहान से पिछले तीन दिन से कोई मिलने नहीं आया है। पुलिस की कस्टडी में अजीत हमेशा हंसता रहता है। गिरफ्तारी से उसकी सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
'इंटरनेशनल खिलाड़ी जैसा सम्मान नहीं'
श्रीसंत को स्पेशल सेल के कार्यालय में एक ही शिकायत है कि वह इंटरनेशनल खिलाड़ी है और उसके साथ इंटरनेशनल खिलाड़ी जैसा व्यवहार नहीं किया जा रहा है। इस तरह का व्यवहार नहीं करने पर वह पुलिसकर्मियों से सवाल भी करता है।
पुलिस उसे बचा सकती थी
वह पुलिसकर्मियों से ये भी कहता है कि अगर पुलिस उसे बचाना चाहती तो उसे बचा सकती थी। वह इंटरनेशनल खिलाड़ी है। उससे गलती हुई, मगर उसकी गलती बड़ी नहीं है।
खिलाड़ियों के अपने-अपने नखरे
क्रिकेटर श्रीसंत, अजीत चंदीला और अंकित दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में हैं, मगर सभी के अपने-अपने नखरे हैं। कोई खाने में फरमाइश रख देता है तो कोई खाने की बढ़िया क्वालिटी के बारे में कहता है। मगर दिल्ली पुलिस उन्हें हर रोज 30 से 40 रुपये का खाना ही देती है।
1. श्रीसंत ने अंडे की भुजिया खाई :
श्रीसंत बीच-बीच में खाने की फरमाइश कर देता है। बृहस्पतिवार रात में उसने अंडे की भुजिया की फरमाइश रखी। पुलिस अधिकारियों ने उसे अंडे की भुजिया देने की अनुमति दे दी। बाजार से भुजिया मंगवाकर उसे दी गई।
2. चंदीला ने कहा, क्वालिटी बढ़िया हो :
अजीत चंदीला ने खाने में किसी चीज की डिमांड तो नहीं रखी, मगर वह अक्सर पुलिसकर्मियों को यही कहता है कि खाना बढ़िया क्वालिटी का होना चाहिए।
3. अंकित खाने के बारे में कुछ नहीं कहता है:
अंकित चव्हाण को जो खाना पुलिसकर्मी देते हैं वह खाना खा लेता है। वह खाने के बारे में कुछ नहीं कहता। कैसे भी खाना मिल जाए। अंकित चाय भी नहीं पीता है।