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सचिन बोले, सिर्फ स्कोरबुक ही चयन का पैमाना नहीं
बंगलूरू/एजेंसी
Updated Mon, 19 Aug 2013 12:02 AM IST
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मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने चयनकर्ताओं को नसीहत दी है कि उन्हें किसी खिलाड़ी का चयन करते समय केवल उसके रनों को ही नहीं बल्कि दबाव झेलने सहित अन्य योग्यताओं पर भी ध्यान देना चाहिए।
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बंगलूरू में कर्नाटक क्रिकेट एसोसिएशन के 75 वर्ष पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए सचिन ने कहा कि सिर्फ स्कोरबुक ही चयन का पैमाना नहीं है।
सचिन ने कहा, 'एक चयनकर्ता उस खिलाड़ी को चुन सकता है, जिसने बहुत अधिक रन बनाए हो, लेकिन यह हमेशा काम नहीं करता। मैंने कई ऐसे खिलाड़ियों को देखा है, जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बनाए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ये उतने सफल नहीं हुए।'
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उन्होंने कहा कि यह सिर्फ नजरिए की बात है। जब बात सिलेक्शन की हो तो खिलाड़ी को संपूर्णता से देखने की जरूरत है। अगर वह कुछ मैचों में असफल भी रहता है तो भी यह देखना चाहिए कि क्या उसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दबाव झेलने की क्षमता है या नहीं।
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वहीं टी-20 के बारे में सचिन बोले, इस प्रारूप ने खेल को अधिक रोमांचक बनाया है और इससे टेस्ट में अधिक परिणाम निकलने लगे हैं। इस प्रारूप में महज तीन गेंदे आपको हीरो बना सकती हैं।
आमिर खान मेरा किरदार निभाएं
हाल में मुंबई पुलिस के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम उमंग 2013 के दौरान सचिन तेंदुलकर ने एक सवाल के जवाब में कहा, यदि मेरे ऊपर कोई फिल्म बनाई जाए तो मैं चाहूंगा कि आमिर वह किरदार निभाएं।
सचिन ने मजाकिया अंदाज में कहा, मैं ऐसा इसलिए चाहता हूं कि आमिर ने लगान में काम किया था जो क्रिकेट पर आधारित है और उनकी हाइट भी मेरे जैसी है।
टी-20 ने टेस्ट क्रिकेट पर अधिक प्रभाव डाला है। खिलाड़ी अब अधिक आक्रामक हो गए हैं और अब परिणाम भी अधिक संख्या में आने लगे हैं। मगर खिलाड़ियों को बेसिक्स पर ध्यान देने की जरूरत है, यही बात महत्वपूर्ण है।--सौरव गांगुली
टी-20 प्रारूप ने क्रिकेट को अधिक लचीला बनाया है। अगर हम क्रिस गेल, माइक हसी और एबी डिविलियर्स को देखें तो उन्होंने पिछले आईपीएल में शानदार प्रदर्शन किया। साथ ही यह सभी अच्छे टेस्ट क्रिकेटर भी हैं। इससे पता चलता है कि हमें बेसिक्स सही रखने चाहिए।-राहुल द्रविड़