Sana Mir: सना मीर ने पार की बेशर्मी की हद! विवादित बयान के बाद अब सफाई देती नजर आईं पाकिस्तान की पूर्व कप्तान
यह मामला इतना बढ़ गया कि आईसीसी (ICC) तक के रडार पर है। हालांकि, अभी तक आईसीसी ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
विस्तार
What the hell is “Azaad Kashmir” @ICC @BCCI ?
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You must take a stern action against this Pakistani commentator and send her back packing from India @JayShah @MithunManhas !! pic.twitter.com/CmeiqQmzGjविज्ञापन विज्ञापन— Yo Yo Funny Singh (@moronhumor) October 2, 2025
पाकिस्तान बनाम बांग्लादेश के मैच में सना मीर ने पाकिस्तान की बल्लेबाज नतालिया परवेज का जिक्र करते हुए कहा कि, "फातिमा सना बहुत युवा टीम की कप्तानी कर रही हैं। हां, उन्होंने क्वालिफायर जीता है, लेकिन इन खिलाड़ियों में से कई बिल्कुल नई हैं। नतालिया, जो कश्मीर से आती हैं...आजाद कश्मीर से...वह लाहौर में ज्यादा क्रिकेट खेलती हैं। उन्हें अपनी ज्यादातर क्रिकेट खेलने के लिए लाहौर आना पड़ता है।" यानी उन्होंने पहले नतालिया को कश्मीर से आने वाली खिलाड़ी बताया, लेकिन तुरंत ही खुद को सुधारते हुए विवादित और आपत्तिजनक बयान दे डाला और आजाद कश्मीर कह दिया। यही शब्द बवाल की असली वजह बना।
मामला क्यों संवेदनशील बना?
'आजाद कश्मीर' शब्द का इस्तेमाल पाकिस्तान की ओर से लंबे समय से किया जाता रहा है। भारत पूरे जम्मू-कश्मीर, जिसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) भी शामिल है, को अपना अभिन्न और संप्रभु हिस्सा मानता है। भारत सरकार के मुताबिक, पीओके पर पाकिस्तान का कब्जा अवैध है और इसे तुरंत खाली किया जाना चाहिए। भारत ने लगातार इस क्षेत्र को अपने भूभाग के रूप में स्वीकार किया है और संसद ने इस संबंध में प्रस्ताव भी पारित किया है। भारत पाकिस्तान से पीओके से अपनी सैन्य और प्रशासनिक मौजूदगी हटाने की मांग करता है और इस मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए कूटनीतिक बातचीत को प्राथमिकता देता है। ऐसे में विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता के दौरान सना मीर का इस शब्द का उपयोग करना सीधे-सीधे एक राजनीतिक संदेश माना गया। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर उन्हें कठघरे में खड़ा किया गया।
This is one thing you can't say on a global stage. Sana Mir has to go for this. There is nothing called Azaad Kashmir. #PakvsBan
— Faiz Fazel (@theFaizFazel) October 2, 2025
pic.twitter.com/8sBp6lbMCZ
सोशल मीडिया पर तो सना मीर का जबरदस्त विरोध हो रहा है। कई यूजर्स ने इसे राजनीतिक बयानबाजी बताया और आईसीसी से कार्रवाई की मांग की। भारत में तो खासकर इस टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। लोग कहने लगे कि सना मीर ने खेल को राजनीति से जोड़कर खेल भावना को ठेस पहुंचाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) खेल में राजनीति को लाने का सख्त विरोध करता है। हालांकि, पाकिस्तानी अपनी शर्मनाक बयानबाजी से बाज नहीं आ रहे हैं। पुरुषों के एशिया कप में विवादित और आपत्तिजनक इशारे के बाद अब महिला वनडे विश्व कप में भी पाकिस्तान ने अपनी ओछी हरकत नहीं छोड़ी है।
Former Pakistan captain Sana Mir's comments on 'Azad Kashmir' during live commentary have sparked controversy. As India hosts the Women's World Cup, the @ICC's response is awaited.
— Tweet Tonic (@Gujarat1999) October 2, 2025
pic.twitter.com/omEEL7UH9v
विवाद बढ़ता देख सना मीर ने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल नतालिया के संघर्षों को सामने लाना था, न कि किसी को आहत करना या किसी तरह की राजनीतिक टिप्पणी करना।
सना ने लिखा, 'यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बात को बेवजह तूल दिया जा रहा है और खेल से जुड़े लोगों पर अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है। मेरे कमेंट का उद्देश्य सिर्फ इतना था कि एक खिलाड़ी ने जिस क्षेत्र से आकर संघर्ष किया और अपनी जगह बनाई, उसकी कहानी सबके सामने रखी जाए। यह हमारी कमेंट्री का हिस्सा होता है कि हम खिलाड़ियों की पृष्ठभूमि और उनकी प्रेरणादायक यात्रा को दर्शकों तक पहुंचाएं। इसमें न कोई बुरी नीयत थी और न ही किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा।'
सना मीर ने आगे कहा, 'मैंने आज कमेंट्री के दौरान दो अन्य खिलाड़ियों के बारे में भी यही किया। बताया कि वे किस क्षेत्र से आती हैं और किन संघर्षों से गुजरी हैं। कृपया इसे राजनीति से न जोड़ें। बतौर कमेंटेटर हमें खेल, टीमों और खिलाड़ियों पर फोकस करना होता है और उनकी हिम्मत और संघर्ष की कहानियां दुनिया के सामने लानी होती हैं।'
सना मीर ने अपने बचाव में नतालिया परवेज की एक प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जो कि एक नामी क्रिकेट वेबसाइट का दिखाई पड़ता है। हालांकि, ये ओरिजनल है या फोटोशॉप इसकी पुष्टि नहीं है। उन्होंने कहा कि कमेंट्री से पहले वह खिलाड़ियों पर रिसर्च करती हैं और उसी रिसर्च के दौरान उन्हें यह जानकारी मिली थी। सना ने लिखा, 'मैं खिलाड़ियों की जानकारी के लिए जो स्रोत इस्तेमाल करती हूं, उसी का स्क्रीनशॉट भी संलग्न कर रही हूं। संभव है कि अब उसमें बदलाव किया गया हो, लेकिन मैंने जो कहा वह वहीं से लिया था।'
It's unfortunate how things are being blown out of proportion and people in sports are being subjected to unnecessary pressure. It is sad that this requires an explanation at public level.
— Sana Mir ثناء میر (@mir_sana05) October 2, 2025
My comment about a Pakistan player's hometown was only meant to highlight the challenges… pic.twitter.com/G722fLj17C
अपना दोष किसी और पर मढ़ा!
सना का यह स्क्रीनशॉट जिस वेबसाइट का है, वहां अब ऐसी कोई जानकारी नहीं दिख रही। अभी परवेज की प्रोफाइल देखने पर पाकिस्तान एडमिनिस्टर्ड कश्मीर दिखाई पड़ता है। सवाल तो यह भी उठता है कि सना मीर ने किसी और वेबसाइट पर प्रोफाइल क्यों चेक किया, जबकि नतालिया पाकिस्तान से खेलती हैं तो उन्हें इस टैलेंट के बारे में जानकारी नहीं थी? दूसरी बात यह है कि उन्होंने भले ही प्रोफाइल देखी हो लेकिन क्या उन्हें इस विवाद का पता नहीं था? इसके बावजूद उन्होंने यह बयानबाजी की और जानबूझकर बवाल खड़ा किया।
इस पूरे विवाद पर अब तक आईसीसी ने कोई बयान नहीं दिया है। लेकिन क्रिकेट से जुड़े जानकारों का मानना है कि विश्व कप जैसे इवेंट में राजनीतिक बयानबाजी को जगह नहीं मिलनी चाहिए। ऐसे मामलों में कमेंटेटर्स को तटस्थ और पेशेवर रवैया अपनाना चाहिए। इतना ही नहीं, पुरुषों के एशिया कप के दौरान सूर्यकुमार का पहलगाम हमले का जिक्र करना राजनीतिक टिप्पणी मानी गई थी और उन पर जुर्माना लगाया गया, लेकिन यहां तो भारत के अभिन्न अंग को लेकर पाकिस्तान विवादित टिप्पणी से पीछे नहीं हट रहा है।
सना मीर ने भले ही अपने बयान पर सफाई दे दी हो, लेकिन उनका यह विवादित कमेंट क्रिकेट मैदान से ज्यादा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। साफ है कि खेल और राजनीति को मिलाना हमेशा ही विवाद को जन्म देता है, और इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आईसीसी इस मामले में क्या कदम उठाता है।