सहारा कप के 20 सालः चौथे वनडे में दोनों टीमों के गेंदबाजों ने दिखाया था जलवा
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1996 में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट की दुनिया से दूर देश कनाडा में पहली बार कोई वनडे सीरीज खेली गई, सीरीज के शुरुआती 3 मुकाबले होने के बाद टीम इंडिया को 2-1 की बढ़त हासिल थी।
सचिन तेंदुलकर की अगुवाई वाली टीम इंडिया को सहारा कप पर कब्जा जमाने के लिए अंतिम 2 मैचों में एक जीत हासिल करनी थी। लगातार 3 मैच के बाद दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी टीमों ने 2 दिन आराम किया और फिर अगले दिन (21 सितंबर) चौथा मैच खेलने उतरी। दोनों टीमों के लिए यह मैच अहम था। भारत को सहारा कप पर कब्जा जमाने के लिए यह मैच जीतना था जबकि पाक टीम को सीरीज बचाने के लिए इस मैच में जीत हासिल करनी थी।
कप्तान तेंदुलकर ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण करने का फैसला लिया। बल्लेबाजी करने उतरी पाक टीम को पिछले मैच की तुलना में शानदार शुरुआत मिली। ओपनर्स आमिर सुहैल और सईद अनवर ने पहले विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी कर भारतीय गेंदबाजों को शुरुआती विकेट के लिए परेशान किया, लेकिन वेंकटेश प्रसाद ने अनवर को 35 रन के निजी स्कोर पर बोल्ड कर भारत को पहली सफलता दिला दी। इसके बाद जवागल श्रीनाथ ने जल्द ही सलीम इलाही (1) के रूप में दूसरी सफलता हासिल करते हुए भारतीय खेमे में उत्साह की लहर लौटा दी।
कुंबले ने बोल्ड कर एजाज को शतक से रोक दिया
पाकिस्तान टीम की अच्छी शुरुआत के बाद जल्द ही 2 विकेट गंवाने से भारतीय गेंदबाज उसके बल्लेबाजों पर कुछ दबाव बनाने में कामयाब होते दिख रहे थे। तीसरे विकेट के लिए ओपनर आमिर सुहैल और एजाज अहमद के बीच मजबूत होती दिख रही साझेदारी को फिरकी गेंदबाज सुनील जोशी ने सुहैल (23) को आउट कर तोड़ा। फिर जल्द ही पाक के दिग्गज बल्लेबाज सलीम मलिक महज एक रन बनाकर रन आउट हो गए।
मैच में फीकी शुरुआत के बाद भारतीय गेंदबाजों ने 91 रन तक पाक के 4 विकेट झटक लिए थे, लेकिन एजाज और इंजमाम-उल-हक के बीच पांचवें विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी ने पाक को सम्मानजनक स्कोर की ओर पहुंचा दिया। इंजमाम 40 रन के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए। इसके बाद एजाज के साथ विकेटकीपर-बल्लेबाज मोइन खान (33) ने भी छठे विकेट के लिए 37 रनों की साझेदारी कर डाली।
एजाज ने बेहद शानदार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 110 गेंदों में 7 चौके और एक छक्के की मदद से 90 रन बनाए। टीम इंडिया के लिए बेहद खास इस विकेट को अनिल कुंबले ने बोल्ट कर हासिल किया। पाक के पुछल्ले बल्लेबाजों वसीम अकरम और सकलैन मुश्ताक ने 10-10 रनों का योगदान दिया। इस तरह से पाक ने 50 ओवर में 8 विकेट 258 रन बनाए। भारत की ओर से कुंबले ने 36 रन देकर 2 विकेट झटके।
258 रन का स्कोर आज से 20 साल पहले जब टी-20 जैसे फटाफट खेल का कोई अता-पता नहीं था और इसे एक बड़ा स्कोर माना जाता था। खासकर टीम इंडिया के लिए जिसके बल्लेबाजों को तेज गेंदबाज और स्विंग मास्टर वसीम अकरम के अलावा वकार युनूस तथा अन्य फिरकी गेंदबाजों का सामना करना था। जानते हैं क्या भारतीय बल्लेबाज इस लक्ष्य को हासिल कर पाए।
सकलैन ने झटके 9 रन देकर 3 विकेट, जडेजा ने खेली बड़ी पारी
नयन मोंगिया (0) ने कप्तान सचिन तेंदुलकर (3) के साथ भारतीय पारी की शुरुआत की, लेकिन दोनों ही बल्लेबाज सस्ते में अकरम के शिकार बन गए। मोंगिया खाता खोले बगैर अकरम की गेंद पर कैच आउट हो गए। फिर तेंदुलकर ने भी अकरम की गेंद पर कैच उछाल दिया जिसे सलीम मलिक ने लपक लिया। दोहरे झटके के बाद पिछले 2 मैचों में 2 बड़ी साझेदारियां करने वाली राहुल द्रविड़ और मोहम्मद अजहरुद्दीन की जोड़ी ने कुछ देर क्रीज पर रहकर विकेटों के पतन को रोककर स्कोरबोर्ड को चलायमान किया। लेकिन अभी 41 रन ही हुए थे कि द्रविड़ (25) सकलैन मुश्ताक के शिकार हो गए।
अभी टीम इंडिया के खाते में 60 रन भी नहीं जुड़े थे कि अजहर भी 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। नए बल्लेबाज विनोद कांबली (6) जल्द ही रन आउट हो गए। सुनील जोशी भी एक रन पर चलते बने। भारत के 6 विकेट 64 रन गिर चुके थे और टीम पर हार का संकट मंडरा रहा था, ऐसे में अजय जडेजा ने एक छोर संभाले रखा लेकिन विकेट का नियमित अंतराल पर गिरते जाने से उनकी पारी भी टीम को हार की ओर ढकेल दिया। जडेजा ने 84 गेंदों पर 47 रन बनाए।
भारतीय पुछल्ले बल्लेबाजों की ओर से आशीष कपूर ने 19, अनिल कुंबले ने 16 और जवागल श्रीनाथ ने 10 रन बनाकर अपना योगदान देने की कोशिश की, लेकिन यह जीत के लिए नाकाफी साबित हुआ और भारत 39.2 ओवर में 161 रन बनाकर आउट हो गया। पाक की ओर से सकलैन मुश्तान ने 7 ओवर में एक मेडन के साथ 9 रन देकर 3 विकेट झटककर भारतीय बल्लेबाजी को ढहा दिया। सकलैन के अलावा अकरम और वकार ने 2-2 विकेट झटके थे। पार्ट टाइम गेंदबाज सलीम मलिक ने भी 1.2 ओवर में 6 रन देकर 2 विकेट लिए।
भारत ने इस मैच को 97 रनों से गंवा दिया और इस हार के साथ ही 5 मैचों की सीरीज भी 2-2 बराबर हो गई। साथ ही यह भी तय हो गया कि सीरीज का फैसला अब अंतिम मैच से होगा।