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सब पर भारी चालीस के सचिन का जज्बा
मोहाली/ब्यूरो
Updated Wed, 13 Mar 2013 08:25 PM IST
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टीम बस से सबसे पहले उतरने वालों में वही थे। उस वक्त भी उनके हाथों में दो नए बल्ले थे और तीन घंटे बाद जब नेट सेशन खत्म किया तो उस वक्त चयनकर्ता विक्रम राठौड़ के साथ दोनों बल्लों के साथ ही बाहर लौटे। नेट पर उनका सभी से ज्यादा देर तक अभ्यास करना और हर मुख्य गेंदबाज का सामना करना बताता है कि सचिन तेंदुलकर चालीस की उम्र में भी जवानों सा जोश रखते हैं।
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नेट पर मास्टर ब्लास्टर सिर्फ अपने तक ही सीमित नहीं रहे। चाहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हों या कोच डंकन फ्लेचर या फिर सलाह मांगने वाले चेतेश्वर पुजारा या पंजाब के उभरते लेग स्पिनर सरबजीत लाड्डा, सभी के लिए उनके पास समय था। सचिन ने अपने लिए नई गेंद से इशांत शर्मा, भुवनेश्वर कुमार और अशोक डिंडा को गेंद डालने के लिए कहा।
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यहां से निपटे तो फौरन कोच फ्लेचर से बल्लेबाजी को लेकर लंबी बात की। तकरीबन पौना घंटा इन गेंदबाजों पर हाथ साफ करने के बाद वह हरभजन सिंह, प्रज्ञान ओझा के पास आ गए। इन दोनों के अलावा पंजाब रणजी टीम में खेलने वाले सरबजीत लाड्डा ने भी उन्हें गेंद डाली। ओझा ने उन्हें कुछ परेशान भी किया।
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स्पिनरों को खेलने के बाद उन्होंने धोनी से भी बात की। लेकिन यहां भी सचिन की प्यास नहीं बुझी और वह दूसरे नेट पर चले गए। वहां फील्डिंग कोच ट्रेवर पेनी ने थ्रो डाल कर उन्हें काफी देर तर नॉकिंग कराई। इस दौरान नॉकिंग करने के बाद चेतेश्वर पुजारा उनके पास आए। उन्होंने उन्हें भी काफी देर तक समझाया।
नेट के बाद जब लाड्डा ने उन्हें गेंदबाजी खत्म कर ली तो यह युवा गेंदबाज उनके पास आया और उनसे अपनी खामियां पूछने लगा। सचिन ने इस गेंदबाज को देर तक काफी बारीकियां बताईं।