बॉल टेंपरिंग पर पहली बार बोले सचिन, स्मिथ-वॉर्नर को दी गई सजा को ठहराया सही
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बॉल टेंपरिंग विवाद में दोषी पाए जाने के बाद ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ और उप-कप्तान डेविड वॉर्नर पर लगाया गया एक साल के प्रतिबंध पर क्रिकेट के भगवान माने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हेंडल पर एक पोस्ट लिखकर कहा, 'क्रिकेट को जेंटलमैन खेल के तौर पर माना जाता है। यह ऐसा खेल है जिसके बारे में मेरा मानना है कि इसे पाक साफ तरीके से खेलना जाना चाहिए। जो भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है लेकिन खेल की अखंडता को बनाए रखने के लिए सही फैसला किया गया। जीतना महत्वपूर्ण है लेकिन यह अधिक महत्वपूर्ण है कि आप किस तरह जीतते हो।'
बता दें कि स्मिथ और वॉर्नर के अलावा केमरन बेनक्रॉफ्ट पर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने 9 महीने का बैन लगाया है। इस गंभीर अपराध की वजह से स्मिथ और वॉर्नर को न सिर्फ अपनी टीम से बाहर निकाला गया बल्कि आगामी आईपीएल सीजन 11 से भी एक साल के लिए बाहर कर दिया गया है।
गौरतलब है कि 2001 में सचिन पर भी बॉल टेंपरिंग का आरोप लगा था। टीम इंडिया नवंबर 2001 में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर थी और पोर्ट एलिजाबेथ टेस्ट के दौरान सचिन पर यह आरोप लगा। इसके बाद उन्हें दोषी मानते हुए एक मैच के लिए बैन कर दिया जाता है लेकिन बाद में उन पर से यह बैन हटा लिया गया था।
बॉल टेंपरिंग के आरोपियों को आईसीसी ने दी थी यह सजा
इस प्रकरण पर अपना फैसला सुनाते हुए आईसीसी ने स्मिथ पर एक मैच का बैन और 100 फीसदी मैच फीस जुर्माने के तौर लगाया था। जबकि बॉल टेंपरिंग करने वाले बेनक्रॉफ्ट को आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट के तहत लेवल 2 का दोषी पाया गया इसके तहत उन पर 75 फीसदी मैच फीस का जुर्माना लगाया गया।