{"_id":"fdd9cbf6e866f0fe7b7c15327cf9fc1c","slug":"sachin-tendulkar-world-media-sachin-retirement-editorial","type":"story","status":"publish","title_hn":"सचिन की विदाई: विदेशी मीडिया ने क्या लिखा?","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
सचिन की विदाई: विदेशी मीडिया ने क्या लिखा?
Updated Mon, 18 Nov 2013 03:20 PM IST
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सचिन तेंदुलकर के शानदार विदाई को भारतीय मीडिया ही नहीं बल्कि ब्रिटिश मीडिया ने भी प्रमुखता से छापा है। वजह भी साफ है कि अपनी शानदार बल्लेबाजी के कारण सचिन यहां मौजूदा समय में किसी भी खिलाड़ी से कहीं अधिक प्रसिद्ध हैं।
बैट से नहीं माइक्रोफोन के जरिए खेली पारी
सचिन द्वारा अपनी विदाई मैच के बाद कहे गए कुछ भावुक बातों को केंद्रित करते हुए ‘द डेली टेलीग्राफ’ ने लिखा है, ‘खेल जगत में ऐसी विदाई किसी को नहीं मिली होगी। सचिन अपनी विदाई भाषण में लाखों को हंसा गए तो लाखों की आंखों में आंसू दे गए।
विदाई भाषण में सचिन ने उड़ेलीं भावनाएं, कहा शुक्रिया
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अपने घरेलू मैदान पर विदाई मैच में सचिन ने जिस तरह का प्रदर्शन किया वह वाकई उनकी अब तक की सबसे बेहतरीन पारी है। हालांकि यह पारी इस बार बैट से नहीं बल्कि माइक्रोफोन के जरिये खेली।’
अहमियत खेल का ही होता है
एक अन्य अखबार ‘द गार्जियन’ ने लिखा है कि सचिन ने अपने 24 साल के कैरियर में युवाओं को सिखाया है कि खुद पर कैसे नियंत्रण रखा जाता है। अखबार ने लिखा है, ‘आखिरकार अहमियत खेल का ही होता है। यही वह अकेला आदमी है जिसके लिए किसी देश में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता था।
अपने भावुक विदाई में 40 वर्षीय सचिन ने क्या बात कही ‘यह विश्वास करना कठिन हो रहा है कि शानदार सफर का आज अंत हो गया।’ सचिन के 24 साल के कैरियर ने भारत को भी नई गति दी।’ ‘डेली मेल’ ने लिखा है कि महान सचिन तेंदुलकर के 24 साल के शानदार कैरियर भावुक लम्हों के बीच खत्म हुआ।
इसी तरह ‘द संडे टाइम्स’ ने लिखा है कि भारत को आंसुओं में भिगो गए सचिन। ब्रिटिश अखबारों के साथ ही अमेरिकी अखबारों ने भी सचिन को सलाम किया है। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने लिखा है कि एक अरब से भी अधिक लोगों के लिए जिस क्रिकेट की दुनिया को वे जानते हैं सचिन की विदाई के साथ ही समाप्त हो जाएगी।
पाकिस्तानी मीडिया ने भी सराहा
पड़ोसी देश पाकिस्तानी मीडिया भी सचिन की विदाई को शानदार अंदाज में छापने से खुद को नहीं रोक सका। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि बिना किसी विवाद के सचिन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।
सचिन की विदाई पर किसने क्या कहा?
दैनिक समाचार पत्र ‘डान’ ने तो अपनी हेडिंग में ही लिखा है कि ‘करोड़ों में एक सचिन ने कहा अलविदा’। अखबार ने लिखा है, ‘सचिन अपने 24 साल के शानदार कैरियर के बाद इतिहास का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने अपने बल्ले से कई नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए। सचिन ने आने वाली पीढ़ी के लिए जो शानदार विरासत छोड़ी है उसे सालों तक लोग याद करेंगे।’
संपादकीय का शीर्षक ही केवल ‘सचिन’
इसी तरह एक अन्य प्रमुख अखबार ‘इंकलाब’ ने लिखा है, ‘सचिन के 24 साल के शानदार कैरियर में मौसम बदलते रहे, खिलाड़ी का आना जाना लगा रहा, मैचों में हार जीत का सिलसिला जारी रहा, धूमें मचती रहीं लेकिन एक चीज जो ज्यों की त्यों रही वह थी सचिन का क्रिकेट के प्रति जज्बा।’ एक अन्य अखबार ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ ने तो अपने संपादकीय का शीर्षक ही केवल ‘सचिन’ रखा है।
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बैट से नहीं माइक्रोफोन के जरिए खेली पारी
सचिन द्वारा अपनी विदाई मैच के बाद कहे गए कुछ भावुक बातों को केंद्रित करते हुए ‘द डेली टेलीग्राफ’ ने लिखा है, ‘खेल जगत में ऐसी विदाई किसी को नहीं मिली होगी। सचिन अपनी विदाई भाषण में लाखों को हंसा गए तो लाखों की आंखों में आंसू दे गए।
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विदाई भाषण में सचिन ने उड़ेलीं भावनाएं, कहा शुक्रिया
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अपने घरेलू मैदान पर विदाई मैच में सचिन ने जिस तरह का प्रदर्शन किया वह वाकई उनकी अब तक की सबसे बेहतरीन पारी है। हालांकि यह पारी इस बार बैट से नहीं बल्कि माइक्रोफोन के जरिये खेली।’
अहमियत खेल का ही होता है
एक अन्य अखबार ‘द गार्जियन’ ने लिखा है कि सचिन ने अपने 24 साल के कैरियर में युवाओं को सिखाया है कि खुद पर कैसे नियंत्रण रखा जाता है। अखबार ने लिखा है, ‘आखिरकार अहमियत खेल का ही होता है। यही वह अकेला आदमी है जिसके लिए किसी देश में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ता था।
अपने भावुक विदाई में 40 वर्षीय सचिन ने क्या बात कही ‘यह विश्वास करना कठिन हो रहा है कि शानदार सफर का आज अंत हो गया।’ सचिन के 24 साल के कैरियर ने भारत को भी नई गति दी।’ ‘डेली मेल’ ने लिखा है कि महान सचिन तेंदुलकर के 24 साल के शानदार कैरियर भावुक लम्हों के बीच खत्म हुआ।
इसी तरह ‘द संडे टाइम्स’ ने लिखा है कि भारत को आंसुओं में भिगो गए सचिन। ब्रिटिश अखबारों के साथ ही अमेरिकी अखबारों ने भी सचिन को सलाम किया है। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने लिखा है कि एक अरब से भी अधिक लोगों के लिए जिस क्रिकेट की दुनिया को वे जानते हैं सचिन की विदाई के साथ ही समाप्त हो जाएगी।
पाकिस्तानी मीडिया ने भी सराहा
पड़ोसी देश पाकिस्तानी मीडिया भी सचिन की विदाई को शानदार अंदाज में छापने से खुद को नहीं रोक सका। पाकिस्तानी मीडिया ने कहा है कि बिना किसी विवाद के सचिन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज हैं।
सचिन की विदाई पर किसने क्या कहा?
दैनिक समाचार पत्र ‘डान’ ने तो अपनी हेडिंग में ही लिखा है कि ‘करोड़ों में एक सचिन ने कहा अलविदा’। अखबार ने लिखा है, ‘सचिन अपने 24 साल के शानदार कैरियर के बाद इतिहास का हिस्सा बन गए हैं। उन्होंने अपने बल्ले से कई नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए। सचिन ने आने वाली पीढ़ी के लिए जो शानदार विरासत छोड़ी है उसे सालों तक लोग याद करेंगे।’
संपादकीय का शीर्षक ही केवल ‘सचिन’
इसी तरह एक अन्य प्रमुख अखबार ‘इंकलाब’ ने लिखा है, ‘सचिन के 24 साल के शानदार कैरियर में मौसम बदलते रहे, खिलाड़ी का आना जाना लगा रहा, मैचों में हार जीत का सिलसिला जारी रहा, धूमें मचती रहीं लेकिन एक चीज जो ज्यों की त्यों रही वह थी सचिन का क्रिकेट के प्रति जज्बा।’ एक अन्य अखबार ‘द न्यूज इंटरनेशनल’ ने तो अपने संपादकीय का शीर्षक ही केवल ‘सचिन’ रखा है।