पुणे के खिलाफ दिल्ली को जीत की तलाश
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दिल्ली डेयरडेविल्स की टीम 11 मैचों में छह जीत के साथ पांचवें स्थान पर है। यदि उसे प्लेऑफ में पहुंचना है तो उसकी निगाहें अपने शेष तीनों मैच जीतने पर होगी। इस कड़ी में मंगलवार को उसका मुकाबला निचले पायदान पर मौजूद राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स से होगा।
पुणे की टीम खुद तो प्ले ऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है लेकिन वह अन्य टीमों का समीकरण बिगाड़ सकती है। रविवार को दिल्ली की टीम को मुंबई इंडियंस से मात खानी पड़ी। मुंबई के कृणाल पांड्या ने 37 गेंदों पर 86 रनों की बेहतरीन पारी खेली। दिल्ली की ओर से गेंदबाजी में अमित मिश्रा और क्रिस मौरिस अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं जो अब तक क्रमश: 13 और 11 विकेट ले चुके हैं।
दोनों गेंदबाजों को सुनिश्चित करना होगा कि पुणे के बल्लेबाज ज्यादा खुलकर न खेल पाएं। दिल्ली के कप्तान जहीर खान अपनी टीम का अग्रिम मोर्चे पर नेतृत्व कर रहे हैं। वह अब तक नौ विकेट ले चुके हैं और मुंबई के खिलाफ पिछले मुकाबले में मिली हार में उनकी इॅकानोमी रेट श्रेष्ठ थी। उन्होंने चार ओवरों में 23 रन देकर एक विकेट लिया था।
डेथ ओवरों में भी उनकी गेंदबाजी प्रभावी रही है। पुणे के साथ मंगलवार को होने वाले मुकाबले में उनकी भूमिका फिर से अहम रहेगी। बल्लेबाजी में दिल्ली के पास क्विंटन डी कॉक, विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन और करुण नायर हैं। टीम प्रबंधन को उनसे बड़ा स्कोर खड़ा करने की उम्मीद होगी।
पुणे में अजिंक्य रहाणे ही सबसे भरोसेमंद
पुणे की टीम की बल्लेबाजी का दारोमदार अजिंक्य रहाणे और कप्तान धोनी पर ज्यादा है। सौरभ तिवारी और तिषारा परेरा भी हैं लेकिन उनके प्रदर्शन में नियमितता नहीं है। केवल एक एडम जांपा के सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ छह विकेट लेने के प्रदर्शन को छोड़ दिया जाए तो गेंदबाजों ने भी पुणे को निराश किया है।
अन्य स्पिनर आर अश्विन और मुरुगन अश्विन भी लगातार अच्छा नहीं कर पा रहे हैं। पेसर अशोक डिंडा और तिषारा परेरा को भी अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत है।