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IND vs SA: गावस्कर ने टीम इंडिया पर उठाए सवाल तो कप्तान रोहित ने दिया जवाब, बताई अभ्यास मैच नहीं खेलने की वजह
Sun, 31 Dec 2023 09:54 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 31 Dec 2023 09:54 PM IST
सार
पहले टेस्ट में भारत की हार के बाद सुनील गावस्कर ने कहा था कि अगर भारतीय टीम अभ्यास मैच खेलती तो उसे परेशानी नहीं होती। इसके बाद रोहित ने बताया है कि टीम इंडिया इंट्रा स्क्वॉड अभ्यास मैच क्यों खेलती है।
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रोहित शर्मा और सुनील गावस्कर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने बताया है कि विदेशी दौरों पर टीम इंडिया प्रैक्टिस मैच की बजाय इंट्रा स्क्वॉड अभ्यास मैच क्यों खेलती है। उन्होंने साफ किया है कि अभ्यास मैच के लिए दी जाने वाली पिच और असली मैच में इस्तेमाल होने वाली पिच में जमीन आसमान का अंतर होता है। वहीं, दोनों टीमों में खेलने वाले खिलाड़ियों का स्तर भी काफी अलग होता है। इस वजह से प्रथम श्रेणी अभ्यास टेस्ट खेलने से टीम को कोई फायदा नहीं होगा।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला टेस्ट पारी और 32 रनों से हारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित से इंट्रा-स्क्वाड मैच के लिए अभ्यास मैचों को नजरअंदाज करने के टीम के फैसले के बारे में पूछा गया। मैच खत्म होने के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी इंट्रा-स्क्वाड मैच का विरोध किया था। रोहित ने टीम के इंट्रा-स्क्वाड मैच खेलने के फैसले के पीछे अभ्यास मैचों में पिच और विपक्षी टीम के खिलाड़ियों पर प्रकाश डाला। भारतीय कप्तान ने कहा कि अभ्यास मैचों में टीम को जो विकेट मिलते हैं, उनमें वास्तविक मैच की पिचों जैसा उछाल और गति नहीं होती।
रोहित ने कहा "हम पिछले 4-5 वर्षों से अभ्यास मैच खेल रहे हैं। हमने प्रथम श्रेणी मैच खेलने की भी कोशिश की। आपको मैचों में जो विकेट मिलता है, वह आपको अभ्यास मैचों में नहीं मिलेगा। यह बेहतर है कि हम अपनी आवश्यकताओं के अनुसार तैयारी करें, हम अपनी आवश्यकताओं के अनुसार पिच तैयार करते हैं। हम मैदान पर नियंत्रण रख सकते हैं। जब हम पिछली बार ऑस्ट्रेलिया गए थे, जब हम 2018 में दक्षिण अफ्रीका में खेले थे, तो अभ्यास मैच में गेंद घुटने से ऊपर नहीं उछलती थी। लेकिन यहां, गेंद आपके सिर के ऊपर से उड़ती है। तो इस वजह से विचार किया गया और हमने अपनी शैली के अनुसार तैयारी करने का फैसला किया।"
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रोहित ने कहा कि वह विदेशी दौरों पर अभ्यास टेस्ट खेलने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि पिच वास्तविक मैचों में उपयोग की जाने वाली पिच के समान हों। भारतीय कप्तान ने कहा "अगर आपको अभ्यास मैच में ऐसी परिस्थितियां मिलती हैं जो टेस्ट के समान होंगी, तो यह ठीक है। हमें ऐसे तेज गेंदबाज मिलते हैं जो 120-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। हमने पिछले दो या तीन अभ्यास मैचों में इसका अनुभव किया है। यह बेहतर है कि हम अपने स्वयं के गेंदबाजों का सामना करें और अपनी इच्छानुसार पिच तैयार करें।''
क्या बोले थे गावस्कर
सुनील गावस्कर ने सीरीज की शुरुआत से पहले प्रथम श्रेणी अभ्यास मैच नहीं खेलने के रोहित शर्मा और टीम प्रबंधन के फैसले की आलोचना की थी। गावस्कर ने कहा था, ''आपने यहां सीरीज से पहले कोई मैच नहीं खेला। यही मुख्य कारण है। यदि आप सीधे टेस्ट मैच खेलते हैं, तो यह काम नहीं करेगा। हां, आपने भारत ए टीम भेजी थी। भारत ए टीम को वास्तव में दौरे से पहले आना चाहिए था। यहां आने के बाद आपको अभ्यास मैच खेलने की जरूरत है। इंट्रा-स्क्वाड एक मजाक है क्योंकि क्या आपके तेज गेंदबाज आपके बल्लेबाजों को बहुत तेज गेंदबाजी करेंगे? क्या वे बाउंसर फेंकेंगे? वे अपने बल्लेबाजों को घायल करने से डरेंगे।"
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दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहला टेस्ट पारी और 32 रनों से हारने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोहित से इंट्रा-स्क्वाड मैच के लिए अभ्यास मैचों को नजरअंदाज करने के टीम के फैसले के बारे में पूछा गया। मैच खत्म होने के बाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी इंट्रा-स्क्वाड मैच का विरोध किया था। रोहित ने टीम के इंट्रा-स्क्वाड मैच खेलने के फैसले के पीछे अभ्यास मैचों में पिच और विपक्षी टीम के खिलाड़ियों पर प्रकाश डाला। भारतीय कप्तान ने कहा कि अभ्यास मैचों में टीम को जो विकेट मिलते हैं, उनमें वास्तविक मैच की पिचों जैसा उछाल और गति नहीं होती।
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रोहित ने कहा "हम पिछले 4-5 वर्षों से अभ्यास मैच खेल रहे हैं। हमने प्रथम श्रेणी मैच खेलने की भी कोशिश की। आपको मैचों में जो विकेट मिलता है, वह आपको अभ्यास मैचों में नहीं मिलेगा। यह बेहतर है कि हम अपनी आवश्यकताओं के अनुसार तैयारी करें, हम अपनी आवश्यकताओं के अनुसार पिच तैयार करते हैं। हम मैदान पर नियंत्रण रख सकते हैं। जब हम पिछली बार ऑस्ट्रेलिया गए थे, जब हम 2018 में दक्षिण अफ्रीका में खेले थे, तो अभ्यास मैच में गेंद घुटने से ऊपर नहीं उछलती थी। लेकिन यहां, गेंद आपके सिर के ऊपर से उड़ती है। तो इस वजह से विचार किया गया और हमने अपनी शैली के अनुसार तैयारी करने का फैसला किया।"
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रोहित ने कहा कि वह विदेशी दौरों पर अभ्यास टेस्ट खेलने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि पिच वास्तविक मैचों में उपयोग की जाने वाली पिच के समान हों। भारतीय कप्तान ने कहा "अगर आपको अभ्यास मैच में ऐसी परिस्थितियां मिलती हैं जो टेस्ट के समान होंगी, तो यह ठीक है। हमें ऐसे तेज गेंदबाज मिलते हैं जो 120-125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं। हमने पिछले दो या तीन अभ्यास मैचों में इसका अनुभव किया है। यह बेहतर है कि हम अपने स्वयं के गेंदबाजों का सामना करें और अपनी इच्छानुसार पिच तैयार करें।''
क्या बोले थे गावस्कर
सुनील गावस्कर ने सीरीज की शुरुआत से पहले प्रथम श्रेणी अभ्यास मैच नहीं खेलने के रोहित शर्मा और टीम प्रबंधन के फैसले की आलोचना की थी। गावस्कर ने कहा था, ''आपने यहां सीरीज से पहले कोई मैच नहीं खेला। यही मुख्य कारण है। यदि आप सीधे टेस्ट मैच खेलते हैं, तो यह काम नहीं करेगा। हां, आपने भारत ए टीम भेजी थी। भारत ए टीम को वास्तव में दौरे से पहले आना चाहिए था। यहां आने के बाद आपको अभ्यास मैच खेलने की जरूरत है। इंट्रा-स्क्वाड एक मजाक है क्योंकि क्या आपके तेज गेंदबाज आपके बल्लेबाजों को बहुत तेज गेंदबाजी करेंगे? क्या वे बाउंसर फेंकेंगे? वे अपने बल्लेबाजों को घायल करने से डरेंगे।"