मिस्टर 'भरोसेमंद' ने धोनी का विश्वास जीता, रचा इतिहास
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महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली टीम राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स का आईपीएल में आगाज बेहद निराशाजनक रहा। यह टीम का पहला सीजन है और टीम पूरी तरह से फ्लॉप रही। 12 मैचों में पुणे की टीम महज तीन मैच ही जीत सकी जबकि 9 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा।
शनिवार का दिन भी पुणे के लिए अच्छा नहीं रहा। पहले बल्लेबाजी करते हुए पुणे विपक्षी टीम कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के समक्ष सिर्फ 104 का लक्ष्य रख सकी। बीच में बारिश ने विघ्न डाला और केकेआर डकवर्थ लुइस नियम से विजयी घोषित हुआ। इस हार के साथ ही पुणे आईपीएल के प्लेऑफ से बाहर हो चुकी है।
यह मैच हालांकि टीम के हित में नहीं रहा लेकिन टीम के गेंदबाज आर अश्विन के लिए नहीं। अश्विन आईपीएल में लगातार फ्लॉप चल रहे थे लेकिन इस मुकाबले में वह टीम में सफलता झटकने वाले इकलौते गेंदबाज रहे।
धोनी ने पहले गेंदबाजी अश्विन को ही दी। इन्होंने धोनी का विश्वास जीता और पहले ही ओवर में दो विकेट झटक लिए। इन दोनों विकेटों के साथ ही अश्विन के नाम टी-20 में नया रिकॉर्ड भी बन गया। इस साल अश्विन ने अपने पहले ओवर में गेंदबाजी करते हुए कुल 6 विकेट झटके हैं। ऐसा कारनामा करने वाले वह पहले गेंदबाज बन गए हैं।
धोनी ने कोच ने डकवर्थ को कहा बकवास
धोनी की टीम राइजिंग पुणे के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने टीम की हार पर अपना मुंह खोला है। उन्होंने डकवर्थ लुइस नियम को बकवास करार दिया है। उन्होंने कहा कि मैच में बारिश हो जाने के बाद एक टीम को हारा हुआ घोषित कर दिया जाए।
फ्लेमिंग ने कहा कि डकवर्थ टी-20 खेल के लिए सही नहीं है। शनिवार को हुए इस मैच में डकवर्थ नियम के अनुसार, पुणे को हराने के लिए केकेआर को जीत के लिए 9 ओवरों में 66 रन की जरुरत थी जिसे केकेआर ने 5 ओवरों में ही हासिल कर लिया था।
पुणे की ओर से कप्तान धोनी सबसे खराब परफॉर्मर रहे। उन्होंने 22 गेंद खाकर सिर्फ 8 रन बनाए। मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने उतरे धोनी को तेज रनों की जरुरत थी लेकिन केकेआर की घातक गेंदबाजी के आगे वह बल्ले से बेबस नजर आए।