जीत के साथ 2011 का इतिहास दोहराना चाहेंगी दोनों टीमें
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ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की संयुक्त मेजबानी में 14 फरवरी से शुरू हुए वर्ल्ड कप का 11वां संस्करण अपना अध्याय बंद करने से महज एक मैच दूर है। यह टूर्नामेंट बल्लेबाजों के लिहाज से काफी फायदेमंद रहा, टूर्नामेंट में रनों के अंबार लगे।
वर्ल्ड कप के 49 में से 48 मैच खेले जा चुके हैं और अब सिर्फ खिताबी मुकाबला खेला जाना है जो ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच मेलबर्न में रविवार को भारतीय समयानुसार सुबह 9 बजे से शुरू होगा। ऑस्ट्रेलिया जहां सातवीं बार फाइनल खेल रहा है तो कीवी टीम पहली बार खिताबी रेस में शामिल हुई हैं। ऑस्ट्रेलिया लगातार 7 मैच जीतकर सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया को हराकर न सिर्फ सातवीं बार फाइनल में पहुंचा बल्कि रिकॉर्ड 4 बार खिताब पर भी कब्जा जमा चुका है।
अगर न्यूजीलैंड की टीम अपने पहले ही फाइनल में खिताब जीत जाती है तो ऐसा करने वाली वह पांचवीं टीम बन जाएगी। इससे पहले वेस्टइंडीज (1975), भारत (1983), पाकिस्तान (1992) और श्रीलंका (1996) ही ऐसा कर सके हैं। जबकि सातवां फाइनल खेलने उतरने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम अपने पांचवें खिताब पर नजर लगाई हुई है। इससे पहले कंगारुओं ने 1987, 1999, 2003 और 2007 का खिताब जीता था।
दोनों ही टीमें 2011 के इतिहास को दोहराने को बेकरार हैं। वर्ल्ड कप इतिहास में चार साल पहले यानी 2011 के वर्ल्ड कप में भारत और श्रीलंका की टीमें फाइनल में पहुंची जिसमें टीम इंडिया चैंपियन बनी थी। ऑस्ट्रेलिया के लिए यह मैच इस लिहाज से भी खास है क्योंकि उसके कप्तान माइकल क्लार्क ने फाइनल मैच के बाद वनडे से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है और अब टीम क्लार्क को खिताबी जीत के साथ विदाई देना चाहेगी।
37 साल पुराने कारनामे को दोहराना चाहेगा न्यूजीलैंड
40 साल के वर्ल्ड कप इतिहास में टूर्नामेंट के नॉकआउट मुकाबलों में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड महज दूसरी बार ही आमने-सामने होंगे। इससे पहले 1996 के वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में दोनों टीमें आमने-सामने थी जिसमें कंगारू विजयी रहे थे। हालांकि इस वर्ल्ड कप में दोनों टीमें एक ही पूल में थी और ऑकलैंड में हुए मुकाबले में न्यूजीलैंड ने बेहद रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराया। न्यूजीलैंड की यह जीत दोनों के बीच टूर्नामेंट के 9 मुकाबलों में सिर्फ तीसरी जीत थी।
मेलबर्न में होने वाले मुकाबले में मेलबान ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी माना जा रहा है, जबकि टूर्नामेंट में लगातार 8 मैच जीतने वाली न्यूजीलैंड की टीम का इस मैदान बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा है। इस मैदान पर न्यूजीलैंड की ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का औसत 14-4 है। हालांकि दोनों के बीच हुए पिछले 5 मैचों की बात की जाए तो 3 मैच न्यूजीलैंड ने जीते हैं। वहीं ऑस्ट्रेलिया इस मैदान पर लगातार 6 मैच जीत चुका है। उसे 2012 में श्रीलंका ने इस मैदान पर आखिरी बार हराया था।
न्यूजीलैंड को अपने घर का शेर माना जाता है। फाइनल से पहले उसने सारे मैच अपने घर में खेले और सभी जीते भी। टूर्नामेंट में उसका पहला और एकमात्र बाहर मैच फाइनल ही है जिसमें उसकी क्षमता के बारे में पता चल सकेगा। 37 साल पहले न्यूजीलैंड ने द्विपक्षीय सीरीज के अलावा 2 से अधिक टीमों के बीच हुए मुकाबले में खिताबी जीत हासिल की थी। 1981 में कीवी टीम ने त्रिकोणीय सीरीज के बेस्ट ऑफ थ्री फाइनल्स में पहला फाइनल मैच जीता था लेकिन यह मैच सिडनी में खेला गया था। इसके बाद से न्यूजीलैंड ऑस्ट्रेलिया से दुनियाभर में 12 फाइनल मैच हार चुका है जिसमें 2009 का चैंपियंस ट्रॉफी भी शामिल है।
अपने अंतिम वनडे में कप्तान क्लार्क को बनाने होंगे 93 रन!
अब बात करते हैं दोनों टीमों की इस मैच की तैयारियों पर। बेहद शानदार प्रदर्शन करने वाले न्यूजीलैंड जीत के अजेय रथ पर सवार है जबकि ऑस्ट्रेलिया अपने घर पर फाइनल मैच खेलने उतरेगी। माना जा रहा है कि दोनों टीमें अपने पिछले एकादश पर ही ज्यादा भरोसा करेंगी और टीम में किसी भी तरह के बदलाव से बचेंगी।
न्यूजीलैंड की टीम का दारोमदार विस्फोटक बल्लेबाज और कप्तान ब्रैंडन मैकुलम के अलावा मार्टिन गुप्टिल, केन विलियम्सन, रॉस टेलर और कोरी एंडरसन के अलावा ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी जैसे मैच जीताऊ खिलाड़ियों पर होगा। जबकि ऑस्ट्रेलिया अपने बल्लेबाज डेविड वॉर्नर, स्टीवन स्मिथ, ग्लेन मैक्सवेल के साथ-साथ तेज गेंदबाजों मिचेल जॉनसन और मिचेल स्टॉर्क पर ज्यादा निर्भर होगा। जॉनसन पिछले मैच में भारत के खिलाफ जोरदार गेंदबाजी कर लय में लौट चुके हैं जो फाइनल में फिर अपना जलव दिखा सकते हैं।
फाइनल मैच की पूर्वसंध्या पर वनडे से संन्यास का ऐलान करने वाले क्लार्क वनडे में अपने 9 हजार रन से महज 93 रन दूर है और वह शानदार पारी खेलकर अपने अंतिम मैच से वनडे करियर से विदाई लेना चाहेंगे।
न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज टिम साउदी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाले फाइनल से पहले उनकी टीम मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (एमसीजी) के साइज को लेकर चिंतित नहीं है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर मैथ्यू हेडन ने खिताबी मुकाबले के पूर्व न्यूजीलैंड टीम पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके खिलाड़ी एमसीजी के बड़े साइज को देखकर कीवी खिलाड़ी भयभीत हो जाएंगे। 26 वर्षीय साउदी ने कहा, "हम एमसीजी के बड़े आकार से चिंतित नहीं है। इस फाइनल में पहुंचकर हम सबके सपने साकार हो गए है। हमारे खिलाड़ियों को बड़े मैदानों पर खेलने का अनुभव है और सभी खिलाड़ी फाइनल के लिए तैयार है। हमने लगातार 8 मैच जीते हैं, इसलिए टीम के हौसले बुलंद है।"