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प्रणव की कामयाबी पर मुंबई ने किया सलाम
सत्येन्द्र पाल सिंह/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 06 Jan 2016 09:46 AM IST
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क्रीज पर लंगर डाल कर लंबी पारी खेलना मुंबई क्रिकेटरों की खासियत है। इसका कारण बहुत हद तक यह है कि मुंबई में स्कूल क्रिकेट में उसके क्रिकेटर आज भी दो और तीन दिनी क्रिकेट खेलते हैं।
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इसी का नतीजा है स्कूली क्रिकेट में सर्वाधिक निजी स्कोर का रिकॉर्ड मुंबई का सचिन तेंडुलकर जैसा बल्लेबाज एक दिन बनाता जरूर है लेकिन सरफराज खान, अरमान जाफर ,पृथ्वी शाह जैसे किशोर बल्लेबाजा उसे तोड़ने का कोई मौका नहीं चूकते है।
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मुंबई के 15 बरस के प्रणव धनावड़े ने मंगलवार को केवल 327 गेंद खेल कर नॉटआउट 1009 रन बनाकर माइनर क्रिकेट नया विश्व रिकॉर्ड बनाया।
अरमान जाफर के पिता कलीम जाफर और सरफराज के पिता नौशाद प्रणव धनावड़े की रिकॉर्ड तोड़ पारी को तारीफ के काबिल बताते हैं। कलीम और नौशाद अपने-अपने बेटों के कोच भी हैं।
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कलीम कहते हैं, मुंबई में स्कूल क्रिकेट के मैच दो दिन के होते हैं। इससे इस शहर के क्रिकेटरों को हर सत्र की अहमियत का बहुत कम उम्र में मालूम पड़ जाता है।ऐसे में मुंबई नगरी में स्कूल स्तर से क्रिकेटरों में कड़ी प्रतिद्वंद्विता का सामना करना पड़ता है। यदि एक सत्र में बच्चा 100-150 गेंद खेलता है तो वह 100 रन बना ही लेगा।
उन्होंने आगे कहा, ऐसे में क्रिकेटर यदि दो-तीन सत्र खेल लेता है तो फिर वह दोहरे और तिहरे शतक की ओर बढ़ जाता है। प्रणव का 1000 रन बनाना बड़ी उपलब्धि है। प्रणव को इस मैराथन पारी के लिए सलाम। मुंबई में लंबी पारी खेलने की परंपरा को उसे 1000 रन की निजी पारी खेलने की बुलंदी पहुंचाने के लिए फिर बधाई।
नौशाद खान कहते हैं, ‘सभी फुलटॉस गेंदें मिले तब भी किसी भी स्तर पर बल्लेबाज से 1000 रन आसानी नहीं बनते है। प्रणव ने स्कूल क्रिकेट में नॉटआउट 1009 रन की यह मैराथन पारी खेली है। मुंबई में क्रिकेट में घोर प्रतिद्वंद्विता है।
मुंबई क्रिकेट में क्रिकेट कोच की तवज्जो सबसे ज्यादा बल्लेबाज की तकनीक और लंबी पारी खेलने का टेंपरामेंट को विकसित करने पर होती है। किशोर उम्र में बल्लेबाज जितना वक्त क्रीज पर बिताता है वह अपना खेल ही ज्यादा मांझने में कामयाब होता है। इसी कारण हमारी मुंबई के बल्लेबाजों को बचपन से ही अपनी विकेट की कीमत पूरी तरह मालूम रहती है।
स्कूली क्रिकेट में मुंबई के क्रिकेटरों को बहुत कम उम्र में ही दो दिनी मैच खेलने को मिलते हैं। इससे ही उनमें लंबी पारी खेलने का शउर आ जाता है। सरफराज खाज ने स्कूल क्रिकेट में 439 रन बनाकर हैरिस शील्ड में सचिन तेंडुलकर के रिकॉर्ड को तोड़ा।
सरफराज के रिकॉर्ड को अरमान जाफर (498 ) ने तोड़ दिया। अरमान के रिकॉर्ड को पृथ्वी शॉ (546) ने तोड़ा। पृथ्वी के हैरिस शील्ड में 2013-14 में रिकॉर्ड को तो प्रणव (नॉटआउट 652) ने श्रीमती केसी गांधी स्कूल कल्याण की ओर से एचटी भंडारी कप अंतर स्कूल क्रिकेट में आर्य गुरूकुल के खिलाफ खेलते तोड़ दिया।