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PKL 2021-22: क्या हैं प्रो कबड्डी लीग के नियम, अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी और पीकेल में कितना फर्क ?
Tue, 21 Dec 2021 03:46 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बैंगलोर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, बैंगलोर
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 21 Dec 2021 03:46 PM IST
सार
प्रो कबड्डी लीग का आठवां सीजन बुधवार से शुरू हो रहा है। दो महीने तक चलने वाले इस टूर्नामेंट को ज्यादा रोमांचक बनाने के लिए इसके नियम अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी से थोड़े अलग बनाए गए हैं। यहां हम पीकेएल के नियमों के बारे में बता रहे हैं।
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प्रो कबड्डी लीग के नियम अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी से थोड़े अलग हैं
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
प्रो कबड्डी लीग के आठवें सीजन की शुरुआत बुधवार से हो रही है। यह टूर्नामेंट 22 दिसंबर को शुरू होगा और 20 जनवरी को इसका पहला चरण खत्म होगा। कोरोना की वजह से पिछले साल इस लीग का आयोजन नहीं हुआ था। इस साल पीकेएल के सभी मैच दर्शकों के बिना खेले जाएंगे। इस लीग के नियम अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी से थोड़े अलग बनाए गए हैं ताकि खेल को और रोमांचक बनाया जा सके। यहां हम प्रो कबड्डी के सभी नियमों के बारे में बता रहे हैं।
प्रो कबड्डी में सभी मैच 40 मिनट के होते हैं। पूरा खेल दो हाफ में बांटा जाता है। एक हाफ 20 मिनट का होता है। पहले हाफ के बाद दोनों टीमें आपस में कोर्ट बदल लेती हैं। एक मैच में हर टीम अधिकतर पांच खिलाड़ियों को सब्स्टीट्यूट कर सकती है। कबड्डी में भी क्रिकेट की तरह अंपायर के फैसले को चुनौती देने का मौका मिलता है। दोनों टीमों के कप्तान के पास एक रिव्यू होता है। सही रिव्यू लेने पर अंपायर का फैसला बदल जाता है और टीम के पास रिव्यू बचा रहता है। वहीं गलत रिव्यू लेने पर रिव्यू खत्म हो जाता है।
बोनस प्वाइंट
कबड्डी के कोर्ट पर दो लाइनें होती हैं। पहली क्रास लाइन, जिसे पार किए बिना रेडर वापस नहीं लौट सकता। अगर वह ऐसा करता है तो वह आउट हो जाता है। क्रास लाइन के पीछे बोनस लाइन भी होती है, जिसे पार करने पर बोनस मिलता है, लेकिन बोनस प्वाइंट तभी मिलता है, जब कोर्ट पर डिफेंडिंग टीम के छह या सात खिलाड़ी मौजूद हों। रेडर को बोनस लाइन के पीछे पैर रखने के साथ ही दूसरा पैर हवा में रखना होता है तभी बोनस प्वाइंट मिलता है। अगर कोई रेडर बोनस प्वाइंट लेने के बाद आउट हो जाता है तब भी टीम को बोनस प्वाइंट मिलता है।
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क्या है सुपर रेड
जब कोई रेडर एक रेड में तीन या उससे ज्यादा अंक लेकर वापस आता है तो उसे सुपर रेड कहते हैं। एक रेडर बोनस अंक लेने के बाद दो खिलाड़ियों को आउट करता है तो इसे भी सुपर रेड माना जाता है।
सुपर टैकल
अगर किसी टीम के सिर्फ तीन या उससे कम खिलाड़ी कोर्ट पर रहते हैं और रेडर को आउट कर देते हैं तो इसे सुपर टैकल कहते हैं। सुपर टैकल करने वाली टीम को दो अंक दिए जाते हैं।
सुपर-10
जब कोई रेडर मैच में अकेले 10 या उससे ज्यादा अंक हासिल कर लेता है तो इसे सुपर 10 कहते हैं।
हाई फाइव
जब कोई डिफेंडर अकेले पांच अंक हासिल कर लेता है तो इसे हाई फाइव कहते हैं।
डू ऑर डाइ रेड
पीकेएल में कोई भी टीम लगातार तीन खाली रेड नहीं कर सकती है। अगर किसी टीम के रेडर लगातार दो रेड में कोई प्वाइंट नहीं हासिल करते हैं और आउट भी नहीं होते हैं तो तीसरी रेड डू ऑर डाइ हो जाती है। ऐसे में रेडर को हर हाल में अंक हासिल करना होता है। ऐसा न होने पर रेडर अपने आप आउट हो जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी से कितनी अलग है पीकेएल
प्रो कबड्डी लीग में डू ऑर डाइ रेड का नियम होता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी में ऐसा कोई नियम नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी अपनी मर्जी के अनुसार जितनी चाहें उतनी खाली रेड कर सकते हैं। वहीं प्रो कबड्डी लीग में रेडर को हर तीसरी रेड में अंक हासिल करना या आउट होना जरूरी होता है।
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प्रो कबड्डी में सभी मैच 40 मिनट के होते हैं। पूरा खेल दो हाफ में बांटा जाता है। एक हाफ 20 मिनट का होता है। पहले हाफ के बाद दोनों टीमें आपस में कोर्ट बदल लेती हैं। एक मैच में हर टीम अधिकतर पांच खिलाड़ियों को सब्स्टीट्यूट कर सकती है। कबड्डी में भी क्रिकेट की तरह अंपायर के फैसले को चुनौती देने का मौका मिलता है। दोनों टीमों के कप्तान के पास एक रिव्यू होता है। सही रिव्यू लेने पर अंपायर का फैसला बदल जाता है और टीम के पास रिव्यू बचा रहता है। वहीं गलत रिव्यू लेने पर रिव्यू खत्म हो जाता है।
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बोनस प्वाइंट
कबड्डी के कोर्ट पर दो लाइनें होती हैं। पहली क्रास लाइन, जिसे पार किए बिना रेडर वापस नहीं लौट सकता। अगर वह ऐसा करता है तो वह आउट हो जाता है। क्रास लाइन के पीछे बोनस लाइन भी होती है, जिसे पार करने पर बोनस मिलता है, लेकिन बोनस प्वाइंट तभी मिलता है, जब कोर्ट पर डिफेंडिंग टीम के छह या सात खिलाड़ी मौजूद हों। रेडर को बोनस लाइन के पीछे पैर रखने के साथ ही दूसरा पैर हवा में रखना होता है तभी बोनस प्वाइंट मिलता है। अगर कोई रेडर बोनस प्वाइंट लेने के बाद आउट हो जाता है तब भी टीम को बोनस प्वाइंट मिलता है।
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क्या है सुपर रेड
जब कोई रेडर एक रेड में तीन या उससे ज्यादा अंक लेकर वापस आता है तो उसे सुपर रेड कहते हैं। एक रेडर बोनस अंक लेने के बाद दो खिलाड़ियों को आउट करता है तो इसे भी सुपर रेड माना जाता है।
सुपर टैकल
अगर किसी टीम के सिर्फ तीन या उससे कम खिलाड़ी कोर्ट पर रहते हैं और रेडर को आउट कर देते हैं तो इसे सुपर टैकल कहते हैं। सुपर टैकल करने वाली टीम को दो अंक दिए जाते हैं।
सुपर-10
जब कोई रेडर मैच में अकेले 10 या उससे ज्यादा अंक हासिल कर लेता है तो इसे सुपर 10 कहते हैं।
हाई फाइव
जब कोई डिफेंडर अकेले पांच अंक हासिल कर लेता है तो इसे हाई फाइव कहते हैं।
डू ऑर डाइ रेड
पीकेएल में कोई भी टीम लगातार तीन खाली रेड नहीं कर सकती है। अगर किसी टीम के रेडर लगातार दो रेड में कोई प्वाइंट नहीं हासिल करते हैं और आउट भी नहीं होते हैं तो तीसरी रेड डू ऑर डाइ हो जाती है। ऐसे में रेडर को हर हाल में अंक हासिल करना होता है। ऐसा न होने पर रेडर अपने आप आउट हो जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी से कितनी अलग है पीकेएल
प्रो कबड्डी लीग में डू ऑर डाइ रेड का नियम होता है, जबकि अंतर्राष्ट्रीय कबड्डी में ऐसा कोई नियम नहीं है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी अपनी मर्जी के अनुसार जितनी चाहें उतनी खाली रेड कर सकते हैं। वहीं प्रो कबड्डी लीग में रेडर को हर तीसरी रेड में अंक हासिल करना या आउट होना जरूरी होता है।