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Virat-Root Captaincy: ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने विराट को बताया असाधारण कप्तान, लेकिन रूट की लगाई क्लास

Sun, 30 Jan 2022 10:01 PM IST
Rajeev Rai स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rajeev Rai Updated Sun, 30 Jan 2022 10:01 PM IST
सार

विराट कोहली अब भारतीय क्रिकेट टीम के किसी भी प्रारुप के कप्तान नहीं रह गए हैं। लेकिन उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को कई यादगार जीतें दिलाई हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज इयान चैपल ने कोहली की कप्तानी की जमकर तारीफ की है लेकिन साथ-साथ इंग्लैंड के कप्तान जो रूट की आलोचना भी की है। 

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One very good at his job, the other a failure Ian Chappell gives his verdict on Virat Kohli and Joe Root captaincy
विराट कोहली और जो रूट - फोटो : ट्विटर

विस्तार

विराट कोहली अब भारतीय क्रिकेट टीम के किसी भी प्रारुप के कप्तान नहीं रह गए हैं। लेकिन उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को कई यादगार जीतें दिलाई हैं। यही कारण है कि उनकी कप्तानी के चर्चे आज भी जारी हैं। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और स्टार बल्लेबाज इयान चैपल ने कोहली की कप्तानी की जमकर तारीफ की है लेकिन साथ-साथ इंग्लैंड के कप्तान जो रूट की आलोचना भी की है। 

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चैपल ने विराट कोहली को असाधारण कप्तान करार दिया है। जबकि इंग्लैंड के जो रूट को अच्छा बल्लेबाज लेकिन कमजोर कप्तान बताया है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की टेस्ट श्रृंखला में हार के बाद कोहली ने टेस्ट कप्तानी छोड़ दी थी। इससे पहले उन्होंने टी-20 टीम की कप्तानी छोड़ी थी जबकि उन्हें वनडे कप्तान पद से हटा दिया गया था। चैपल ने कोहली और रूट की कप्तानी शैली में अंतर का जिक्र किया।
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उन्होंने अपने एक कॉलम में लिखा, "यह दो क्रिकेट कप्तानों की कहानी है। एक अपने काम में बहुत अच्छा तो दूसरा असफल रहा। इसमें कोई संदेह नहीं है कि कोहली कप्तान के रूप में एक अपवाद थे। उन्होंने अपने उत्साह पर अंकुश नहीं लगाया, लेकिन फिर भी वह भारतीय टीम को उच्च स्तर तक ले जाने में सक्षम थे। उप कप्तान अजिंक्य रहाणे के रूप में अच्छे सहयोगी की मदद से उन्होंने भारत को विदेशों में सफलता दिलाई और ऐसा किसी अन्य कप्तान ने नहीं किया।"
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चैपल ने रूट का आकलन करते हुए लिखा, "किसी भी अन्य कप्तान की तुलना में सर्वाधिक मैचों में अपने देश की अगुवाई करने के बावजूद कप्तानी में असफलता का नाम जो रूट है। यह मायने नहीं रखता कि रूट या इंग्लैंड का अन्य कोई धुर प्रशंसक आपसे क्या कहता है। रूट अच्छा बल्लेबाज है लेकिन कमजोर कप्तान है।"

चैपल ने कहा कि कोहली ने किस तरह से भारत के दो सफल कप्तानों सौरव गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी की विरासत को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा, "कोहली को सौरव गांगुली और धोनी से जो विरासत मिली थी उसे उन्होंने सात वर्षों में काफी हद तक आगे बढ़ाया। कप्तान के रूप में उनकी सबसे बड़ी निराशा दक्षिण अफ्रीका से हाल में मिली हार रही जिसमें भारत 1-0 से आगे था, हालांकि उन्होंने केपटाउन में दूसरे टेस्ट में कप्तानी नहीं की थी।" 


चैपल ने टेस्ट क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन करने के कोहली के जुनून का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "कोहली की सबसे बड़ी उपलब्धि अपनी टीम में टेस्ट क्रिकेट के प्रति ललक पैदा करना था। अपनी व्यापक सफलता के बावजूद कोहली का प्रमुख लक्ष्य टेस्ट क्रिकेट में जीत हासिल करना था और यहीं से उनका जुनून वास्तव में चमक उठा।"

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