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इस चौंकाने वाले फैसले से हुई टीम इंडिया की हार!
इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 03 Jul 2013 10:18 AM IST
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टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनने वाली टीम इंडिया का शुरुआत में लिया एक फैसला बेहद चौंकाने वाला था। शायद उसी का खामियाजा टीम को हार के रूप में चुकाना पड़ा।
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ये फैसला था टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन के सिलेक्शन का।
श्रीलंका के खिलाफ मुकाबले से पहले महेंद्र सिंह धोनी तो मांसपेशियों की चोट के कारण बाहर हो गए थे, लेकिन टीम इंडिया के मुख्य तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को भी इस मैच में बाहर बिठा दिया गया।
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गौरतलब है कि दिसंबर 2012 से टीम इंडिया की पेस गेंदबाजी की कमान संभालने वाले भुवनेश्वर कुमार कुछ ही समय में अपनी एक खासियत की वजह से टीम इंडिया की 'सनसनी' बनकर उभरे हैं।
उनकी ये खूबी है टीम इंडिया को शुरुआती सफलता जल्द से जल्द दिलाने की।
या तो भुवनेश्वर खुद विपक्षी टीम के शुरुआती विकेट झटक लेते थे अन्यथा वे प्रेशर डालते थे और उनके साथी गेंदबाज को विकेट मिल जाता था।
भुवनेश्वर की जगह टीम में लिए गए शमी अहमद ने खूब रन लुटाए। वहीं, टीम इंडिया एक अदद विकेट के लिए तरस गई। श्रीलंका की एकमात्र विकेट 213 रन पर गिरी।
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मजबूत ओपनिंग पार्टनरशिप ही श्रीलंका की जीत का आधार बनी। भुवनेश्वर टीम में होते तो शायद मैच के परिणाम कुछ ओर होते।
पिछले मुकाबले में वेस्टइंडीज के धाकड़ बल्लेबाज क्रिस गेल का विकेट शुरू में गिरना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
भुवनेश्वर कुमार न सिर्फ बेहतरीन स्विंग कराते हैं बल्कि अपनी टीम को शुरुआती सफलता भी बहुत जल्द दिलाते हैं।
श्रीलंका को पहले परेशान कर चुके हैं भुवनेश्वर
मेरठ के इस नायाब तेज गेंदबाज ने ही चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ लाजवाब गेंदबाजी की।
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भुवनेश्वर की ही कसी हुई गेंदबाजी का कमाल था कि श्रीलंका के धुरंधर बल्लेबाज खुलकर खेल नहीं सके और उन्हें एक-एक रन बनाने के लिए खासा संघर्ष करना पड़ा।
14 मैचों में 8 बार शुरुआती सफलता
भुवनेश्वर ने पिछले साल दिसंबर में ही अपना अंतरराष्ट्रीय करियर आगाज किया था तब से लेकर अब तक वह 14 वनडे मैच खेल चुके हैं।
इन 14 वनडे मैचों में उन्होंने सात मौकों पर अपने पहले ही स्पेल में टीम इंडिया को शुरुआती सफलता दिलाई है।