खत्म नहीं हो रही शास्त्री की 'खुन्नस', छोड़ दी कुंबले की क्रिकेट समिति
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पिछले महीने कुंबले शास्त्री को पीछे छोड़कर टीम इंडिया के अगले कोच बने थे। कोच बनने से चूकने के बाद शास्त्री ने बीसीसीआई की क्रिकेट समिति से खास सदस्य सौरव गांगुली की खुलकर आलोचना की। साथ ही पूरी चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठा दिए।
लगातार बयान देने के बाद टीम इंडिया के पूर्व डायरेक्टर ने एक और धमाका करते हुए आईसीसी की उस क्रिकेट समिति से इस्तीफा दे दिया जिसके मुखिया अनिल कुंबले हैं।
54 साल के शास्त्री आईसीसी के क्रिकेट समिति में मीडिया प्रतिनिधि के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, "मैंने पहले ही अपना इस्तीफा दे दिया था। मेरी कुछ निजी प्राथमिकताएं हैं और मैं इससे 6 साल से जुड़ा रहा हूं।"
इस्तीफे के पीछे कुंबले बने मुख्य कारण?
हालांकि रवि शास्त्री के इस्तीफे के पीछे का खास कारण बतौर कमेंट्रेटर, टीवी एक्सपर्ट और कॉलमनिस्ट मीडिया वर्ल्ड से जुड़े उनके कई कमिटमेंट्स को माना जा रहा है, लेकिन एक चर्चा यह भी है कि उन्होंने यह इस्तीफा बीसीसीआई की क्रिकेट समिति के सदस्य सौरव गांगुली के खुलकर उनकी आलोचना करने के बाद दिया है।
बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि सौरव गांगुली की तरह शास्त्री भी एक भावुक आदमी हैं। उनके इस्तीफे के कारणों की जानकारी नहीं है। बीसीसीआई की ओर से मीडिया प्रतिनिधि के लिए नामांकित होने के बाद से वह इस पद पर काम करने को इच्छुक नहीं थे। साथ ही उन्हें समिति के बॉस कुंबले को रिपोर्ट करनी भी पड़ती और हो सकता है कि बैठक में कुंबले के साथ बैठने में वह दिक्कत महसूस कर रहे हों। वैसे, आईसीसी की क्रिकेट समिति में मीडिया प्रतिनिधि का काम काफी प्रभावशाली माना जाता है।
भारतीय कोच के चयन के बाद शास्त्री ने कहा था कि सौरव गांगुली उनके इंटरव्यू के दौरान समिति के साथ मौजूद नहीं थे। उन्होंने जानबूझकर उन्हें इस पद से दूर किया। जवाब में कई दिन बाद गांगुली ने पलटवार करते हुए कहा कि वह बेवकूफों की दुनिया में जी रहे हैं। अगर वह अपने इस काम को लेकर इतने गंभीर थे तो उन्हें बैंकाक में छुट्टियां मनाने के बजाए कोलकाता में मौजूद होकर इंटरव्यू देना चाहिए था।