मेरे शिष्य सचिन जैसा कोई नहीं : अचरेकर
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क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर के गुरू रमाकांत अचरेकर ने कहा है कि उनके शिष्य जैसा दूसरा कोई नहीं है। द्रोणाचार्य अवार्डी अचरेकर ने एक क्रिकेट टूर्नामेंट के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर कहा कि सचिन ने लंबे समय से देश की सेवा की है।
सचिन ने एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने के लिए जो समय चुना वह बिल्कुल सही समय था। हमें उम्मीद है कि वह अभी टेस्ट क्रिकेट के जरिए देश की सेवा करना जारी रखेंगे और अपने अनुभवों से युवा क्रिकेटरों का मार्गदर्शन करेंगे।
मास्टर ब्लास्टर ने हाल ही में क्रिकेट के एकदिवसीय प्रारूप को अलविदा कह दिया था लेकिन साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में खेलना जारी रखने का भी फैसला किया था। सचिन मौजूदा रणजी सत्र में अपनी मुंबई टीम के क्वार्टरफाइनल में पहुंच जाने के बाद अब इस मुकाबले में भी खेलने उतरेंगे।
मसूरी में इस समय छुट्टियां बिता रहे सचिन ने वनडे से संन्यास के बाद पहली बार बुधवार को मीडिया से बातचीत करते हुए भारतीय टीम को पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज में वापसी के लिए अपनी शुभकामनाएं दी थी।
भारत में सबसे सम्मानित क्रिकेट कोच अचरेकर ने सचिन, विनोद कांबली और प्रवीण आमरे सहित कई खिलाड़ियों को मुंबई के शिवाजी पार्क में क्रिकेट का ककहरा सिखाया था। अचरेकर को क्रिकेट कोचिंग में उनके योगदान के लिए सर्वोच्च द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।