टेस्ट मैच का अनोखा रिकॉर्ड, सबने किया दहाई पर नहीं लगी फिफ्टी
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क्रिकेट के मैदान पर कई बार ऐसे अनोखे रिकॉर्ड भी बन जाते हैं जिनके बारे में शायद क्रिकेटरों को भी नहीं पता होता। जोहांसबर्ग के वांडरर्स मैदान पर दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच में ऐसा ही एक दिलचस्प रिकॉर्ड बना।
यह एक ऐसा रिकॉर्ड है जो टेस्ट के 138 साल पुराने इतिहास में आज तक नहीं हुआ। टॉस जीतकर अफ्रीकी टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया और पूरी टीम 313 रन बनाकर आउट हो गई। इसके बाद इंग्लैंड की पहली पारी 323 रन पर सिमट गई।
इस पारी में बल्लेबाजों ने टीम के लिए 300 से ज्यादा का स्कोर किया लेकिन उसकी ओर से एक भी फिफ्टी नहीं लगी, जबकि क्रीज पर आए सभी 11 अफ्रीकी बल्लेबाजों ने दहाई का आंकड़ा पार भी कर लिया। साथ ही किसी एक पारी में दहाई का आंकड़ा पार करने के बाद किसी भी टीम का यह सबसे छोटा स्कोर भी है।
करीब 88 साल बाद अपना ही रिकॉर्ड और किया 'खराब'
दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में मेजबान टीम ने 313 रन बनाए और सभी बल्लेबाजों ने दहाई का स्कोर किया। उसकी ओर से ओपनर डीन एल्गर ने सर्वाधिक 46 रन बनाए जबकि न्यूनतम स्कोर मोर्ने मोर्कल का रहा जिन्होंने 12 रन बनाए।
इस पारी में सबसे बड़ी पारी ओपनर एल्गर ने खेली जिन्होंने पारी की शुरुआत की थी जबकि सबसे छोटी पारी मोर्कल के नाम रही जो टीम के लिए अंतिम गेंद खेले और 12 रन बनाकर आउट हुए। सीरीज के बीच में कप्तान बने एबी डीविलियर्स ने 36 रनों की पारी खेली। हाशिम अमला ने 41 रनों का स्कोर किया।
टेस्ट इतिहास में देखा जाए तो अब तक 13 बार किसी एक पारी में सभी 11 बल्लेबाजों ने 10 या उससे ज्यादा का स्कोर किया है। लेकिन अफ्रीकी टीम का 313 रन का स्कोर इन 13 मौकों में से सबसे छोटी पारी है।
इससे पहले सभी बल्लेबाजों के 10 या उससे ज्यादा का स्कोर करने के बावजूद सबसे छोटी पारी का रिकॉर्ड इसी अफ्रीकी टीम के ही नाम दर्ज था जिन्होंने 1931-32 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट में 358 रनों का स्कोर किया था।