ऑस्ट्रेलियाई कोच लैंगर भी हुए माही के दीवाने, बोले-धोनी सुपरस्टार और सर्वकालिक महान क्रिकेटर है
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दुनिया भर में महेंद्र सिंह धोनी के खेल का डंका बज रहा है। चारों ओर उन्हीं के नाम की चर्चा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वन-डे सीरीज में लगातार तीन अर्धशतक और भारत की ऐतिहासिक जीत की स्क्रिप्ट लिखने वाले इस खिलाड़ी ने विरोधियों को भी अपनी मुरीद बना लिया।
तभी तो ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर भी माही की तारीफ करने से खुद को रोक नहीं पाए। टीम इंडिया से वन-डे सीरीज गंवाने के बाद लैंगर ने धोनी को सुपरस्टार और सर्वकालिक महान क्रिकेटर्स में से एक बताया।
धोनी ने तीसरे वन-डे में 114 गेंद में नाबाद 87 रन बनाए जिसकी मदद से भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज करके श्रृंखला 2-1 से अपने नाम की।
'वह खेल का सुपरस्टार है'
लैंगर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘धोनी 37 बरस का है, लेकिन विकेटों के बीच उसकी दौड़ और फिटनेस गजब की है। लगातार तीन दिन विकेटों के बीच इस तरह दौड़ना और वह भी 40 डिग्री तापमान में और ऐसा खेलना। वह खेल का सुपरस्टार है जो आस्ट्रेलियाई क्रिकेटरों को बनने की कोशिश करनी चाहिए।’
'धोनी के खिलाफ खेलना फख्र की बात'
उन्होंने कहा, ‘एमएस धोनी, विराट कोहली और टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा। ये सभी आदर्श हैं। एमएस धोनी का तो रिकार्ड बतौर कप्तान, बल्लेबाज और विकेटकीपर उनकी काबिलियत बताता है। वह महानतम क्रिकेटर हैं और ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ हारना दुखद है, लेकिन उनके खिलाफ खेलना फख्र की बात है।’
'धोनी को जीवदान बनी हार की वजह'
धोनी को 0 और 74 के स्कोर पर जीवनदान मिला और लैंगर ने इसे हार की वजह बताया।
उन्होंने कहा, ‘दो बार एमएस धोनी का कैच छोड़ने से कोई मैच नहीं जीत सकता। हम मैच विनर्स की बात करते हैं जो उसने फिर बनकर बताया। यह हमारे बल्लेबाजों के लिए सबक था। युवाओं को उनसे सीखना चाहिए।’