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BGT: ट्रॉफी विवाद पर क्लार्क ने किया गावस्कर का समर्थन, बोले - बॉर्डर-गावस्कर दोनों को देनी चाहिए थी ट्रॉफी
Wed, 08 Jan 2025 07:06 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 08 Jan 2025 07:06 PM IST
सार
गावस्कर ने ट्रॉफी देने के लिए नहीं बुलाए जाने पर नाराजगी जताई थी। ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद बॉर्डर ने घरेलू टीम को ट्रॉफी सौंपी, लेकिन गावस्कर जो खुद मैदान पर मौजूद थे, उन्हें ट्रॉफी देने के लिए नहीं बुलाया गया।
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सुनील गावस्कर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी देने के लिए पूर्व दिग्गज भारतीय बल्लेबाज सुनील गावस्कर को नहीं बुलाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की है। क्लार्क का मानना है कि गावस्कर और बॉर्डर दोनों को पुरस्कार समारोह में बुलाया जाना चाहिए था क्योंकि यह सीरीज इन दोनों के नाम पर ही खेली जाती है। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 3-1 से हराकर 10 साल बाद यह ट्रॉफी अपने नाम की थी।
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गावस्कर ने जताई थी नाराजगी
गावस्कर ने ट्रॉफी देने के लिए नहीं बुलाए जाने पर नाराजगी जताई थी। ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद बॉर्डर ने घरेलू टीम को ट्रॉफी सौंपी, लेकिन गावस्कर जो खुद मैदान पर मौजूद थे, उन्हें ट्रॉफी देने के लिए नहीं बुलाया गया। गावस्कर ने कहा था, मुझे ट्रॉफी देने बुलाते तो मैं ऐसा करना पसंद करता। यह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी है और भारत और ऑस्ट्रेलिया की बात है। मेरा मतलब है कि मैं मैदान पर मौजूद था। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ऑस्ट्रेलिया जीता है। उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला इसलिए जीते और यह सही है। यह सिर्फ इसलिए कि मैं एक भारतीय हूं। मुझे अपने अच्छे दोस्त एलन बॉर्डर के साथ ट्रॉफी देते हुए खुशी होती।
गावस्कर ने ट्रॉफी देने के लिए नहीं बुलाए जाने पर नाराजगी जताई थी। ऑस्ट्रेलिया की जीत के बाद बॉर्डर ने घरेलू टीम को ट्रॉफी सौंपी, लेकिन गावस्कर जो खुद मैदान पर मौजूद थे, उन्हें ट्रॉफी देने के लिए नहीं बुलाया गया। गावस्कर ने कहा था, मुझे ट्रॉफी देने बुलाते तो मैं ऐसा करना पसंद करता। यह बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी है और भारत और ऑस्ट्रेलिया की बात है। मेरा मतलब है कि मैं मैदान पर मौजूद था। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ऑस्ट्रेलिया जीता है। उन्होंने बेहतर क्रिकेट खेला इसलिए जीते और यह सही है। यह सिर्फ इसलिए कि मैं एक भारतीय हूं। मुझे अपने अच्छे दोस्त एलन बॉर्डर के साथ ट्रॉफी देते हुए खुशी होती।
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क्लार्क ने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन जीता। मेरे ख्याल में दोनों को आना चाहिए था और ट्रॉफी देनी चाहिए थी। मुझे लगता है कि हम बहुत भाग्यशाली हैं कि देश में बॉर्डर और गावस्कर दोनों मौजूद थे और उस वक्त कमेंट्री कर रहे थे। आपको ऐसा अकसर देखने नहीं मिलता है। दोनों दिग्गज जिनके नाम पर यह ट्रॉफी है और वो मौजूद हैं, तो आपने वहां पर मौका गंवाया है। यह बहुत अजीब है और गावस्कर के लिए भी यह अच्छा नहीं रहा होगा।
क्लार्क ने बुमराह को बताया महान गेंदबाज
क्लार्क ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए भारत के स्टार जसप्रीत बुमराह को सभी प्रारूपों का महानतम तेज गेंदबाज करार दिया। क्लार्क ने कहा, सीरीज खत्म होने के बाद जब मैंने बुमराह के प्रदर्शन के बारे में सोचा तो मुझे लगता है कि वह तीनों प्रारूपों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज है। मैं कई महान तेज गेंदबाजों को जानता हूं जिनमें कर्टली एम्ब्रोस, ग्लेन मैकग्रा शामिल हैं जिन्हें टी20 क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला। इसलिए मैं उनके बारे में बात नहीं कर रहा। लेकिन जो तेज गेंदबाज इन सभी प्रारूपों में खेला हो, अगर यह देखा जाए तो वह सर्वश्रेष्ठ होगा। वह किसी भी परिस्थिति में वास्तव में इतना शानदार है इसलिए यही चीज उसे महान बनाती है। कोई भी परिस्थिति हो, कोई भी प्रारूप हो, यह खिलाड़ी शानदार है।
क्लार्क ने बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में प्लेयर ऑफ द सीरीज चुने गए भारत के स्टार जसप्रीत बुमराह को सभी प्रारूपों का महानतम तेज गेंदबाज करार दिया। क्लार्क ने कहा, सीरीज खत्म होने के बाद जब मैंने बुमराह के प्रदर्शन के बारे में सोचा तो मुझे लगता है कि वह तीनों प्रारूपों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज है। मैं कई महान तेज गेंदबाजों को जानता हूं जिनमें कर्टली एम्ब्रोस, ग्लेन मैकग्रा शामिल हैं जिन्हें टी20 क्रिकेट खेलने का मौका नहीं मिला। इसलिए मैं उनके बारे में बात नहीं कर रहा। लेकिन जो तेज गेंदबाज इन सभी प्रारूपों में खेला हो, अगर यह देखा जाए तो वह सर्वश्रेष्ठ होगा। वह किसी भी परिस्थिति में वास्तव में इतना शानदार है इसलिए यही चीज उसे महान बनाती है। कोई भी परिस्थिति हो, कोई भी प्रारूप हो, यह खिलाड़ी शानदार है।