टीम इंडिया के 2 नए सितारे, एक तो बॉक्सर बनते-बनते बन गया क्रिकेटर
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नए साल की शुरुआत में ही टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया जैसे मुश्किल दौरे के रवाना होने वाली है। तीन हफ्ते के इस दौरे के लिए शनिवार को नई दिल्ली में टीम भी घोषित कर दी गई। भारत इस दौरे पर वनडे और टी-20 सीरीज खेलने के लिए जा रहा है। यह दौरा इस लिहाज से खास है क्योंकि इसके बाद मार्च-अप्रैल में भारत में टी-20 वर्ल्ड कप होना है और टीम युवा खिलाड़ियों के भरोसे उतरेगी। जो इस सीरीज से चयन का आधार भी बनेगी।
34 साल के अनुभवी क्रिकेटर युवराज सिंह ने 20 माह के लंबे इंतजार और तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने 4 साल से भी ज्यादा इंतजार के बाद फिर से टीम इंडिया के लिए खेलने का मौका पाया है। युवराज के टीम से बाहर रखने के पीछे कहा जा रहा था कि इसमें कप्तान धोनी का हाथ है लेकिन अब वह टीम में जगह बनाने में कामयाब हो गए हैं। अब देखना होगा कि वह टी-20 में मिले मौके को किस तरह से भुना पाते हैं।
वहीं टी-20 में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले 36 साल के आशीष नेहरा के पास शानदार प्रदर्शन कर टीम में अपनी जगह कुछ समय के लिए पुख्ता करने का चांस जरूर मिल गया है। अब बात दो उन युवा सितारों (बरिंदर सरन और हार्दिक पांड्या) की जिनके चयन ने सभी का ध्यान अपनी तरफ खींचा है।
बनना चाहता था मुक्केबाज और बन गया क्रिकेटर
टीम इंडिया में पहली बार शामिल हुए बरिंदर सरन और हार्दिक पांड्या अपने शानदार प्रदर्शन से यहां तक पहुंचने में कामयाब रहे हैं। एक खिलाड़ी जिसने घरेलू मुकाबलों में शानदार खेल दिखाया तो दूसरा आईपीएल में चमकदार प्रदर्शन से यहां तक पहुंचने में सफल रहा।
हरियाणा के सिरसा के रहने वाले 23 साल के तेज गेंदबाज सरन का क्रिकेट में आगमन बेहद दिलचस्प रहा है। वह बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाले वीरेंदर सिंह की सफलता से बेहद प्रभावित थे और वह उनकी ही तरह बॉक्ंसिंग रिंग में अपना जलवा बिखेरना चाहते थे। हालांकि शानदार कद-काया वाले इस खिलाड़ी ने क्रिकेट को अपने करियर के रूप में अपनाया। 2011 में उन्होंने पंजाब और ओडिशा के बीच प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अपने करियर की शुरुआत की।
हालांकि एक दुर्घटना के कारण शुरुआती 2 सत्र में उनके प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव दिखा। फिटनेस और टीम में जगह बनाए रखने के लिए उन्हें खासी मेहनत करनी पड़ी। इसका ईनाम भी उन्हें मिला, खासकर विजय हजारे ट्रॉफी 2015 में उन्होंने गजब का खेल दिखाया। टूर्नामेंट के 6 मैचों में बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने 25.30 की औसत से 13 विकेट निकाले।
उनका बेस्ट प्रदर्शन आया असम के खिलाफ मुकाबले में जब पंजाब टीम ने 328 रनों का बड़ा लक्ष्य रखा था। असम को आखिरी ओवर में जीत के लिए 7 रन चाहिए थे और सरन ने सिर्फ 6 रन दिए और टीम को एक रन से जीत दिला दी। कप्तान हरभजन सिंह ने सरन के खेल की जमकर तारीफ भी की। टीम को जहीर खान के संन्यास के बाद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की जरूरत है और उसे सरन के रूप में एक गेंदबाज मिला है। देखना होगा कि सरन ऑस्ट्रेलियाई मैदान पर कितना कामयाब होते हैं।
हार्दिक पांड्या ने सच कर दी तेंदुलकर की 'भविष्यवाणी'
बरिंदर सरन के बाद बल्लेबाज हार्दिक पांड्या टीम इंडिया के लिए एक और नया नाम है। हालांकि वह अनजान खिलाड़ी नहीं हैं। उन्होंने आईपीएल खेलते हुए अपनी पहचान जरूर बनाई है। आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हुए उन्होंने लाजवाब पारी खेली और टीम को जीत दिलाते हुए जीत की राह पर ला दिया।
उनकी आईपीएल 2015 में सबसे यादगार पारी रही 8 मई को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मुकाबले में। इस मैच से पहले मुंबई 7 में से 6 मैच हार चुकी थी और वह काफी दबाव में थी। मुकाबले में चेन्नई के खिलाफ मुंबई को 159 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए अंतिम 12 गेंदों में 30 रन चाहिए थे। इस दौरान क्रीज पर 22 साल का यह बल्लेबाज था जिसने फिरकी गेंदबाज पवन नेगी को निशाना बनाया। पहले 3 गेंद आराम से खेलने के बाद 3 करारे छक्के जड़कर टीम को नायाब जीत दिला दी।
पांड्या ने 8 गेंदों में नाबाद 21 रनों की विस्फोटक पारी खेली जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट का उभरता सितारा बना दिया। वह उभरते ऑलराउंडर हैं, गेंदबाजी भी अच्छी कर लेते हैं। वह प्रथम श्रेणी क्रिकेट में भी काफी सफल रहे हैं।
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भी इस खिलाड़ी की काफी तारीफ की हुई है। और एक बार कहा था कि वह एक-डेढ़ साल के अंदर वह टीम इंडिया में होंगे।