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ICC: निर्विरोध आईसीसी के अध्यक्ष चुने गए बीसीसीआई सचिव जय शाह, एक दिसंबर से संभालेंगे पद
Tue, 27 Aug 2024 08:09 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, दुबई
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Tue, 27 Aug 2024 08:09 PM IST
सार
अक्टूबर 2019 से बीसीसीआई का कामकाज संभाल रहे जय शाह एक दिसंबर 2024 से आईसीसी चेयरमैन का पद संभालेंगे। मौजूदा अध्यक्ष ग्रेग बार्कले का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है और इस पद के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त थी।
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जय शाह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के अगले अध्यक्ष चुने गए हैं। अक्टूबर 2019 से बीसीसीआई का कामकाज संभाल रहे जय शाह एक दिसंबर 2024 से आईसीसी चेयरमैन का पद संभालेंगे। मौजूदा अध्यक्ष ग्रेग बार्कले का कार्यकाल 30 नवंबर को समाप्त हो रहा है और इस पद के लिए नामांकन करने की अंतिम तिथि 27 अगस्त थी। शाह को अब बीसीसीआई सचिव का पद छोड़ना होगा। बोर्ड की आमसभा की बैठक अगले महीने या अक्तूबर में होगी।
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आईसीसी बोर्ड में सबसे प्रभावशाली चेहरा हैं जय शाह
आईसीसी के अनुसार, जय शाह एकमात्र उम्मीदवार थे जिन्होंने इस पद के लिए नामांकन भरा था और उन्हें निर्विरोध अगला अध्यक्ष चुना गया है। बार्कले ने 30 नवंबर को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद तीसरे कार्यकाल की दौड़ से खुद को अलग कर लिया था जिससे खेल की वैश्विक संचालन संस्था में जय शाह के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। शाह को आईसीसी के बोर्ड में सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माना जाता है। वह वर्तमान में आईसीसी की शक्तिशाली वित्त और वाणिज्यिक मामलों की उप समिति के प्रमुख का संभाल रहे थे।
विश्व क्रिकेट के सबसे अमीर बोर्ड के सबसे दमदार व्यक्ति शाह का चयन तभी तय हो गया था जब उन्होंने उम्मीदवारी पेश की थी। भारतीय बोर्ड आईसीसी के राजस्व में 75 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। समझा जाता है कि एसईएनए क्रिकेट बोर्ड ( दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया ) में से एक ने शाह के नाम का प्रस्ताव रखा और एक ने अनुमोदन किया।
आईसीसी के अनुसार, जय शाह एकमात्र उम्मीदवार थे जिन्होंने इस पद के लिए नामांकन भरा था और उन्हें निर्विरोध अगला अध्यक्ष चुना गया है। बार्कले ने 30 नवंबर को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद तीसरे कार्यकाल की दौड़ से खुद को अलग कर लिया था जिससे खेल की वैश्विक संचालन संस्था में जय शाह के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं। शाह को आईसीसी के बोर्ड में सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक माना जाता है। वह वर्तमान में आईसीसी की शक्तिशाली वित्त और वाणिज्यिक मामलों की उप समिति के प्रमुख का संभाल रहे थे।
विश्व क्रिकेट के सबसे अमीर बोर्ड के सबसे दमदार व्यक्ति शाह का चयन तभी तय हो गया था जब उन्होंने उम्मीदवारी पेश की थी। भारतीय बोर्ड आईसीसी के राजस्व में 75 प्रतिशत से अधिक योगदान देता है। समझा जाता है कि एसईएनए क्रिकेट बोर्ड ( दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और आस्ट्रेलिया ) में से एक ने शाह के नाम का प्रस्ताव रखा और एक ने अनुमोदन किया।
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'हमारा लक्ष्य क्रिकेट को और भी प्रसिद्ध बनाना है'
आईसीसी अध्यक्ष पद पर चुने जाने के बाद जय शाह ने क्रिकेट की वैश्विक पहुंच और लोकप्रियता को आगे बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया। आईसीसी के बयान के अनुसार, शाह ने कहा, आईसीसी अध्यक्ष पद पर चुने जाने से मैं अभिभूत हूं। मैं वैश्विक क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए आईसीसी टीम और हमारे सदस्य देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। हम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं जहां कई प्रारूपों के सह-अस्तित्व को संतुलित करना, नई तकनीक को अपनाने को बढ़ावा देना और हमारे प्रमुख कार्यक्रमों को नए वैश्विक बाजारों में पेश करना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। हमारा लक्ष्य क्रिकेट को और भी प्रसिद्ध बनाना है।
आईसीसी अध्यक्ष पद पर चुने जाने के बाद जय शाह ने क्रिकेट की वैश्विक पहुंच और लोकप्रियता को आगे बढ़ाने का इरादा व्यक्त किया। आईसीसी के बयान के अनुसार, शाह ने कहा, आईसीसी अध्यक्ष पद पर चुने जाने से मैं अभिभूत हूं। मैं वैश्विक क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए आईसीसी टीम और हमारे सदस्य देशों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं। हम एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़े हैं जहां कई प्रारूपों के सह-अस्तित्व को संतुलित करना, नई तकनीक को अपनाने को बढ़ावा देना और हमारे प्रमुख कार्यक्रमों को नए वैश्विक बाजारों में पेश करना बहुत महत्वपूर्ण हो गया है। हमारा लक्ष्य क्रिकेट को और भी प्रसिद्ध बनाना है।
उन्होंने कहा, हमने काफी सीख ली है, लेकिन हमें और भी विचार करने की जरूरत है जिससे क्रिकेट को दुनियाभर में और पसंद किया जाए। लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 में क्रिकेट को शामिल करना इस बात को दर्शाता है कि क्रिकेट का विकास हो रहा है। मुझे विश्वास है कि यह खेल को अभूतपूर्व तरीके से आगे बढ़ाएगा।
Jay Shah has been elected unopposed as the next Independent Chair of the ICC.https://t.co/Len6DO9xlE
— ICC (@ICC) August 27, 2024
नहीं पड़ी चुनाव की जरूरत
आईसीसी चेयरमैन दो-दो साल के तीन कार्यकाल के लिए पात्र होता है और न्यूजीलैंड के बार्कले ने अब तक चार साल पूरे कर लिए हैं। आईसीसी के नियमों के अनुसार चेयरमैन के चुनाव में 16 वोट होते हैं और अब विजेता के लिए नौ मत का साधारण बहुमत (51%) आवश्यक है। आईसीसी के संविधान के तहत कुल 17 वोट पड़ते हैं जिनमें से 12 पूर्णकालिक टेस्ट देशों के, चेयरमैन, उप चेयरमैन, दो सहयोगी सदस्यों के प्रतिनिधि और एक स्वतंत्र महिला निदेशक के वोट हैं। इससे पहले चेयरमैन बनने के लिए निवर्तमान के पास दो-तिहाई बहुमत होना आवश्यक था। हालांकि, जय शाह के अलावा किसी अन्य ने नामांकन दाखिल नहीं किया था इसलिए चुनाव कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
आईसीसी चेयरमैन दो-दो साल के तीन कार्यकाल के लिए पात्र होता है और न्यूजीलैंड के बार्कले ने अब तक चार साल पूरे कर लिए हैं। आईसीसी के नियमों के अनुसार चेयरमैन के चुनाव में 16 वोट होते हैं और अब विजेता के लिए नौ मत का साधारण बहुमत (51%) आवश्यक है। आईसीसी के संविधान के तहत कुल 17 वोट पड़ते हैं जिनमें से 12 पूर्णकालिक टेस्ट देशों के, चेयरमैन, उप चेयरमैन, दो सहयोगी सदस्यों के प्रतिनिधि और एक स्वतंत्र महिला निदेशक के वोट हैं। इससे पहले चेयरमैन बनने के लिए निवर्तमान के पास दो-तिहाई बहुमत होना आवश्यक था। हालांकि, जय शाह के अलावा किसी अन्य ने नामांकन दाखिल नहीं किया था इसलिए चुनाव कराने की जरूरत ही नहीं पड़ी।
आईसीसी अध्यक्ष बनने वाले पांचवें भारतीय
जय शाह इसके साथ ही आईसीसी अध्यक्ष बनने वाले पांचवें भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने अतीत में आईसीसी का नेतृत्व किया है।
जय शाह इसके साथ ही आईसीसी अध्यक्ष बनने वाले पांचवें भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर ऐसे भारतीय हैं जिन्होंने अतीत में आईसीसी का नेतृत्व किया है।
शाह के लिए आईसीसी चेयरमैन बनने का इससे उम्दा समय नहीं हो सकता था क्योंकि उन्हें 2025 से 2028 तक अनिवार्य कूलिंग आफ पीरियड से गुजरना है। बीसीसीआई के संविधान के तहत पदाधिकारी लगातार 18 साल तक पद पर रह सकते हें जिनमें से नौ राष्ट्रीय बोर्ड और नौ प्रदेश ईकाई के साथ होंगे। लेकिन लगातार कोई व्यक्ति छह साल तक ही पद पर रह सकता है जिसके बाद तीन साल विश्राम लेना होगा। शाह लगातार दो बार आईसीसी चेयरमैन बन सकते हैं और इसके बाद बीसीसीआई में 2028 में आकर अध्यक्ष भी बन सकते हैं।
पाकिस्तान में चैंपियंस ट्रॉफी कराना चुनौती
शाह के सामने फौरी तौर पर आईसीसी में चुनौती पाकिस्तान में चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन है। शाह एशियाई क्रिकेट परिषद के चेयरमैन के तौर पर 2023 एशिया कप वनडे टूर्नामेंट में हाइब्रिड मॉडल के पुरजोर समर्थक थे जो पाकिस्तान और श्रीलंका की सह मेजबानी में हुआ था। अब देखना यह है कि आईसीसी चेयरमैन के तौर पर वह इस स्थिति से कैसे निपटते हैं क्योंकि भारत सरकार टीम को पाकिस्तान जाने की अनुमति शायद नहीं देगी। समझा जाता है कि चैंपियंस ट्रॉफी में भी हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा सकता है जिसमें पाकिस्तान अपने मैच देश में और भारत के खिलाफ दुबई में खेलेगा।
शाह के सामने फौरी तौर पर आईसीसी में चुनौती पाकिस्तान में चैम्पियंस ट्रॉफी का आयोजन है। शाह एशियाई क्रिकेट परिषद के चेयरमैन के तौर पर 2023 एशिया कप वनडे टूर्नामेंट में हाइब्रिड मॉडल के पुरजोर समर्थक थे जो पाकिस्तान और श्रीलंका की सह मेजबानी में हुआ था। अब देखना यह है कि आईसीसी चेयरमैन के तौर पर वह इस स्थिति से कैसे निपटते हैं क्योंकि भारत सरकार टीम को पाकिस्तान जाने की अनुमति शायद नहीं देगी। समझा जाता है कि चैंपियंस ट्रॉफी में भी हाइब्रिड मॉडल अपनाया जा सकता है जिसमें पाकिस्तान अपने मैच देश में और भारत के खिलाफ दुबई में खेलेगा।