{"_id":"edf58af4-e23f-11e2-8462-d4ae52bc57c2","slug":"its-challange-to-icc-for-test-championship","type":"story","status":"publish","title_hn":"कितनी सफल होगी आईसीसी की टेस्ट चैंपियनशिप?","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
कितनी सफल होगी आईसीसी की टेस्ट चैंपियनशिप?
Updated Mon, 01 Jul 2013 04:54 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईसीसी ने क्रिकेट के सबसे पुराने प्रारूप को बचाने की कवायद में टेस्ट विश्व चैंपियनशिप आयोजित कराने का महत्वाकांक्षी फैसला लिया है।
विज्ञापन
टेस्ट विश्व चैंपियनशिप शुरू करने की वजह से आईसीसी ने 15 साल पुरानी 50-50 ओवर की चैंपियंस ट्रॉफी को खत्म कर दिया।
आईसीसी पहले इसी साल से टेस्ट चैंपियनशिप शुरू करने की योजना बना रही थी, लेकिन प्रसारकों के हाथ खींचने से उसे अपनी योजना टालनी पड़ी। पहली टेस्ट विश्व चैंपियनशिप 2017 में इंग्लैंड में होगी, जबकि दूसरी 2021 में भारत में खेली जाएगी।
विज्ञापन
वनडे और टी-20 की लोकप्रियता को देखते हुए आईसीसी टेस्ट क्रिकेट को बढा़वा देना चाहती है। क्रिकेट की शीर्ष नियामक संस्था का मानना है कि क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में एक विश्वस्तरीय टूर्नामेंट होना चाहिए।
विज्ञापन
चैंपियनशिप की सफलता पर संदेह
हालांकि टेस्ट चैंपियनशिप की सफलता पर अभी से ही संदेह व्यक्त किया जा रहा है और प्रसारकों की भी इसमें कोई खास दिलचस्पी नहीं दिख रही है।
चैंपियंस ट्रॉफी के स्थान पर टेस्ट चैंपियनशिप की सफलता को लेकर अभी से संदेह जताए जा रहे हैं। टूर्नामेंट में केवल चार शीर्ष टीमें हिस्सा लेंगी और कुल जमा छह मैच खेले जाएंगे। इनमें तीन लीग मैच, दो सेमीफाइनल और एक फाइनल होगा।
इस लिहाज से चार टीमों के अलावा अन्य टीमों की टेस्ट चैंपियनशिप में कोई खास रुचि नहीं होगी।
आईसीसी के अधिकारी भी इस बात को समझते हैं कि अगर टेस्ट चैंपियनशिप का पहला संस्करण सफल भी हो जाता है तो भविष्य में लोगों की टूर्नामेंट में दिलचस्पी बनी रहे, कह पाना मुश्किल होगा।
क्रिकेट जगत में सबसे ज्यादा कमाई भारत से होती है। ऐसे में भारत का हर टूर्नामेंट में बने रहना जरूरी होगा लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि टीम इंडिया हमेशा शीर्ष चार टीमों में शामिल रहेगी।
एक चिंता यह भी है कि तटस्थ स्थानों पर पांच दिनी मैच के लिए दर्शक कहां से जुटेंगे। आईसीसी नहीं चाहती कि टेस्ट चैंपियनशिप जैसा प्रतिष्ठित टूर्नामेंट खाली स्टेडियमों में खेला जाए।
2021 में दूसरी टेस्ट चैंपियनशिप भारत में खेली जानी है और अगर उस समय भारतीय टीम शीर्ष चार टीमों में शामिल नहीं रहती, तो ऐसे में कितने भारतीय दर्शक अपने यहां विदेशी टीमों के बीच पांच दिनी मैच देखने आएंगे।
फ्लॉप रहा था एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप
इससे पूर्व आईसीसी की टेस्ट टूर्नामेंट शुरू करने की कुछ योजनाएं सफल नहीं रही थीं। 1912 में त्रिकोणीय टेस्ट सीरीज शुरू की गई, जिसमें मेजबान इंग्लैंड के अलावा ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका की टीमों ने हिस्सा लिया था।
फिर 1998-99 में एशियाई टेस्ट चैंपियनशिप का भी आयोजन किया गया। चार साल बाद 2001-02 में इसका दूसरा संस्करण खेला गया, लेकिन दूसरे संस्करण में भारत ने हिस्सा नहीं लिया था, जिसके बाद यह टूर्नामेंट भी इतिहास का हिस्सा बन गया।
आईसीसी ने अक्टूबर 2005 में दुनिया की नंबर वन टीम ऑस्ट्रेलिया और विश्व एकादश के बीच छह दिवसीय सुपर सीरीज मैच का आयोजन कराया था। आईसीसी ने इसे टेस्ट मैच का दर्जा भी दिया। लेकिन यह मैच भी दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित नहीं कर पाया।
ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि टेस्ट चैंपियनशिप का सफर कितना लंबा रहेगा। लोकप्रियता के बावजूद चैंपियंस ट्रॉफी खत्म कर दी गई। अब देखना होगा कि आईसीसी अपनी महत्वाकांक्षी योजना को किस हद तक लोकप्रिय बनाने में सफल होगी।