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Irani Cup: अजिंक्य रहाणे की कप्तानी में 27 साल बाद मुंबई ने जीता खिताब, कोटियान ने मुश्किल वक्त में जड़ा शतक
Sat, 05 Oct 2024 05:08 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Mayank Tripathi
Updated Sat, 05 Oct 2024 05:08 PM IST
सार
मुंबई ने आखिरी बार 2015-16 में ईरानी कप का फाइनल मुकाबला खेला था। अब मुंबई की टीम ने 15वीं बार इस खिताब को अपने नाम कर लिया है।
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मुंबई ने जीता ईरानी कप का खिताब
- फोटो : @ShreyasIyer15
विस्तार
मुंबई ने शनिवार को लखनऊ में शेष भारत के खिलाफ जीत हासिल कर ईरानी कप का खिताब अपने नाम कर लिया। अजिंक्य रहाणे की टीम ने शेष भारत को पहली पारी में बढ़त के आधार पर हरा दिया और 27 साल बाद ईरानी कप की ट्रॉफी अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की। मुंबई ने आखिरी बार 1997-98 में यह खिताब अपने नाम किया था। इसके बाद टीम को आठ बार फाइनल में पहुंचने का मौका मिला लेकिन कभी ट्रॉफी नहीं जीत सकी। तनुष कोटियान के नाबाद शतक की बदौलत मुंबई ने पांचवें दिन मैच ड्रॉ करा दिया।
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कैसे जीती मुंबई?
मुंबई ने आखिरी बार 2015-16 में ईरानी कप का फाइनल मुकाबला खेला था। अब मुंबई की टीम ने 15वीं बार इस खिताब को अपने नाम कर लिया है। मुंबई ने अंतिम दिन छह विकेट पर 153 रन से आगे खेलना शुरू किया और दूसरी पारी आठ विकेट पर 329 रन बनाकर घोषित की। इस तरह मुंबई की कुल बढ़त 450 रन की हो गई। पहली पारी में 64 रन बनाने वाले कोटियान ने 20 रन से आगे खेलना शुरू किया और 150 गेंद में 114 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी में 10 चौके और एक छक्का शामिल है। एक सत्र से भी कम समय में 451 रन के लक्ष्य का पीछा करना नामुमकिन था जिससे शेष भारत के कप्तान गायकवाड़ ने ड्रॉ के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी अजिंक्य रहाणे से हाथ मिलाया। इस तरह गत रणजी ट्रॉफी चैंपियन मुंबई ने मैच जीत लिया।
मुंबई ने आखिरी बार 2015-16 में ईरानी कप का फाइनल मुकाबला खेला था। अब मुंबई की टीम ने 15वीं बार इस खिताब को अपने नाम कर लिया है। मुंबई ने अंतिम दिन छह विकेट पर 153 रन से आगे खेलना शुरू किया और दूसरी पारी आठ विकेट पर 329 रन बनाकर घोषित की। इस तरह मुंबई की कुल बढ़त 450 रन की हो गई। पहली पारी में 64 रन बनाने वाले कोटियान ने 20 रन से आगे खेलना शुरू किया और 150 गेंद में 114 रन बनाकर नाबाद रहे। उनकी पारी में 10 चौके और एक छक्का शामिल है। एक सत्र से भी कम समय में 451 रन के लक्ष्य का पीछा करना नामुमकिन था जिससे शेष भारत के कप्तान गायकवाड़ ने ड्रॉ के लिए अपने प्रतिद्वंद्वी अजिंक्य रहाणे से हाथ मिलाया। इस तरह गत रणजी ट्रॉफी चैंपियन मुंबई ने मैच जीत लिया।
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कोटियान और मोहित के बीच हुई बड़ी साझेदारी
कोटियान ने सरफराज खान (07) और शार्दुल ठाकुर (02) के जल्दी आउट होने के बाद दमदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उनका साथ 10वें नंबर के खिलाड़ी मोहित अवस्थी ने दिया। इस समय मुंबई का स्कोर सात विकेट पर 171 रन था। अवस्थी 93 गेंद में चार चौके और एक छक्के से 51 रन बनाकर नाबाद रहे। इस तरह कोटियान और अवस्थी ने नौवें विकेट के लिए 158 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने 121 रन देकर छह विकेट झटके, हालांकि उनके प्रयास से नतीजे में बस विलंब हुआ।
कोटियान ने सरफराज खान (07) और शार्दुल ठाकुर (02) के जल्दी आउट होने के बाद दमदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उनका साथ 10वें नंबर के खिलाड़ी मोहित अवस्थी ने दिया। इस समय मुंबई का स्कोर सात विकेट पर 171 रन था। अवस्थी 93 गेंद में चार चौके और एक छक्के से 51 रन बनाकर नाबाद रहे। इस तरह कोटियान और अवस्थी ने नौवें विकेट के लिए 158 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी निभाई। ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने 121 रन देकर छह विकेट झटके, हालांकि उनके प्रयास से नतीजे में बस विलंब हुआ।
रहाणे ने जताई खुशी
मुंबई के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत के बाद खुशी जाहिर करते हुए कहा- 27 साल के बाद ट्राफी जीतना शानदार अहसास है। यह लाल मिट्टी का विकेट था। तनुष कोटियान ने पिछले सत्र और इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया। इस मुकाबले में पहली पारी में दोहरा शतक लगाने के लिए सरफराज खान को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा- मैं प्रक्रिया का अच्छी तरह अनुकरण करता हूं और इस टूर्नामेंट में अभ्यास के साथ आया था। आप अलग मैदानों में खेलकर अनुभवी होते हो। आपको जानकारी मिलती है कि विभिन्न पिचों पर किस तरह खेला जाए। मैंने टेस्ट टीम के साथ रहकर काफी कुछ सीखा और मैं अपने खेल के हर पहलू में सुधार कर सकता हूं।
मुंबई के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने जीत के बाद खुशी जाहिर करते हुए कहा- 27 साल के बाद ट्राफी जीतना शानदार अहसास है। यह लाल मिट्टी का विकेट था। तनुष कोटियान ने पिछले सत्र और इस मैच में शानदार प्रदर्शन किया। इस मुकाबले में पहली पारी में दोहरा शतक लगाने के लिए सरफराज खान को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा- मैं प्रक्रिया का अच्छी तरह अनुकरण करता हूं और इस टूर्नामेंट में अभ्यास के साथ आया था। आप अलग मैदानों में खेलकर अनुभवी होते हो। आपको जानकारी मिलती है कि विभिन्न पिचों पर किस तरह खेला जाए। मैंने टेस्ट टीम के साथ रहकर काफी कुछ सीखा और मैं अपने खेल के हर पहलू में सुधार कर सकता हूं।