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IPL 2026: नर्म पड़े नुवान तुषारा के तेवर! SLC से माफी के बाद केस वापस लेने के दिए संकेत; जानिए पूरा मामला
Fri, 10 Apr 2026 10:11 PM IST
Mayank Tripathi
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Fri, 10 Apr 2026 10:11 PM IST
सार
तेज गेंदबाज नुवान तुषारा और श्रीलंका क्रिकेट के बीच आईपीएल 2026 में खेलने को लेकर विवाद अब नया मोड़ लेता दिख रहा है। पहले जहां तुषारा ने बोर्ड के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था, वहीं अब उन्होंने नरम रुख अपनाते हुए माफी मांग ली है और अपना केस वापस लेने पर विचार कर रहे हैं।
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नुवान तुषारा
- फोटो : twitter
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विस्तार
श्रीलंका के तेज गेंदबाज नुवान तुषारा और श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) के बीच आईपीएल 2026 में खेलने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया है। शुरुआत में अपने ही क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले तुषारा अब नरम पड़ते नजर आ रहे हैं और उन्होंने एसएलसी से माफी मांगते हुए अपना केस वापस लेने के संकेत दिए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने खिलाड़ियों और बोर्ड के बीच अधिकारों और नियमों को लेकर बहस को भी हवा दी है।
क्या है मामला?
दरअसल, तुषारा को आईपीएल 2026 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने अपनी टीम में शामिल किया था। इससे पहले भी वह 2024 और 2025 सीजन में टीम का हिस्सा रह चुके हैं। लेकिन इस बार एसएलसी ने उन्हें एनओसी देने से इनकार कर दिया। बोर्ड का कहना था कि राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए निर्धारित फिटनेस टेस्ट में तुषारा असफल रहे हैं, इसलिए उन्हें अनुमति नहीं दी जा सकती। श्रीलंका क्रिकेट ने हाल के समय में खिलाड़ियों के लिए फिटनेस मानकों को सख्ती से लागू किया है और इसी आधार पर यह फैसला लिया गया।
तुषाका ने दायर की याचिका
इस फैसले के खिलाफ तुषारा ने कोलंबो जिला अदालत में याचिका दायर कर हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने अदालत में दलील दी कि उनका एसएलसी के साथ केंद्रीय अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो चुका है और वह इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की इच्छा जता चुके हैं, ऐसे में बोर्ड द्वारा फिटनेस टेस्ट के आधार पर एनओसी रोकना अनुचित है। तुषारा ने यह भी तर्क दिया कि पहले भी इसी फिटनेस स्तर पर उन्हें खेलने की अनुमति मिलती रही है।
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हालांकि, एसएलसी ने अदालत में स्पष्ट कर दिया कि वह तुषारा की याचिका का विरोध करेगा और अपने फैसले को नियमों के अनुरूप सही ठहराएगा। अदालत ने बोर्ड को अपनी आपत्तियां दाखिल करने की अनुमति दे दी और मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल के लिए तय की गई। इससे यह संकेत मिला था कि मामला लंबा खिंच सकता है और तुषारा का आईपीएल में खेलना मुश्किल हो सकता है।
तुषारा ने मांगी माफी!
इसी बीच इस विवाद में बड़ा मोड़ तब आया जब तुषारा ने एसएलसी को ईमेल के जरिए माफी भेजी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा बोर्ड को किसी तरह की असुविधा पहुंचाने का नहीं था, बल्कि वह केवल न्याय और निष्पक्षता की मांग कर रहे थे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा, तुषारा अब अपने द्वारा दायर केस को वापस लेने पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव खत्म होने की संभावना बढ़ गई है।
31 वर्षीय तुषारा का टी20 करियर भी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2022 से अब तक श्रीलंका के लिए 30 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और कुल मिलाकर 137 टी20 मुकाबलों में 174 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी गेंदबाजी, खासकर डेथ ओवरों में, उन्हें एक अहम टी20 स्पेशलिस्ट बनाती है। यही वजह है कि आईपीएल जैसी बड़ी लीग में उनकी मांग बनी रहती है।
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क्या है मामला?
दरअसल, तुषारा को आईपीएल 2026 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) ने अपनी टीम में शामिल किया था। इससे पहले भी वह 2024 और 2025 सीजन में टीम का हिस्सा रह चुके हैं। लेकिन इस बार एसएलसी ने उन्हें एनओसी देने से इनकार कर दिया। बोर्ड का कहना था कि राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए निर्धारित फिटनेस टेस्ट में तुषारा असफल रहे हैं, इसलिए उन्हें अनुमति नहीं दी जा सकती। श्रीलंका क्रिकेट ने हाल के समय में खिलाड़ियों के लिए फिटनेस मानकों को सख्ती से लागू किया है और इसी आधार पर यह फैसला लिया गया।
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तुषाका ने दायर की याचिका
इस फैसले के खिलाफ तुषारा ने कोलंबो जिला अदालत में याचिका दायर कर हस्तक्षेप की मांग की थी। उन्होंने अदालत में दलील दी कि उनका एसएलसी के साथ केंद्रीय अनुबंध 31 मार्च को समाप्त हो चुका है और वह इसे आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने की इच्छा जता चुके हैं, ऐसे में बोर्ड द्वारा फिटनेस टेस्ट के आधार पर एनओसी रोकना अनुचित है। तुषारा ने यह भी तर्क दिया कि पहले भी इसी फिटनेस स्तर पर उन्हें खेलने की अनुमति मिलती रही है।
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हालांकि, एसएलसी ने अदालत में स्पष्ट कर दिया कि वह तुषारा की याचिका का विरोध करेगा और अपने फैसले को नियमों के अनुरूप सही ठहराएगा। अदालत ने बोर्ड को अपनी आपत्तियां दाखिल करने की अनुमति दे दी और मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल के लिए तय की गई। इससे यह संकेत मिला था कि मामला लंबा खिंच सकता है और तुषारा का आईपीएल में खेलना मुश्किल हो सकता है।
तुषारा ने मांगी माफी!
इसी बीच इस विवाद में बड़ा मोड़ तब आया जब तुषारा ने एसएलसी को ईमेल के जरिए माफी भेजी। उन्होंने कहा कि उनका इरादा बोर्ड को किसी तरह की असुविधा पहुंचाने का नहीं था, बल्कि वह केवल न्याय और निष्पक्षता की मांग कर रहे थे। समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा, तुषारा अब अपने द्वारा दायर केस को वापस लेने पर भी विचार कर रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच टकराव खत्म होने की संभावना बढ़ गई है।
31 वर्षीय तुषारा का टी20 करियर भी प्रभावशाली रहा है। उन्होंने 2022 से अब तक श्रीलंका के लिए 30 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं और कुल मिलाकर 137 टी20 मुकाबलों में 174 विकेट अपने नाम किए हैं। उनकी गेंदबाजी, खासकर डेथ ओवरों में, उन्हें एक अहम टी20 स्पेशलिस्ट बनाती है। यही वजह है कि आईपीएल जैसी बड़ी लीग में उनकी मांग बनी रहती है।