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Jitesh Sharma Story: भारत के नए विकेटकीपर की कहानी, कोच की जिद और नागपुर की गर्मी ने ओपनर को बना दिया फिनिशर

Fri, 27 Jan 2023 03:48 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Fri, 27 Jan 2023 03:48 PM IST
सार

भारत के लिए सीने में गोली खाने का जज्बा रखने वाले जितेश शर्मा अब बड़े से बड़े गेंदबाजों के खिलाफ छक्के लगाकर देश को जीत दिलाने का दम-खम भी रखते हैं। हालांकि, जितेश कभी भी क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत उन्हें भारतीय टीम तक ले आई है। 
 

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Indian new wicket keeper jitesh sharma story how an opener became finisher and entered team India
जितेश शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत और न्यूजीलैंड के बीच टी20 सीरीज में जितेश शर्मा टीम इंडिया का हिस्सा हैं। उन्हें, भारत के लिए खेलने का मौका भी मिल सकता है। हालांकि, ईशान किशन विकेटकीपर के रूप में पहली पसंद होंगे। 29 साल के जितेश श्रीलंका के खिलाफ सीरीज में भी भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला। न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भी जितेश को भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका मिलना मुश्किल है, लेकिन उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए वह पूरी तरह से तैयार हैं। 
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भारत के पास फिलहाल कई विकेटकीपर हैं। ऋषभ पंत और लोकेश राहुल सबसे सीनियर विकेटकीपर हैं, लेकिन उनके अलावा ईशान किशन, श्रीकर भरत और संजू सैमसन जैसे खिलाड़ी विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी के लिए तैयार हैं। 
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इन सब खिलाड़ियों के बीच जितेश शर्मा के लिए टीम इंडिया में जगह बनाना आसान नहीं होगा, लेकिन उनके अंदर एक चीज है, जो उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है। वह है जितेश का बल्लेबाजी क्रम। पंत से लेकर सैमसन तक सभी विकेटकीपर शीर्ष क्रम या मध्यक्रम में खेलना पसंद करते हैं। वहीं, जितेश शर्मा फिनिशर के रूप में खेलना पसंद करते हैं और अंत में आकर बड़े छक्के लगाने की कोशिश भी करते हैं। ऐसे में वह टी20 टीम में अपनी जगह बना सकते हैं, क्योंकि इस फॉर्मेट में अभी भी किसी विकेटकीपर की जगह पक्की नहीं है।
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आईपीएल 2022 में पंजाब किंग्स के लिए छक्कों की बरसात करने वाले जितेश को खुद उम्मीद नहीं थी कि भारतीय टीम में उन्हें चुना जाएगा। हालांकि, संजू सैमसन के चोटिल होने के बाद वह टीम में आए और फिलहाल टीम इंडिया का हिस्सा हैं। हालांकि, जितेश खुद क्रिकेटर नहीं बनना चाहते थे, लेकिन किस्मत उन्हें यहां तक ले आई हैं।

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जितेश शर्मा - फोटो : IPL/BCCI
सेना में जाना चाहते थे जितेश
महाराष्ट्र के रहने वाले जितेश स्कूल के दिनों में फुटबॉल खेलते थे और प्लास्टिक की गेंद से क्रिकेट भी खेला करते थे। महाराष्ट्र सरकार राज्य के लिए खेलने वाले खिलाड़ियों को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में चार फीसदी अंक देती है। इन्हीं चार फीसदी अंक के लालच में जितेश खेल के साथ जुड़े हुए थे। साथियों ने कहा कि स्कूल की क्रिकेट टीम अच्छी है। उसमें जगह मिल गई तो राज्य की टीम में भी चुने जा सकते हो। यह सुन जितेश क्रिकेट खेलने चले गए। टीम में विकेटकीपर की जगह खाली थी तो विकेटकीपिंग करने लगे। प्रदर्शन अच्छा रहा तो राज्य की टीम में भी चुने गए और चार फीसदी अतिरिक्त अंक भी 10वीं और 12वीं हासिल किए। 

जितेश का सपना भारतीय सेना में शामिल होकर देश की सेवा करने का था, लेकिन कोच के कहने पर उन्होंने क्रिकेट में करियर बनाया। बतौर सलामी बल्लेबाज उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और विदर्भ की मुख्य टीम में खेलने लगे। यहां उनका बल्ला चला तो आईपीएल में मुंबई इंडियंस ने खरीद लिया। हालांकि, सितारों से सजी मुंबई की टीम में खेलने का मौका नहीं मिला और वह टीम से बाहर भी कर दिए गए। हालांकि, अब तक जितेश को क्रिकेट में मजा आने लगा था। वह मैच खेलने जाते थे, नई जगहें घूमते थे, अच्छे होटलों में रुकते थे और जीवन सही चल रहा था। उनका देश के लिए खेलने का सपना नहीं था, लेकिन क्रिकेट में उनका मन लग रहा था। 

सलामी बल्लेबाज के रूप में जितेश का प्रदर्शन अच्छा था, लेकिन भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए घरेलू क्रिकेट में कुछ अलग करना पड़ता है। जितेश ऐसा कुछ नहीं कर रहे थे। इस बीच उनके कोच ने कहा कि आप पारी की शुरुआत करते हुए 15 गेंद में जो 30 रन बनाते हैं, वही मध्यक्रम में करेंगे तो टीम का फायदा होगा। जितेश ने कोच की बात पर भरोसा किया और मध्यक्रम में खेलने के लिए तैयार हो गए।

गर्मी ने बनाया फिनिशर
नागपुर में गर्मी बहुत तेज होती है। दोपहर के समय अभ्यास करना मुश्किल होता है। ऐसे में सुबह और शाम को खिलाड़ी अभ्यास करते थे। बतौर ओपनर अभ्यास करने में जितेश सबसे पहले जाते थे और तब पिच अलग होती थी। उस समय बड़े शॉट खेलना मुश्किल होता था। वहीं, जब वह मध्यक्रम में अभ्यास के लिए गए तो पिच सामान्य हो जाती थी और आसानी से बड़े शॉट लगाए जा सकते थे। इसका फायदा जितेश और उनकी टीम को भी हुआ। 

जितेश ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में सात मैचों में 19 छक्के जड़ दिए। इसी वजह से पंजाब किंग्स ने उन्हें खरीदा और आईपीएल 2022 में 28 साल के जितेश ने कमाल किया। फिनिशर के रूप में उनके छक्के लगाने की क्षमता से सभी प्रभावित हुए। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और आईपीएल के प्रदर्शन के दम पर ही जितेश भारतीय टीम में आए हैं और मौका मिलने पर टी20 टीम में अपनी जगह भी पक्की कर सकते हैं।
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