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भारत बनाम वेस्टइंडीज: रिकॉर्ड जीत से लगातार क्यों उठ रहे सवाल, इंदौर टी20 में क्या गेंदबाजों को मिलेगी मदद?
Sun, 11 Oct 2026 10:49 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Sun, 11 Oct 2026 10:49 AM IST
सार
भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे सीरीज के बाद टी20 में भी बल्लेबाजों का दम देखने मिला है। गेंदबाज लगातार संघर्ष कर रहे हैं और हर मैच में विशाल स्कोर बन रहे हैं। ऐसे में बल्लेबाजों की मददगार पिच बनाने पर सवाल उठ रहे हैं।
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भारत बनाम वेस्टइंडीज
- फोटो : BCCI
विस्तार
गुवाहाटी वनडे में 405 रन बनाकर भी वेस्टइंडीज को और फिर रांची टी20 में 249 रन बनाकर भी भारतीय क्रिकेट टीम को मात खानी पड़ी है। दोनों ही बार लक्ष्य का पीछा करने के बाद हासिल हुई जीत ने एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। गुवाहाटी में दूसरे वनडे में 811 रन बने, वहीं रांची के दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में कुल 501 रन बने। दोनों मैचों में बने स्कोर जोड़े जाएं तो 1,312 रन गेंदबाजों ने लुटाए, जो उनके करियर के लिए नए संकट जैसा दिख रहा है। इससे भारतीय पिचों पर सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन बिगड़ रहा है?
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चहल बोले- बॉलिंग मशीन ही लगा दो
यह सवाल खुद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने उठाया है। साथ ही लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने भी पिच का मुद्दा उठाया है। पूर्व भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने कहा, ऐसी पिचों पर गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं बचता। गेंदबाजों को क्या करना चाहिए? उनके कौशल का क्या फायदा? मुझे उनके लिए बुरा लगता है, क्योंकि मैं भी एक गेंदबाज हूं। या तो पिच में गेंदबाजों के लिए कुछ इंतजाम करना होगा, या फिर बॉलिंग मशीन ही लगा देनी चाहिए।
लगातार बड़े स्कोर और लक्ष्य का पीछा करते हुए मिली जीत ने इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या पिचें बल्लेबाजों के ज्यादा अनुकूल होती जा रही हैं। हालांकि, बड़े स्कोर में पिच के साथ मैदान की परिस्थितियों, ओस, गेंदबाजों की रणनीति व फील्डिंग में हुई चूक का भी असर पड़ता है। लेकिन मौजूदा सीरीज में अब तक खेले गए पांच मैचों को देखें तो पिचों पर सवाल उठना गैरवाजिब भी नहीं है।
यह सवाल खुद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने उठाया है। साथ ही लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने भी पिच का मुद्दा उठाया है। पूर्व भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने कहा, ऐसी पिचों पर गेंदबाजों के लिए कुछ नहीं बचता। गेंदबाजों को क्या करना चाहिए? उनके कौशल का क्या फायदा? मुझे उनके लिए बुरा लगता है, क्योंकि मैं भी एक गेंदबाज हूं। या तो पिच में गेंदबाजों के लिए कुछ इंतजाम करना होगा, या फिर बॉलिंग मशीन ही लगा देनी चाहिए।
लगातार बड़े स्कोर और लक्ष्य का पीछा करते हुए मिली जीत ने इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या पिचें बल्लेबाजों के ज्यादा अनुकूल होती जा रही हैं। हालांकि, बड़े स्कोर में पिच के साथ मैदान की परिस्थितियों, ओस, गेंदबाजों की रणनीति व फील्डिंग में हुई चूक का भी असर पड़ता है। लेकिन मौजूदा सीरीज में अब तक खेले गए पांच मैचों को देखें तो पिचों पर सवाल उठना गैरवाजिब भी नहीं है।
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भारत बनाम वेस्टइंडीज
- फोटो : PTI
क्यों उठ रहे सवाल?
- भारत-वेस्टइंडीज के बीच तीन वनडे मैचों की छह पारियों में पांच बार 300+ स्कोर बने।
- इन पांच मौकों में दो स्कोर 400+ 400+ के, जबकि दो स्कोर 350+ के दर्ज किए गए हैं।
- 2953 रन अब तक खेले गए पांच मैच (तीन वनडे और दो टी20) में बन चुके हैं।
- भारत और वेस्टइंडीज के बीच मौजूदा सीरीज में बल्लेबाज 1.38 रन/गेंद के औसत से रन बना रहे हैं।
भारत बनाम वेस्टइंडीज
- फोटो : ANI
सीरीज के आंकड़े खुद कह रहे पिच पर रनों की बारिश की सारी कहानी
गुवाहाटी में वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में सात विकेट पर 405 रन बनाए। इतने बड़े स्कोर को भारत ने महज 43.3 ओवर में ही दो विकेट पर 406 रन बनाकर जीत लिया। इस मैच में कुल पांच शतक लगे। भारतीय टीम ने वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल किया। रांची में भी कहानी कुछ ऐसी ही रही। भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 249 रन का स्कोर खड़ा किया, लेकिन वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में ही चार विकेट पर 252 रन बनाकर पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य अपने नाम कर लिया। इससे इतर भी देखें तो हर मैच में बल्ला अपने दम से गेंद पर हावी रहा है। गेंदबाजों के बुरे हाल का अंदाजा इससे भी लग सकता है कि पांच मैच में जहां अधिकतम 100 विकेट गिर सकते थे, वहां महज 51 विकेट ही गिरे हैं। तीन मुकाबले बड़े स्कोर के बावजूद 20 फीसदी ओवर बाकी रहते हुए ही खत्म हो गए। इन आंकड़ों के बाद कोई भी पिचों के बल्लेबाजों की दोस्त और गेंदबाजों की दुश्मन होने का अंदाजा खुद लगा सकता है।
गुवाहाटी में वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में सात विकेट पर 405 रन बनाए। इतने बड़े स्कोर को भारत ने महज 43.3 ओवर में ही दो विकेट पर 406 रन बनाकर जीत लिया। इस मैच में कुल पांच शतक लगे। भारतीय टीम ने वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य हासिल किया। रांची में भी कहानी कुछ ऐसी ही रही। भारत ने 20 ओवर में पांच विकेट पर 249 रन का स्कोर खड़ा किया, लेकिन वेस्टइंडीज ने 18.3 ओवर में ही चार विकेट पर 252 रन बनाकर पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का दूसरा सबसे बड़ा सफल लक्ष्य अपने नाम कर लिया। इससे इतर भी देखें तो हर मैच में बल्ला अपने दम से गेंद पर हावी रहा है। गेंदबाजों के बुरे हाल का अंदाजा इससे भी लग सकता है कि पांच मैच में जहां अधिकतम 100 विकेट गिर सकते थे, वहां महज 51 विकेट ही गिरे हैं। तीन मुकाबले बड़े स्कोर के बावजूद 20 फीसदी ओवर बाकी रहते हुए ही खत्म हो गए। इन आंकड़ों के बाद कोई भी पिचों के बल्लेबाजों की दोस्त और गेंदबाजों की दुश्मन होने का अंदाजा खुद लगा सकता है।
इंदौर में भी राहत नहीं
आसान पिच पर गेंदबाजों की धुलाई के बीच भारत-वेस्टइंडीज का तीसरा टी20 मैच रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह स्टेडियम सपाट पिच व छोटी बाउंड्री के कारण बल्लेबाजों का पारंपरिक स्वर्ग कहलाता है, जहां रोहित शर्मा ने भारत का सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था। ऐसे में एक बार फिर 'बल्लेबाज बनाम बल्लेबाज' का ही मुकाबला होगा। इंदौर में भी रात के समय ओस की अहम भूमिका होगी।
आसान पिच पर गेंदबाजों की धुलाई के बीच भारत-वेस्टइंडीज का तीसरा टी20 मैच रविवार को इंदौर के होलकर स्टेडियम में खेला जाएगा। यह स्टेडियम सपाट पिच व छोटी बाउंड्री के कारण बल्लेबाजों का पारंपरिक स्वर्ग कहलाता है, जहां रोहित शर्मा ने भारत का सबसे तेज टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था। ऐसे में एक बार फिर 'बल्लेबाज बनाम बल्लेबाज' का ही मुकाबला होगा। इंदौर में भी रात के समय ओस की अहम भूमिका होगी।