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क्या भारतीय टीम मोहाली में इतिहास रच पाएगी?
पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 15 Mar 2013 05:54 PM IST
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ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम ने कभी 2 से ज्यादा मैच नहीं जीते हैं। मौजूदा सीरीज में इतिहास रचने का मौका है।
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भारतीय टीम अगर मोहाली टेस्ट जीत जाती है तो ऐसा पहली बार होगा जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी सीरीज में 3 मैच जीतेगी। भारतीय टीम इस समय अपनी धरती पर संभवतः सबसे मजबूत टीम है। इसलिए यह उम्मीद की जा सकती है।
तीसरे टेस्ट का पहला दिन बारिश से धुलने के बाद दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियन टीम ने 7 विकेट गवां कर 273 रन बनाए।
मोहाली टेस्ट के दो दिन का मैच हो चुका है। बचे हुए तीन दिनों में ऐसा लगता नहीं कि दोनों टीमें दो-दो पारियां खेल पाएंगी। ऐसे में भारतीय टीम को अगर यह टेस्ट जीतना है तो उसके पास केवल एक ही पारी होगी।
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भारतीय टीम अगर ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के जवाब में भारतीय टीम रनों का इतना बड़ा पहाड़ खड़ा कर दे कि उसे दूसरी पारी खेलनी ही न पड़े, तभी बात बन सकती है।
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ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी पहली पारी में अभी 273 रन बनाए हैं। अगर टीम इंडिया कंगारुओं को 330 के आसपास रोक अपनी पहली पारी में 500 रनों का आंकड़ा छू लेती है तो मैच पकड़ में आ सकता है।
मोहाली की पिच
पहले दिन बारिश के बाद माना जा रहा था कि दूसरे दिन यह पिच तेज गेंदबाजों को पहले घंटे में सपोर्ट करेगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ।
ऑस्ट्रेलिया ने लंच तक बिना किसी नुकसान के 109 रन बना डाले। इसके बाद दूसरे और तीसरे सत्र में यह पिच धीमी होती दिखने लगी।
एक बार फिर भारतीय स्पिनरों ने अपना जलवा दिखाया और 5 विकेट अपने नाम कर लिए। इशांत शर्मा के एक चमत्कारिक ओवर में दो कंगारू बल्लेबाजों का पवेलियन लौटना पड़ा। केवल इस एक ओवर के अलावा तेज गेंदबाज संघर्ष करते रहे।
दूसरे दिन कुल 104 ओवर फेंके गए। तेज गेंदबाज इशांत 21 और भुवनेश्वर कुमार ने केवल 7 ओवर फेंके। भुवनेश्वर खासे महंगे साबित हुए।
ऐसे में यह टेस्ट भी स्पिनरों पर टिकता हुआ दिख रहा है। ऑस्ट्रेलिया के पास भी दो स्पिनर हैं। भारतीय टीम को अगर चौथी पारी खेलने को मिलती है तो कंगारू स्पिनर भले ही अनुभवहीन है, भारी पड़ सकते हैं। इसलिए टीम इंडिया को अपनी पहली पारी में ही इस मैच को अपनी तरफ मोड़ना होगा।