फिरकी के फेर में फंसे अंग्रेज: 3-1 से सीरीज जीत विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचा भारत
भारत-न्यूजीलैड के बीच 18 जून से लॉर्ड्स में विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल खेला जाएगा। याद हो कि इंग्लैंड चेन्नई में खेला गया सीरीज का पहला मैच ही जीत सका, उसके बाद लगातार तीन मुकाबलों में उसे मुंह की खानी पड़ी। 2013 से यह 13वां तीसरा मौका था, जब भारतीय सरजमीं पर कोई मैच तीन दिया या उससे कम समय में खत्म हुआ। सीरीज में सर्वाधिक 32 विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन को मैन ऑफ द सीरीज से नवाजा गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रविचंद्रन अश्विन और अक्षर पटेल के बुने फिरकी के जाल में एक बार फिर इंग्लैंड के बल्लेबाजों को फांसकर भारत ने चौथा और आखिरी टेस्ट तीसरे ही दिन एक पारी और 25 रन से अपने नाम करके श्रृंखला 3-1 से जीत ली और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में जगह बना ली। जून में लॉर्ड्स पर होने वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भारत का सामना न्यूजीलैंड से होगा। टीम इंडिया को फाइनल में पहुंचने के लिए इस मैच में ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन अक्षर और अश्विन ने दूसरी पारी में पांच पांच विकेट लेकर तीसरे ही दिन भारत को धमाकेदार जीत दिलाई। भारत की जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया का विश्व चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया।
India 🤜🤛 New Zealand
The inaugural ICC World Test Championship finalists!
The wait will be unbearable. #WTC21 | #INDvENG pic.twitter.com/X3KcNrUTJ1— ICC (@ICC) March 6, 2021विज्ञापन
ऋषभ का 'सुंदर' खेल
भारत ने पहली पारी में ऋषभ पंत के शतक और वाशिंगटन सुंदर के नाबाद 96 रन की मदद से 365 रन बनाकर 160 रन की बढत ली थी। दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम 135 रन पर आउट हो गई। नरेंद्र मोदी स्टेडियम की अनुकूल पिच पर अक्षर ने 24 ओवर में 48 रन देकर पांच और मैच में नौ विकेट लिए जबकि अश्विन ने 22.5 ओवर में 47 रन देकर पांच और मैच में कुल आठ विकेट लिए। अश्विन ने इस श्रृंखला में 30 विकेट लिए और एक शतक समेत 180 रन भी बनाए। वहीं अक्षर ने इस श्रृंखला में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करके अपने प्रदर्शन की छाप छोड़ी।
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट (30) को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका। डोम सिबली (3), जैक क्राउली (5) और जॉनी बेयरस्टो (0) सहज नहीं दिखे जबकि बेन स्टोक्स (0) गेंद की उछाल का अनुमान नहीं लगा सके और गलत स्वीप शॉट खेलकर आउट हुए। इंग्लैंड का आखिरी विकेट डैन लॉरेंस के रूप में गिरा जो 96 गेंद में छह चौकों की मदद से सर्वाधिक 50 रन बनाकर अश्विन की गेंद पर बोल्ड हुए, इससे पहले आठवें नंबर पर उतरकर परिपक्व बल्लेबाजी का प्रदर्शन करने वाले वाशिंगटन सुंदर पहले टेस्ट शतक से चार रन से चूक गए, लेकिन भारत ने पहली पारी में 365 रन बनाकर 160 रन की बढत ले ली।
21 वर्ष के खब्बू बल्लेबाज सुंदर ने 174 गेंद में 96 रन बनाए, लेकिन आखिरी तीन विकेट जल्दी गिरने से वह दूसरे छोर पर अकेले रह गए। भारत ने आखिरी तीन विकेट पांच गेंद के भीतर गंवा दिए। बेन स्टोक्स ने 27.4 ओवर में 89 रन देकर चार विकेट लिए। अपने पूर्व अंडर 19 साथी ऋषभ पंत की तरह शतक की ओर बढ रहे सुंदर ने अक्षर पटेल के साथ आठवें विकेट के लिए 106 रन जोड़कर भारत को विशाल बढत लेने से रोकने के इंग्लैंड के मंसूबों पर पानी फेर दिया। अक्षर ने 97 गेंद में 43 रन बनाए जिसमें जैक लीच को जड़ा एक छक्का शामिल है। दोनों बल्लेबाजों ने जोखिम भरे शॉट लगाने की बजाय इक्के दुक्के रन लेकर रनगति को बढाना जारी रखा । दोनों ने बखूबी स्ट्राइक रोटेट की और इंग्लैंड के गेंदबाजों को दबाव नहीं बनाने दिया। जेम्स एंडरसन ने 25 ओवर में 44 रन देकर तीन विकेट लिए। सुंदर ने अपनी पारी में दस चौके और एक छक्का लगाया जबकि अक्षर ने पांच चौके और एक छक्का जड़ा।