IND vs AUS: रायपुर में रिंकू के बाद रवि-अक्षर का कमाल, भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 20 रन से हराया; सीरीज भी जीता
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय टीम ने पहली बार कोई सीरीज खेली और इसमें जीत हासिल की है। इस मैच में रिंकू सिंह ने बल्ले से कमाल किया। वहीं, स्पिन गेंदबाजों ने जीत में अहम रोल अदा किया।
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भारत के लिए सबसे ज्यादा 46 रन रिंकू सिंह ने बनाए। यशस्वी जायसवाल ने 37 और जितेश शर्मा ने 35 रन का योगदान दिया। ऋतुराज गायकवाड़ 32 रन बनाकर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया के लिए बेन ड्वारिशस ने तीन और तनवीर सांघा-जेसन बेहरनडॉर्फ ने दो-दो विकेट लिए। एरोन हार्डी को एक विकेट मिला। इस मुकाबले में टीम इंडिया आखिरी दो ओवर में सिर्फ 13 रन बना पाई और पांच विकेट गंवा दिए। इसी वजह से भारत का स्कोर 200 रन के करीब नहीं पहुंच सका।
पहली पारी में क्या हुआ?
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान मैथ्यू वेड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने अंतिम एकादश में बदलाव करते हुए श्रेयस अय्यर, जितेश शर्मा, दीपक चाहर और मुकेश कुमार को शामिल किया। जायसवाल को अपना खाता खोलने में छह गेंदों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने फिर चौके के साथ अपना खाता खोला। उन्होंने तेज खेलना शुरू किया। पारी का तीसरा ओवर कर रहे ड्वारिशस के ओवर में उन्होंने तीन चौके लगाकर 12 रन बटोरे। 34 गेंदों में भारत के 50 रन पूरे हो गए थे, लेकिन इस बीच जायसवाल (37) हार्डी की गेंद को छक्का मारने के प्रयास में कैच दे बैठे।
लगातार दो ओवर में दो विकेट
पारी का आठवां ओवर कर रहे सांघा ने श्रेयस अय्यर (08) को ग्रीन के हाथों कैच आउट कराकर मेजबान टीम को बड़ा झटका दिया। अय्यर इस सीरीज में पहला मैच खेल रहे थे। पारी का नौवां ओवर कर रहे ड्वारिशस ने 63 के स्कोर पर सूर्यकुमार (01) के रूप में भारत को तीसरा झटका दिया। लगातार दो ओवर में भारत को दो झटके लगे। इसके बाद रिंकू सिंह खेलने आए। उन्होंने दूसरी गेंद पर चौका लगा दिया। हालांकि एक छोर पर ऋतुराज टिके रहे और अपने शॉट खेलते रहे। 10 ओवर तक भारत का स्कोर तीन विकेट पर 79 रन था।
रिंकू और गायकवाड़ ने जोड़े 48 रन
रिंकू ने शॉर्ट के ओवर में रिवर्स शॉट के साथ छक्का जड़ा। वह यहीं नहीं रुके और उन्होंने ड्वारिशस की गेंद पर आगे बढ़कर लेग साइड में शानदार छक्का जड़ दिया। इस बीच, गायकवाड़ ने सांघा की गेंद को चौका मारने के प्रयास में कैच दे बैठे। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए 31 गेंदों में 48 रन की साझेदारी हुई।
रिंकू और जितेश की जोड़ी ने चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया
रिंकू और जितेश ने खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजा जबकि अच्छी गेंदों को सम्मान भी दिया। जितेश ने ग्रीन को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में दो छक्के लगाकर 14 रन बनाए। 18वां ओवर करने आए बहरनडोर्फ की शुरुआती दो गेंदों में रिंकू ने चौके लगाकर टीम का स्कोर बोर्ड चलाना जारी रखा। जितेश ने 19वें ओवर की दूसरी गेंद पर चौका लगाया। यह ओवर बेन ड्वारिशस कर रहे थे। इस बीच, जितेश छक्के के प्रयास में सीमा रेखा के पास कैच दे बैठे। फिर अक्षर पटेल भी चलते बने। 19वें ओवर में भारत सात ही रन बना पाया।
आखिरी ओवर में रिंकू हुए आउट
भारत को 200 के करीब तक ले जाने का जिम्मा रिंकू के कंधों पर था, लेकिन वह पारी के आखिरी ओवर में बहरनडोर्फ की गेंद पर पगबाधा हो गए। इसके बाद टीम बड़े स्कोतर तक नहीं जा पाई। इसी ओवर की तीसरी गेंद पर दीपक चाहर भी पवेलियन लौट गए।
विश्वकप फाइनल के हीरो ट्रेविस हेड ने आक्रामक तेवर दिखाए और पारी का तीसरा ओवर कर रहे दीपक चाहर को निशाना बनाया। उन्होंने इस ओवर में चार चौके और एक छक्का जड़ दिया। इस ओवर में ऑस्ट्रेलिया को 22 रन मिले। अगले ओवर में बिश्नाई ने फिलिप को बोल्ड करके टीम को पहली सफलता दिलाई। भारतीय गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया को 10 ओवर तक तीन विकेट पर 76 रन बनाने दिए। 12वें ओवर में अक्षर ने मेकडेरमोट को बोल्ड करके टीम को मैच में बनाए रखा। चाहर ने टिम डेविड को जायसवाल के हाथों कैच आउट कराकर ऑस्ट्रेलिया को बड़ा झटका दिया।
अंत के ओवरों में ऑस्ट्रेलिया को तेजी से रन बनाने की जरूरत थी, लेकिन भारतीय तेज गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया। मुकेश की गेंद पर वेड ने छक्का जड़ा लेकिन यह नो बॉल हो गई। इसके बाद अगली गेंद पर फ्री हिट पर मुकेश ने अच्छा बचाव किया। अंत में वेड नाबाद रहे, लेकिन अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके।