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IND vs AUS 3rd Test: अपने घर में टॉस जीतने के बाद 11 साल में पहली बार हारा भारत, यहां पढ़ें अन्य रोचक आंकड़े
Sat, 04 Mar 2023 01:39 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 04 Mar 2023 01:39 PM IST
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भारतीय टीम
- फोटो :
सोशल मीडिया
विस्तार
भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच टीम इंडिया के लिए निराशाजनक रहा। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को नौ विकेट से हरा दिया। टीम इंडिया अपने बुने जाल में फंस गई। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स ने कहर बरपाते हुए भारत को हराने में मदद की।
दोनों टीमों के स्पिनरों को पहले दिन की शुरुआत से ही स्पिन के अनुकूल सतह से काफी मदद मिली थी। पहले दिन 14 में से 13 विकेट स्पिनर्स ने लिए थे। पूरे मैच के दौरान गिरे 31 विकेटों में से 26 स्पिनरों ने लिए, जबकि केवल चार विकेट तेज गेंदबाजों के खाते में गए। एक बल्लेबाज रन आउट हुआ। इस मैच में कई रोचक आंकड़े निकलकर सामने आए। आइए उनके बारे में जानते हैं-
भारतीय टीम 11 साल में पहली बार टॉस जीतने के बाद घरेलू टेस्ट में मैच हारी है। 2012 में भारत ने घरेलू मैदान में टॉस जीतने के बाद कोलकाता में इंग्लैंड के खिलाफ मैच गंवाया था। उसके बाद से इंदौर टेस्ट से पहले भारत ने घरेलू मैदानों में 22 मैचों में टॉस जीता जिसमें 19 में जीत मिली और तीन मैच ड्रॉ रहे थे। जहां तक बात ऑस्ट्रेलिया की है तो उसने टॉस हारने के बाद भारतीय धरती पर पिछला टेस्ट 1998 में बेंगलुरु में जीता था।
इंदौर में खेली गई चार पारियों में 1135 गेंदें फेंकी गईं। यह भारत की मेजबानी में नतीजा निकलने वाला सबसे कम समय (गेंदों के आधार पर) वाला चौथा मैच है। सबसे छोटा मैच 842 गेंदों का था जब 2021 में अहमदाबाद में इंग्लैंड की मेजबानी की थी। उसके बाद 968 गेंदों वाला भारत-बांग्लादेश टेस्ट था जो 2019 में कोलकाता मे खेला गया। इसके अलावा 2018 में अफगानिस्तान के खिलाफ खेला गया टेस्ट 1028 गेंदों तक चला था।
भारतीय टीम अपने घर में तीन दिन के अंदर छठा टेस्ट मैच हारी है। इससे पहले 2016/17 में ऑस्ट्रेलिया ने ही पुणे में, 2007/08 में दक्षिण अफ्रीका ने अहमदाबाद में, 2000/01 में ऑस्ट्रेलिया ने मुंबई में, 1999/00 में दक्षिण अफ्रीका ने मुंबई में और 1951/52 में इंग्लैंड ने कानपुर में भारत को तीन दिन के अंदर हराया था।
तीनों मैच जो अब तक इस टेस्ट सीरीज में खेले गए हैं उनमें टॉस हारने वाली टीम जीतने में सफल रही है। भारत की मेजबानी में यह चौथी द्विपक्षीय सीरीज है जिसमें तीन या ज्यादा मैच टॉस हारने वाली टीम ने जीते हैं।
3870 गेंद अब तक तीन टेस्ट मैचों में फेंकी गई है। 1900 के बाद केवल इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई सीरीज ही ऐसी है जिसमें पहले तीन मैचों में इससे कम 3411 गेंद फेंकी गई।
1998 में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस हारने के बाद बेंगलुरु में टेस्ट जीता था। 25 साल में ऑस्ट्रेलिया ने जो चार टेस्ट भारत में जीते उन सभी में टॉस जीता था।
टेस्ट क्रिकेट के 146 साल के इतिहास में आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ जब किसी ने टीम ने 76 रन के लक्ष्य का सफलता पूर्वक बचाव किया हो। इंदौर में जिस तरह पिच पर गेंद घूम रही थी, उससे यह रिकॉर्ड खतरे में पड़ता दिखाई दे रहा था, लेकिन यह महज कयास ही साबित हुआ। ऑस्ट्रेलिया ने सफलता पूर्वक 76 रन के लक्ष्य को एक विकेट खोकर आसानी हासिल कर तीसरे टेस्ट मैच को नौ विकेट से जीत लिया। इस जीत के साथ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया ने भारत की बढ़त को न सिर्फ 1-2 कर दिया बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी प्रवेश कर लिया। यह पिछले 10 सालों में अपनी धरती पर भारत की टेस्ट मैच में तीसरी हार है।
गेंद बदलते ही ऑस्ट्रेलिया ने जीता मैच
तीसरे दिन की सुबह दूसरी ही गेंद पर अश्विन ने पहली पारी में 60 रन बनाने वाले उस्मान ख्वाजा को विकेट के पीछे भरत के हाथों कैच कराकर बताया कि करिश्मा हो सकता है। 10 ओवर में ऑस्ट्रेलिया ने एक विकेट पर सिर्फ 13 रन बनाए थे और अश्विन शानदार गेंदबाजी कर रहे थे। यहां अंपायरों ने सीम उखड़ने के चलते गेंद को बदला और मैच का रुख पलट गया। गेंद बदले जाने से अश्विन नाखुश थे और इसका असर उनकी गेंदबाजी पर भी दिखा। अगले 8.5 ओवर में ऑस्ट्रेलिया ने 65 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया ने एक विकेट पर 78 रन बनाए। ट्रेविस हेड 49 और मार्नस लाबुशेन 28 रन बनाकर नाबाद रहेे।
तीसरे दिन की सुबह दूसरी ही गेंद पर अश्विन ने पहली पारी में 60 रन बनाने वाले उस्मान ख्वाजा को विकेट के पीछे भरत के हाथों कैच कराकर बताया कि करिश्मा हो सकता है। 10 ओवर में ऑस्ट्रेलिया ने एक विकेट पर सिर्फ 13 रन बनाए थे और अश्विन शानदार गेंदबाजी कर रहे थे। यहां अंपायरों ने सीम उखड़ने के चलते गेंद को बदला और मैच का रुख पलट गया। गेंद बदले जाने से अश्विन नाखुश थे और इसका असर उनकी गेंदबाजी पर भी दिखा। अगले 8.5 ओवर में ऑस्ट्रेलिया ने 65 रन बनाकर जीत हासिल कर ली। ऑस्ट्रेलिया ने एक विकेट पर 78 रन बनाए। ट्रेविस हेड 49 और मार्नस लाबुशेन 28 रन बनाकर नाबाद रहेे।
लियोन बने मैन ऑफ द मैच
छह साल में यह दूसरी बार है जब ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय धरत पर टीम इंडिया को टेस्ट में नतमस्तक किया। इससे पहले 2017 के पुणे टेस्ट में स्टीव स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने बड़ी जीत हासिल की थी। इस बार भी स्टीव स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया जीता है। तब स्वीट ओ कीफ ने मैच में 12 विकेट मैन ऑफ द मैच बनते हुए अपनी टीम को जिताया था। इस बार नॉथन लियोन ने मैच में 11 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच बनकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई।
छह साल में यह दूसरी बार है जब ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय धरत पर टीम इंडिया को टेस्ट में नतमस्तक किया। इससे पहले 2017 के पुणे टेस्ट में स्टीव स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने बड़ी जीत हासिल की थी। इस बार भी स्टीव स्मिथ की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया जीता है। तब स्वीट ओ कीफ ने मैच में 12 विकेट मैन ऑफ द मैच बनते हुए अपनी टीम को जिताया था। इस बार नॉथन लियोन ने मैच में 11 विकेट लेकर मैन ऑफ द मैच बनकर ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई।
टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए अब अहमदाबाद में जीतना होगा
भारत अगर इस टेस्ट मैच को जीत जाता तो उसका विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए टिकट पक्का हो जाता, लेकिन हुआ यहां उल्टा। ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल कर टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह पक्की कर ली। हालांकि ओवल में जून माह में होने वाला फाइनल इन दोनों देशों के बीच होने की ही उम्मीद है। भारत को अब फाइनल में पहुंचने के लिए नौ मार्च से शुरू हो रहा अहमदाबाद का चौथा टेस्ट जीतना होगा। अगर भारत इस मैच को नहीं जीतता है तो उसे श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच नौ मार्च से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा। भारत अगर चौथा टेस्ट नहीं जीतता है और श्रीलंका न्यूजीलैंड पर 2-0 से जीत हासिल करता है तो उसे फाइनल में प्रवेश में मिलेगा। अगर श्रीलंका 1-0 से जीतता है तो चौथे टेस्ट का जो भी परिणाम रहे, भारत फाइनल में पहुंचेगा।
भारत अगर इस टेस्ट मैच को जीत जाता तो उसका विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के लिए टिकट पक्का हो जाता, लेकिन हुआ यहां उल्टा। ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल कर टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में जगह पक्की कर ली। हालांकि ओवल में जून माह में होने वाला फाइनल इन दोनों देशों के बीच होने की ही उम्मीद है। भारत को अब फाइनल में पहुंचने के लिए नौ मार्च से शुरू हो रहा अहमदाबाद का चौथा टेस्ट जीतना होगा। अगर भारत इस मैच को नहीं जीतता है तो उसे श्रीलंका और न्यूजीलैंड के बीच नौ मार्च से शुरू हो रही दो टेस्ट मैचों की सीरीज के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा। भारत अगर चौथा टेस्ट नहीं जीतता है और श्रीलंका न्यूजीलैंड पर 2-0 से जीत हासिल करता है तो उसे फाइनल में प्रवेश में मिलेगा। अगर श्रीलंका 1-0 से जीतता है तो चौथे टेस्ट का जो भी परिणाम रहे, भारत फाइनल में पहुंचेगा।