{"_id":"66a07e9a727bc5be3e001631","slug":"hindi-commentator-sushil-doshi-s-book-the-art-and-science-of-cricket-published-by-chandrakant-pandit-2024-07-24","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Sushil Doshi: सुशील दोषी की किताब 'द आर्ट एंड साइंस ऑफ क्रिकेट' का विमोचन, चंद्रकांत पंडित रहे मौजूद","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Sushil Doshi: सुशील दोषी की किताब 'द आर्ट एंड साइंस ऑफ क्रिकेट' का विमोचन, चंद्रकांत पंडित रहे मौजूद
Wed, 24 Jul 2024 09:40 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Wed, 24 Jul 2024 09:40 AM IST
सार
सुशील दोषी महशहूर हिंदी कमेंटेटर हैं। उन्होंने भारत की अपनी भाषा हिंदी में कमेंट्री कर इस खेल को गांव-गांव के लोगों के बीच पहुंचाया और क्रिकेट लोकप्रियता बढ़ाने में अहम योगदान दिया।
विज्ञापन
कार्यक्रम के दौरान सुशील दोषी व अन्य
- फोटो : आयोजक
विस्तार
मशहूर हिंदी कमेंटेटर सुशील दोषी की किताब 'द आर्ट एंड साइंस ऑफ क्रिकेट' विमोचन हो गया है। इस किताब का विमोचक पूर्व टेस्ट खिलाड़ी और आईपीएल फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कोच चंद्रकांत पंडित ने किया। दिलचस्प बात यह है कि इस विषय पर यह देश की पहली पुस्तक है जो सुशील दोषी द्वारा लिखी गई है।
विज्ञापन
Trending Videos
इस किताब के विमोचन के दौरान संजय जगदाले, प्रकाशक नेशनल बुक ट्रस्ट, चंद्रकांत पंडित, एमपीसीए के सचिव संजीव राय और सिद्धियानी पाटनी मौजूद थे। मालूम हो कि सुशील दोषी महशहूर हिंदी कमेंटेटर हैं। उन्होंने भारत की अपनी भाषा हिंदी में कमेंट्री कर इस खेल को गांव-गांव के लोगों के बीच पहुंचाया और क्रिकेट लोकप्रियता बढ़ाने में अहम योगदान दिया। क्रिकेट कमेंटरी में उनके योगदान को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने उन्हें 'लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार' और भारत सरकार ने 2016 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। वह देश के पहले ऐसे कमेंटेटर हैं, जिनके नाम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के कमेंटरी बॉक्स का नाम रखा गया है। सुशील दोशी ने करीब 600 अंतरराष्ट्रीय मैचों में हिंदी कमेंटरी की है। उन्होंने कई देशों और कई चैनलों पर हिंदी कमेंटरी की है। पिछले पांच दशक से वे ऐसा करते आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
पहले भी लिख चुके हैं कई किताब
सुशील दोशी ने पहले भी कई किताबें भी लिखी हैं। इनमें 'खेल पत्रकारिता', 'क्रिकेट का महाभारत', 'भारतीय क्रिकेट की भूली-बिसरी यादें', 'क्रिकेट खिलाड़ियों का बचपन' और 'विश्व कप क्रिकेट' प्रमुख हैं। पेशे से इंजीनियर और उद्योगपति सुशील दोशी की पहचान हिंदी कमेंटेटर के रूप में स्थापित है। सुशील दोशी 10 विश्व कप मैचों की हिंदी में कमेंटरी करने वाले देश के पहले कमेंटेटर भी हैं। उनके द्वारा बनाई गई क्रिकेट की शब्दावली और कमेंटरी शैली आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।
सुशील दोशी ने पहले भी कई किताबें भी लिखी हैं। इनमें 'खेल पत्रकारिता', 'क्रिकेट का महाभारत', 'भारतीय क्रिकेट की भूली-बिसरी यादें', 'क्रिकेट खिलाड़ियों का बचपन' और 'विश्व कप क्रिकेट' प्रमुख हैं। पेशे से इंजीनियर और उद्योगपति सुशील दोशी की पहचान हिंदी कमेंटेटर के रूप में स्थापित है। सुशील दोशी 10 विश्व कप मैचों की हिंदी में कमेंटरी करने वाले देश के पहले कमेंटेटर भी हैं। उनके द्वारा बनाई गई क्रिकेट की शब्दावली और कमेंटरी शैली आज भी लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।