हिल गई है टीम इंडिया की बुनियाद: प्रभाकर
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सहवाग, गंभीर, कोहली सभी ने निराश किया है। ऐसे में हार के लिए कप्तान धोनी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। छावनी क्षेत्र स्थित एक होटल में मंगलवार को मीडिया से मुखातिब प्रभाकर ने कहा कि धोनी छोटे फार्मेट के दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं। टीम इंडिया के पास फिलहाल धोनी का विकल्प नहीं है।
बकौल प्रभाकर, रिवर्स स्विंग डालने वाले जहीर खान इकलौते गेंदबाज हैं। अगर वह टीम में नहीं हैं तो पेस अटैक की स्थिति क्या होगी किसी से छिपी नहीं। कुंबले हैं नहीं, भज्जी में पहले जैसा पैनापन नहीं। भारतीय स्पिन अटैक बेदम हो चुका है। स्पिनर्स 20 विकेट लेने की सोच भी नहीं सकते। बीच मैच में ही हथियार डाल देते हैं। ऐसी टीम से आप जीतने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं?
उन्होंने कहा कि ओपनर्स टीम की सबसे बड़ी समस्या हैं। तीन साल में एक भी ऐसी साझेदारी नहीं हुई जिसने जीत की बुनियाद रखी हो। टीम का चयन टी-20 पर आधारित होगा तो हश्र यही होगा। अब जमाना रिवर्स स्विंग का नहीं रिवर्स कट का है। फ्लेचर को हटाकर दादा (सौरव गांगुली) को टीम का कोच बनाए जाने के सवाल पर प्रभाकर ने कहा, ‘दादा नहीं परदादा भी आ जाएं तो भी टीम का कुछ होने वाला नहीं है। यदि ओपनर्स और बॉलिंग अटैक का यही हाल रहा तो आगामी इंग्लैंड सीरीज का भी भगवान ही मालिक है।’
धोनी की कप्तानी पर उठ रहे सवाल पर उन्होंने कहा कि नि:संदेह धोनी एक योग्य कप्तान हैं मगर उन्हें अपनी सोच में बदलाव लाना होगा। टीम की गेंदबाजी को मजबूत करने पर उन्हें ध्यान देना होगा। उन्हें सहवाग और रैना जैसे बैटिंग नहीं रविंद्र जडेजा सरीखे बॉलिंग आलराउंडर को ज्यादा से ज्यादा मौका देना होगा। प्रभाकर ने कहा कि यदि ओपनिंग और मध्यक्रम का प्रदर्शन लचर है तो टीम की बेहतरी के लिए धोनी को ऊपर आकर टीम को लीड करना होगा। वह दुनिया के बेस्ट मैच फिनिशर हैं।