सीओए के गर्म तेवर के आगे झुका हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, संविधान के मुताबिक कराए चुनाव
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प्रशासकों की समिति (सीओए) और हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन (एचसीए) के बीच चल रहे घमासान में हरियाणा सरकार के कूदने से यह मामला भाजपा बनाम कांग्रेस बन गया है। राज्य सरकार के प्रधान खेल सचिव की ओर से बीसीसीआई को एचसीए के मामले में हस्तक्षेप करने के बारे में लिखे जाने के बाद सीओए ने राज्य क्रिकेट एसोसिएशन को तलब कर लिया। हालांकि तलब करने से ठीक पहले बोर्ड के मुताबिक संविधान की अवमानना करती आ रही एचसीए ने न सिर्फ इसे पूरी तरह स्वीकार कर लिया बल्कि बृहस्पतिवार को एसोसिएशन के चुनाव भी करा डाले। अब यह पूरी तरह निर्वाचन अधिकारी पर निर्भर करेगा कि वह एचसीए को 23 अक्तूबर को होने वाले बोर्ड चुनाव में शामिल होने की अनुमति देते हैं या नहीं।
एचसीए की कमान अब तक कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के पोते अनिरुद्ध चौधरी के हाथ में थी, लेकिन उन्होंने लोढ़ा कमेटी की ओर से तैयार संविधान को स्वीकार कर इसकी प्रति न सिर्फ सीओए को भेज दी बल्कि खुद कूलिंग ऑफ पीरियड में चल गए। इससे पहले राज्य सरकार ने सीओए से हरियाणा के क्रिकेटरों के भविष्य का हवाला देकर कमेटी गठित करने को कहा था। यह पत्र मिलने के बाद ही सीओए ने एचसीए को तलब किया, लेकिन चुनाव कराने के चलते कोई नहीं गया।
कुलतार बने एचसीए के अध्यक्ष
चुनाव में एचसीए ने अपना अध्यक्ष कुलतार मलिक, सेक्रेटरी जनरल मृणाल ओझा और ट्रेजरॉर महेंदर सिंह को चुनकर इसकी जानकारी सीओए को दे दी। वहीं एचसीए का कहना है कि उनकी ओर से संविधान स्वीकार किए जाने के बाद उन्हें सरकार के हस्तक्षेप पर बुलाया गया है, जो गलत है। आईसीसी और आईओसी चार्टर के अनुसार सरकारी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अब सीओए सरकार के कहने पर उन्हें बुला रहे हैं।
रजत होंगे डीडीसीए के प्रतिनिधि
दिल्ली एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) की ओर से अध्यक्ष रजत शर्मा को बीसीसीआई की आम सभा में शामिल होने के लिए अपना प्रतिनिधि चुन लिया गया है। 23 अक्तूबर को होने वाले चुनाव में रजत को वोट देने का अधिकार दिया गया है। यह फैसला डीडीसीए ने सर्वसम्मति से लिया।