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जेम्स नीशम की कहानी: चार साल पहले डिप्रेशन में थे फिर 2019 वर्ल्डकप की हार ने निराश किया, अब जीत-हार से फर्क नहीं पड़ता
Thu, 11 Nov 2021 05:56 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Thu, 11 Nov 2021 05:56 PM IST
सार
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज जेम्स नीशम ने डिप्रेशन से बाहर आने के बाद खुद को इतना मजबूत बनाया है कि अब उनके ऊपर हार और जीत का ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है। वो अब अपनी टीम के लिए मैच जीतना चाहते हैं।
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इंग्लैंड को हराने के बाद जश्न मनाते कीवी खिलाड़ी और स्टाफ
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
टी-20 वर्ल्डकप के पहले सेमीफाइनल मैच में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को हराकर पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई है। इस मैच में कीवी ओपनर डेरिल मिशेल ने शानदार अर्धशतक लगाकर अपनी टीम को जीत दिलाई, लेकिन मैच पलटने का श्रेय जेम्स नीशम को ही जाता है। उन्होंने सिर्फ 10 गेंद में 26 रन बनाए और यह मैच न्यूजीलैंड के पक्ष में कर दिया। इसके बाद डेरिल मिशेल ने भी लगातार दो छक्के लगाए और एक ओवर रहते ही जीत हासिल कर ली। मैच खत्म होने के बाद पूरी कीवी टीम जीत का जश्न मना रही थी, लेकिन नीशन आराम से अपनी सीट पर बैठे थे। उनकी यह फोटो सोशल मीडिया पर काफी वायरल भी हुई।
नीशम ने बाद में सोशल मीडिया पर वही फोटो शेयर करते हुए लिखा कि अभी उनका काम पूरा नहीं हुआ है। इसी वजह से वो जश्न नहीं मना रहे थे। उनके इस निश्चय के पीछे कई वजहें हैं और इसकी कहानी 2015 वर्ल्डकप से जुड़ी हुई है। इस समय नीशम को न्यूजीलैंड की टीम में जगह नहीं मिली थी। इसके बाद साल 2017 में वो डिप्रेशन का शिकार हो गए।
2017 में डिप्रेशन का शिकार हुए नीशम
नीशम रोज सुबह उठते थे और चाहते थे कि बारिश हो जाए और उन्हें मैच न खेलना पड़े। ऐसे हालातों में न्यूजीलैंड क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन के मुखिया हीथ मिल्स ने उन्हें देखा। मिल्स इससे पहले जेसी राइडर जैसे खिलाड़ियों को डिप्रेशन में जाते देख चुके थे। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मिल्स ने नीशम की हालत समझी और उनसे बात की। लगभग दो हफ्ते बाद नीशम ने मिल्स को फोन कर बताया कि वो क्रिकेट छोड़ रहे हैं। ऐसे में मिल्स ने उनसे कहा कि ऐसा न करें, इसकी बजाय कुछ दिन का ब्रेक लें और देखें की कुछ हफ्तों बाद वो कैसा महसूस करते हैं। नीशम इसके लिए मान गए और जब वो कुछ हफ्तों बाद वापस आए तो वो फिर से क्रिकेट खेलने के लिए राजी थे।
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वापसी के बाद किया कमाल
ब्रेक से वापस आने के बाद नीशम ने तेजी से सुधार किया और क्रिकेट के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी खुद को मजबूत किया। मिल्स ने उनसे कहा कि एक समय में सिर्फ एक ही मैच पर ध्यान दो। नीशम ने ऐसा किया और उन्हें फिर से क्रिकेट में मजा आने लगा। इसके बाद वो लगातार बेहतर क्रिकेटर और बेहतर इंसान बने हैं।
2019 के वर्ल्डकप ने और मजबूत किया
2019 वर्ल्डकप में नीशम ने न्यूजीलैंड के लिए कमाल की बल्लेबाजी की थी। उन्होंने गेंद के साथ भी विकेट निकाले थे। फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर हुई और सुपर ओवर में भी नीशम ने इंग्लैंड के स्कोर की बराबरी करा दी थी। हालांकि मैच का नतीजा बाउंड्री की संख्या के आधार पर निकला। इसी वजह से नीशम काफी हताश हुए थे। उन्होंने ट्वीट कर अपनी निराशा भी जाहिर की थी और कहा था कि बच्चों खेल को अपना करियर मत बनाना। इसके अलावा कुछ भी करना।
अब जीत-हार का ज्यादा फर्क नहीं
नीशम अब बेहतर खिलाड़ी बन चुके हैं। वो लगातार गेंद और बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और मानसिक रूप से भी बहुत मजबूत हो चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में उन्होंने जो किया उससे उनके अंदर धोनी की झलक दिख रही थी। नीशम ने पहले ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर अपनी टीम को मुश्किल हालातों से बाहर निकाला और फिर मैच जीतने के बाद आराम से अपनी जगह पर बैठे रहे। उनकी टीम के सभी खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे, लेकिन वो फाइनल मैच के बारे में सोच रहे थे।
बाद में उन्होंने अपनी फोटो शेयर करते हुए बताया कि अभी उनका काम खत्म नहीं हुआ है।
मिल्स बोले बायो-बबल खिलाड़ियों के लिए खतरनाक
मिल्स ने नीशम के डिप्रेशन के बाद बायो बबल को लेकर भी बात की। उन्होंने भारतीय टीम का जिक्र करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को लगातार उनके घर और परिवार से दूर रखा जा रहा है। उनको लगातार मैच खेलने है और जीतने भी हैं। हारने पर उनको गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ियों के ऊपर बहुत ज्यादा दबाव डाला जा रहा है। ऐसे में खिलाड़ी बिखर सकते हैं। क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर कुछ किए जाने की जरूरत है।
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नीशम ने बाद में सोशल मीडिया पर वही फोटो शेयर करते हुए लिखा कि अभी उनका काम पूरा नहीं हुआ है। इसी वजह से वो जश्न नहीं मना रहे थे। उनके इस निश्चय के पीछे कई वजहें हैं और इसकी कहानी 2015 वर्ल्डकप से जुड़ी हुई है। इस समय नीशम को न्यूजीलैंड की टीम में जगह नहीं मिली थी। इसके बाद साल 2017 में वो डिप्रेशन का शिकार हो गए।
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2017 में डिप्रेशन का शिकार हुए नीशम
नीशम रोज सुबह उठते थे और चाहते थे कि बारिश हो जाए और उन्हें मैच न खेलना पड़े। ऐसे हालातों में न्यूजीलैंड क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन के मुखिया हीथ मिल्स ने उन्हें देखा। मिल्स इससे पहले जेसी राइडर जैसे खिलाड़ियों को डिप्रेशन में जाते देख चुके थे। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार मिल्स ने नीशम की हालत समझी और उनसे बात की। लगभग दो हफ्ते बाद नीशम ने मिल्स को फोन कर बताया कि वो क्रिकेट छोड़ रहे हैं। ऐसे में मिल्स ने उनसे कहा कि ऐसा न करें, इसकी बजाय कुछ दिन का ब्रेक लें और देखें की कुछ हफ्तों बाद वो कैसा महसूस करते हैं। नीशम इसके लिए मान गए और जब वो कुछ हफ्तों बाद वापस आए तो वो फिर से क्रिकेट खेलने के लिए राजी थे।
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वापसी के बाद किया कमाल
ब्रेक से वापस आने के बाद नीशम ने तेजी से सुधार किया और क्रिकेट के साथ-साथ मानसिक तौर पर भी खुद को मजबूत किया। मिल्स ने उनसे कहा कि एक समय में सिर्फ एक ही मैच पर ध्यान दो। नीशम ने ऐसा किया और उन्हें फिर से क्रिकेट में मजा आने लगा। इसके बाद वो लगातार बेहतर क्रिकेटर और बेहतर इंसान बने हैं।
2019 के वर्ल्डकप ने और मजबूत किया
2019 वर्ल्डकप में नीशम ने न्यूजीलैंड के लिए कमाल की बल्लेबाजी की थी। उन्होंने गेंद के साथ भी विकेट निकाले थे। फाइनल में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर हुई और सुपर ओवर में भी नीशम ने इंग्लैंड के स्कोर की बराबरी करा दी थी। हालांकि मैच का नतीजा बाउंड्री की संख्या के आधार पर निकला। इसी वजह से नीशम काफी हताश हुए थे। उन्होंने ट्वीट कर अपनी निराशा भी जाहिर की थी और कहा था कि बच्चों खेल को अपना करियर मत बनाना। इसके अलावा कुछ भी करना।
अब जीत-हार का ज्यादा फर्क नहीं
नीशम अब बेहतर खिलाड़ी बन चुके हैं। वो लगातार गेंद और बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और मानसिक रूप से भी बहुत मजबूत हो चुके हैं। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मैच में उन्होंने जो किया उससे उनके अंदर धोनी की झलक दिख रही थी। नीशम ने पहले ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर अपनी टीम को मुश्किल हालातों से बाहर निकाला और फिर मैच जीतने के बाद आराम से अपनी जगह पर बैठे रहे। उनकी टीम के सभी खिलाड़ी जीत का जश्न मना रहे थे, लेकिन वो फाइनल मैच के बारे में सोच रहे थे।
बाद में उन्होंने अपनी फोटो शेयर करते हुए बताया कि अभी उनका काम खत्म नहीं हुआ है।
Jimmy Neesham didn't move. pic.twitter.com/jbZrrQS4zX
— ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) November 10, 2021
मिल्स बोले बायो-बबल खिलाड़ियों के लिए खतरनाक
मिल्स ने नीशम के डिप्रेशन के बाद बायो बबल को लेकर भी बात की। उन्होंने भारतीय टीम का जिक्र करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को लगातार उनके घर और परिवार से दूर रखा जा रहा है। उनको लगातार मैच खेलने है और जीतने भी हैं। हारने पर उनको गंभीर आलोचना का सामना करना पड़ता है। खिलाड़ियों के ऊपर बहुत ज्यादा दबाव डाला जा रहा है। ऐसे में खिलाड़ी बिखर सकते हैं। क्रिकेट के शेड्यूल को लेकर कुछ किए जाने की जरूरत है।