भारत के लिए खेलने का अनुभव कोच के रूप में कुंबले के आएगा काम: अमरनाथ
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बतौर क्रिकेटर मोहिंदर अमरनाथ के जीवट के तो उनके प्रतिद्वंद्वी तक कायल रहे हैं। मुश्किलों से राह निकालने में जिमी यानी मोहिंदर का जवाब नहीं हैं। लाला अमरनाथ के मंझले बेटे मोहिंदर अमरनाथ टीम इंडिया के नव नियुक्त मुख्य क्रिकेट कोच अनिल कुंबले के जीवट के कायल हैं।
मोहिंदर अमरनाथ से कुंबले को भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच नियुक्त किए जाने पर जब अमर उजाला ने शनिवार को उनकी राय जाननी चाही तो वह ट्रेन में थे। अमरनाथ ने फोन पर बताया, अनिल कुंबले का भारत के लिए अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का करीब दो दशक लंबा अनुभव मुख्य कोच के रूप में बहुत काम आएगा। उनका यह अनुभव ही भारत के मुख्य क्रिकेट कोच के रूप में उनकी कामयाबी का सबब बनेगा।
अपने इसी लंबे अनुभव से जुझारू कुंबले बखूबी जानते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए क्या जरूरी है। वह भारतीय क्रिकेट की नब्ज जानते हैं। वह भारतीय क्रिकेट की रग-रग से वाकिफ हैं और ऐसे में मुझे उनके सामने भारत के मुख्य कोच के रूप में कोई चुनौती नजर नहीं आती। वह भारतीय क्रिकेट को अपने मार्गदर्शन में बहुत आगे ले जाएंगे।
25 जून को मोहिंदर अमरनाथ ने किया था कमाल
वह बताते हैं, भारत के मुख्य कोच के रूप में कुंबले पहला इम्तिहान अगले महीने वेस्ट इंडीज में उसके खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में होगा। कुंबले खुद वेस्ट इंडीज में खूब खेलें हैं और वहां की पिचों के मिजाज से वाकिफ हैं। इसके चलते उन्हें उसी के मुताबिक रणनीति बनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी।
विराट कोहली की अगुवाई में वेस्ट इंडीज के दौरे पर चुनी गई भारतीय टीम खासी संतुलित है। कुंबले आरसीबी के मेंटर के तौर पर विराट कोहली को बहुत करीब से देख चुके हैं। वह क्रिकेटर के रूप में विराट के मिजाज को खूब जानते हैं। विराट भी कुंबले से अच्छी तरह वाकिफ हैं और उनकी बहुत इज्जत करते हैं।
ऐसे में टीम इंडिया के मुख्य कोच कुंबले और कप्तान विराट की खूब जमेगी। कुंबले भारत के कप्तान के रूप में खासे आक्रामक रहे हैं। मुझे पूरी -उम्मीद है कि टीम इंडिया के कोच के रूप में भी कुंबले के तेवर इसी तरह आक्रामक रहेंगे।
अब जब कुंबले को भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच चुन ही लिया गया तो रवि शास्त्री उनसे इस होड़ में क्यों पिछड़ गए इस बाबत चर्चा बेमानी है। अब इस सबको पीछे छोड़ आगे की ओर देखना ही ज्यादा मुनासिब होगा।
बता दे कि 33 बरस पहले 25 जून के ही दिन मोहिंदर अमरनाथ के कमाल से भारत ने लॉडर्स में वेस्ट इंडीज को वन डे क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में 43 रन से हरा खिताब जीत नया इतिहास रचा था। तब अमरनाथ ने 26 रन की बेशकीमती पारी खेलने के साथ 12 रन देकर तीन विकेट चटका वेस्ट इंडीज के निचले क्रम को बिखेरा था।
Published By Rahul Sankrityayan